सूरजपुर में म्यूल बैंक अकाउंट की जांच से 21 राज्यों तक फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ। 150 खातों में 113 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन, आरोपी गिरफ्तार।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- Published: 24 Aug 2026, 03:31 PM IST
- Last Updated: 24 Aug 2026, 03:31 PM IST
नौशाद अहमद- सूरजपुर। म्यूल बैंक अकाउंट की जांच करते हुए सूरजपुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साइबर अपराध का यह नेटवर्क देश के करीब 21 राज्यों तक फैला हुआ है। करीब 150 बैंक खातों के जरिए 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम का लेनदेन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
I4C पोर्टल से मिली साइबर ठगी की जानकारी
दरअसल, सूरजपुर थाने में म्यूल बैंक अकाउंट से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी I4C यानी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के ज्वाइंट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन पोर्टल के जरिए मिली। पोर्टल से मिली जानकारी में करीब 150 अलग-अलग बैंक खातों के साइबर धोखाधड़ी से जुड़े होने और इन खातों में 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी सामने आई। इसके बाद सूरजपुर पुलिस ने संबंधित खातों और उनसे जुड़े लोगों की जांच शुरू की।
सूरजपुर में म्यूल बैंक अकाउंट की जांच से 21 राज्यों तक फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ। 150 खातों में 113 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन, आरोपी गिरफ्तार। pic.twitter.com/2KQxRIXDDm
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सूरजपुर के म्यूल अकाउंट तक पहुंची साइबर फ्रॉड की रकम
जांच के दौरान साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कुछ रकम सूरजपुर के एक म्यूल बैंक अकाउंट में पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने इस खाते और इससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक यह म्यूल अकाउंट D.N. चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम की एजुकेशन संस्था से जुड़ा हुआ था। भारतीय स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में संस्था के नाम से संचालित खाते को देवनारायण चक्रधारी और महेश कुमार चक्रधारी से जोड़ा गया था।
संस्था से जुड़े महेश चक्रधारी गिरफ्तार
जांच में साइबर अपराध से जुड़े लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संस्था से जुड़े महेश कुमार चक्रधारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी साइबर फ्रॉड के एक मामले में जेल में निरुद्ध रह चुका है। हालांकि, इस मामले में उसके खाते में अब तक साइबर ठगी की कितनी रकम पहुंची और कितने बैंक खातों से उसका सीधा कनेक्शन रहा है, इसकी जांच अभी जारी है।
देवनारायण चक्रधारी फरार, गिरफ्तारी के लिए दबिश
वहीं, मामले में देवनारायण चक्रधारी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही जांच में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका भी पुलिस की रडार पर है।
रकम कहां गई, इसकी भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपी के खाते में साइबर फ्रॉड की कितनी रकम पहुंची और उस रकम को आगे किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन और खातों से जुड़े अन्य कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में आने वाले समय में इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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