Balha Assembly Caste Equations: बलहा के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी गणित

Published on 25 सित॰ 2026

Balha Assembly Caste Equations की सबसे बड़ी विशेषता अनुसूचित जाति मतदाताओं की मजबूत मौजूदगी है। पुराने विधानसभा-स्तरीय आकलनों में दलित मतदाता करीब 80 हजार, मुस्लिम करीब 70 हजार और OBC मतदाता लगभग 50 हजार बताए गए थे। बलहा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है, इसलिए यहां जातिगत समीकरण केवल दलित मतदाताओं तक सीमित नहीं रहता। मुस्लिम, पिछड़ा वर्ग और दूसरे सामाजिक समूहों का वोट भी चुनावी मुकाबले की संरचना में महत्वपूर्ण रहता है। 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद बलहा में मतदाता संख्या पुराने 3.7 लाख से अधिक के स्तर से घटकर करीब 3.11 लाख के आसपास रह गई है। सीट पर 66,571 मतदाताओं यानी 17.61 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

बलहा विधानसभा संख्या 282 बहराइच जिले की अनुसूचित जाति आरक्षित सीट है और बहराइच लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मौजूदा विधायक सरोज सोनकर हैं। उन्होंने 2022 में 1,00,483 वोट हासिल किए और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को 16,573 मतों से हराया।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

बहराइच जिले के   बलहा  विधानसभा के 2012 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

बलहा विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभाबलहा
विधानसभा संख्या282
जिलाबहराइच
लोकसभा क्षेत्रबहराइच
आरक्षणअनुसूचित जाति
वर्तमान विधायकसरोज सोनकर
पार्टीभारतीय जनता पार्टी
2026 अनुमानित मौजूदा वोटर बेसकरीब 3.11 लाख
SIR में मतदाता कमी66,571
कमी का प्रतिशत17.61%
2022 कुल मतदाता3,63,410
2022 विजेतासरोज सोनकर, BJP
2022 विजेता के वोट1,00,483
2022 जीत का अंतर16,573
प्रमुख पुराने सामाजिक समूहदलित, मुस्लिम, OBC व अन्य
2026 उपलब्ध मतदान भागकरीब 403

2022 के विधानसभा चुनाव के समय बलहा में 3,63,410 मतदाता दर्ज थे। 2025 के उपलब्ध मतदाता आंकड़ों में यह संख्या 3,76,910 तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2026 के SIR में बड़ी संख्या में नाम हटे और विधानसभा के वोटर बेस में करीब 17.61 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

Balha Assembly Caste Equations: दलित, मुस्लिम और OBC मुख्य सामाजिक आधार

Balha Assembly Caste Equations के पुराने स्थानीय आकलन में अनुसूचित जाति मतदाता सबसे बड़ा सामाजिक समूह माने गए हैं। दलित मतदाताओं की संख्या लगभग 80 हजार, मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 70 हजार और OBC मतदाताओं की संख्या लगभग 50 हजार बताई गई थी।

यह आंकड़ा उस समय का है जब विधानसभा में कुल मतदाता करीब 3.5 लाख माने जाते थे। 2026 में मतदाता सूची में बड़े बदलाव के बाद इन पुरानी जाति-वार संख्याओं को मौजूदा आधिकारिक संख्या नहीं माना जा सकता।

बलहा विधानसभा का पुराना संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराना संकेतात्मक अनुमानचुनावी संदर्भ
अनुसूचित जाति/दलितकरीब 80,000सबसे बड़ा पुराना सामाजिक आधार
मुस्लिमकरीब 70,000दूसरा बड़ा अनुमानित समूह
OBCकरीब 50,000विभिन्न पिछड़े समुदायों का संयुक्त अनुमान
अन्य सवर्ण/OBC/समुदायअलग विश्वसनीय संख्या उपलब्ध नहींक्षेत्रवार मौजूदगी
2026 का मौजूदा वोटर बेसकरीब 3.11 लाखSIR के बाद का वर्तमान आधार

पुराने जातिगत आंकड़ों को 2026 के कुल मतदाताओं के अनुपात में सीधे घटाकर नई जाति-वार संख्या निकालना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। मतदाता सूची जाति के आधार पर प्रकाशित नहीं होती और यह प्रमाणित नहीं है कि SIR में हर सामाजिक समुदाय के मतदाता समान अनुपात में घटे।

