Saraikela-Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां के चांडिल में करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड का नया अनुमंडल अस्पताल बनकर तैयार है. अस्पताल में कई आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं. इसके बावजूद मरीजों को अब भी पुराने और जर्जर भवन में इलाज कराना पड़ रहा है. इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है. वे सवाल उठा रहे हैं कि जब नया अस्पताल तैयार है तो इसे शुरू क्यों नहीं किया जा रहा है?
पुराने अस्पताल में सुविधाओं की कमी
वर्तमान अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगी हुई हैं, लेकिन इनके संचालन का समय साफ नहीं है. लाखों रुपए की लागत से तैयार की गई लैब भी बंद पड़ी है.
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अस्पताल की बिजली व्यवस्था के लिए लगाया गया सोलर सिस्टम भी लंबे समय से खराब बताया जा रहा है. परिसर में लगी हाईमास्ट लाइट की स्थिति भी ठीक नहीं है. इसके अलावा अस्पताल परिसर में रखे पोलियो बॉक्स में बारिश का पानी जमा होने से संक्रमण का खतरा बना हुआ है.
डॉक्टर और एंबुलेंस की भी कमी
स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बड़ी समस्या डॉक्टरों और एंबुलेंस की कमी है. जानकारी के अनुसार, अस्पताल को बेहतर तरीके से चलाने के लिए करीब 13 डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन इसके मुकाबले डॉक्टरों की संख्या काफी कम है. वहीं, जरूरत के अनुसार एंबुलेंस की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है. फिलहाल केवल एक एंबुलेंस के काम करने की बात सामने आई है.
नए अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं मौजूद
दूसरी ओर, चांडिल के गांगुडीह में नया अस्पताल भवन तैयार है. करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से बने इस अस्पताल में 50 बेड की सुविधा है. यहां ऑपरेशन थिएटर, लैब, लेबर रूम, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. डॉक्टरों और कर्मचारियों के रहने के लिए आवास की व्यवस्था भी की गई है. इसके बावजूद अस्पताल का उद्घाटन और नियमित संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में करोड़ों रुपए की लागत से तैयार भवन का इस्तेमाल नहीं हो पाने पर सवाल उठ रहे हैं.
सड़क हादसों के बीच अस्पताल शुरू होना जरूरी
चांडिल से एनएच-32 और एनएच-33 गुजरते हैं. इन सड़कों पर लगातार सड़क हादसे होते रहते हैं. ऐसे में अगर नया अस्पताल शुरू हो जाए तो हादसों में घायल लोगों को समय पर इलाज मिल सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल का संचालन जल्द शुरू होना बेहद जरूरी है.
उद्घाटन के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार
सिविल सर्जन के मुताबिक, नया अस्पताल भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जा चुका है. अस्पताल के उद्घाटन के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार भी किया गया है. उनका कहना है कि उद्घाटन होते ही अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. अब चांडिल के लोगों की नजर इस बात पर है कि करोड़ों रुपए की लागत से तैयार यह अस्पताल आखिर कब मरीजों के लिए खोला जाएगा. स्थानीय लोगों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल का जल्द संचालन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने का इंतजार है.

अशोक कुमार
अशोक कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राजनीति, क्राइम और ऑफबीट खबरों में दिलचस्पी रखने के कारण इन क्षेत्रों की खबरों पर बेहतरीन पकड़ है. नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ पढ़ने-लिखने का शौक रखते हैं. झारखंड की स्थानीय न्यूज़ चैनल में विभिन्न पदों पर काम करने के साथ-साथ, इन्होंने एपीएन न्यूज़ में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है. अशोक कुमार ने झारखंड में पिछले 7 वर्षों के दौरान हुई छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचलों को रिपोर्ट किया है. वर्तमान में वो टीवी9 डिजिटल से जुड़े हैं.
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