बलहा वोटर लिस्ट 2026: करीब 3.11 लाख का नया आधार

बलहा में 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण का बड़ा प्रभाव पड़ा। विधानसभा क्षेत्र में 66,571 मतदाता कम हुए, जो पुराने आधार का करीब 17.61 प्रतिशत है। बहराइच जिले में भी SIR के बाद कुल मतदाता संख्या 26.48 लाख के आसपास से घटकर 22,21,435 रह गई।

जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर मतदाता संख्या में कमी दर्ज हुई।

बहराइच जिले में 2026 SIR के दौरान मतदाता कमी

विधानसभामतदाता कमी
बहराइच सदर90,508
नानपारा72,138
बलहा66,571
कैसरगंज61,969
मटेरा47,474
महसी45,842
पयागपुर41,702

बलहा में मतदाता संख्या की गिरावट जिले की बड़ी कटौतियों में शामिल रही। इस बदलाव के कारण 2027 के चुनाव का बूथ-स्तरीय गणित 2022 के पुराने मतदाता आधार से अलग होगा।

बलहा में बदलता मतदाता आधार

बलहा में पिछले डेढ़ दशक में मतदाता संख्या लगातार बदली है। 2012 में कुल 2,90,660 मतदाता थे। 2017 में संख्या बढ़कर करीब 3.49 लाख और 2022 में 3,63,410 हो गई। 2025 में उपलब्ध आंकड़ा 3,76,910 था, लेकिन 2026 SIR के बाद मौजूदा आधार करीब 3.11 लाख के आसपास आ गया है।

वर्षकुल मतदाता
20122,90,660
2017करीब 3,49,477
20223,63,410
20253,76,910
2026करीब 3.11 लाख

यह अंतर बताता है कि जातिगत समीकरण का विश्लेषण करते समय पुराने कुल मतदाताओं को वर्तमान संख्या मानना उचित नहीं होगा।

अनुसूचित जाति वोट बलहा के जातिगत समीकरण की सबसे बड़ी धुरी

बलहा अनुसूचित जाति आरक्षित सीट है। पुराने जातिगत अनुमान में करीब 80 हजार दलित मतदाता बताए गए थे। इसी वजह से अनुसूचित जाति समुदाय के भीतर अलग-अलग उपसमूहों का समर्थन प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ रहता है।

आरक्षित सीट होने का अर्थ यह है कि प्रमुख प्रत्याशी अनुसूचित जाति समुदाय से होते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के लिए केवल SC मतदाताओं का समर्थन पर्याप्त मानना सही नहीं होगा।

2022 में विजेता सरोज सोनकर को एक लाख से अधिक वोट मिले। यह पुराने 80 हजार दलित मतदाताओं के अनुमान से अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि विजयी प्रत्याशी को दूसरे सामाजिक समूहों से भी समर्थन मिला होगा। मतदान गोपनीय होने के कारण किसी जाति के वास्तविक वोट ट्रांसफर की आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं होती।

मुस्लिम मतदाता पुराने अनुमान में करीब 70 हजार

बलहा विधानसभा के पुराने जातिगत समीकरण में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 70 हजार बताई गई थी। यह दलित समुदाय के बाद दूसरा बड़ा अनुमानित सामाजिक आधार था।

बहराइच जिले के पुराने समग्र सामाजिक आकलन में भी मुस्लिम आबादी को बड़ा समूह माना गया था। हालांकि जिला स्तर की सामाजिक संरचना को सीधे बलहा विधानसभा पर लागू नहीं किया जा सकता।

2026 की मतदाता सूची में मुस्लिम मतदाताओं की अलग आधिकारिक विधानसभा-वार संख्या उपलब्ध नहीं है। इसलिए करीब 70 हजार का आंकड़ा केवल पुराने चुनावी संदर्भ के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

OBC वोट करीब 50 हजार के पुराने अनुमान में

बलहा में पुराने अनुमान के अनुसार OBC मतदाताओं की संख्या करीब 50 हजार थी। इस श्रेणी में कई अलग-अलग पिछड़े समुदाय शामिल हैं।

OBC को एक समान राजनीतिक समूह मानना उचित नहीं है। अलग-अलग समुदायों की स्थानीय सामाजिक संरचना, प्रत्याशी से संबंध और चुनावी प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं।

इसी कारण बलहा के जातिगत समीकरण में केवल “दलित-मुस्लिम” जोड़ देखने के बजाय OBC समूहों के मतदान वितरण को भी अलग चुनावी संदर्भ माना जाता है।

बलहा सुरक्षित सीट पर गैर-SC वोट भी क्यों महत्वपूर्ण?

आरक्षित सीट पर केवल प्रत्याशी की जातीय पहचान से चुनावी परिणाम तय नहीं होता। पुराने अनुमानों के अनुसार मुस्लिम और OBC मतदाताओं की संख्या मिलाकर करीब 1.20 लाख थी, जो अनुसूचित जाति के पुराने 80 हजार के अनुमान से काफी अधिक बैठती है।

इसका अर्थ किसी निश्चित राजनीतिक गठजोड़ से नहीं है, बल्कि यह बताता है कि किसी भी प्रत्याशी को व्यापक सामाजिक समर्थन की आवश्यकता होती है।

2017, 2019 और 2022 में विजेता उम्मीदवारों को मिले वोट भी इसी व्यापक समर्थन की ओर संकेत करते हैं।

2022 में सरोज सोनकर ने हासिल किए 1 लाख से अधिक वोट

2022 के विधानसभा चुनाव में BJP की सरोज सोनकर ने 1,00,483 वोट हासिल किए। समाजवादी पार्टी के अक्षयबर नाथ कनौजिया को 83,910 वोट मिले। जीत का अंतर 16,573 रहा। BSP प्रत्याशी को 15,578 वोट मिले।

बलहा विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
सरोज सोनकरBJP1,00,48347.4%
अक्षयबर नाथ कनौजियाSP83,91039.6%
रामचंद्रBSP15,578करीब 7.3%
NOTA—2,689करीब 1.3%
जीत का अंतरBJP16,573—

2022 में कुल 2,12,123 वोट पड़े और मतदान करीब 58.4 प्रतिशत रहा। BJP और SP के बीच मुख्य मुकाबला रहा, जबकि BSP का वोट शेयर पिछले कुछ चुनावों की तुलना में कम था।

2019 के उपचुनाव में जीत का अंतर था 46 हजार से अधिक

2019 के उपचुनाव में सरोज सोनकर ने 89,641 वोट हासिल किए थे। समाजवादी पार्टी की किरन भारती को 43,154 और BSP के रमेश चंद्र को 31,640 वोट मिले थे। जीत का अंतर 46,487 था।

बलहा विधानसभा उपचुनाव 2019

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
सरोज सोनकरBJP89,64148.34%
किरन भारतीSP43,15423.27%
रमेश चंद्रBSP31,64017.06%
बैजनाथअन्य5,7453.10%
जीत का अंतरBJP46,487—

2019 और 2022 के परिणामों की तुलना करें तो विजेता दल समान रहा, लेकिन मुख्य प्रतिद्वंद्वी के वोट और जीत के अंतर में बड़ा बदलाव आया।

2017 में BJP को मिले थे 51 प्रतिशत से अधिक वोट

2017 में BJP के अक्षयवर लाल ने 1,04,135 वोट हासिल किए और BSP की किरन भारती को 57,519 वोट मिले। जीत का अंतर 46,616 था। SP के प्रत्याशी को 29,349 वोट मिले थे।

बलहा विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
अक्षयवर लालBJP1,04,13551.5%
किरन भारतीBSP57,51928.4%
बंशीधर बौद्धSP29,34914.5%
NOTA—3,382करीब 1.7%
जीत का अंतरBJP46,616—

2017 में BJP का वोट शेयर 50 प्रतिशत से अधिक था। 2022 में पार्टी का वोट शेयर करीब 47 प्रतिशत रहा, जबकि SP का वोट 2017 के मुकाबले काफी बढ़ा।

2012 में भी BJP ने जीती थी बलहा सीट

2012 में BJP की सावित्री बाई फुले ने 58,823 वोट लेकर बलहा सीट जीती थी। BSP की किरन भारती को 38,895 और SP के शब्बीर अहमद को 35,073 वोट मिले। जीत का अंतर 19,928 था।

बलहा विधानसभा चुनाव 2012

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
सावित्री बाई फुलेBJP58,82333.2%
किरन भारतीBSP38,89521.9%
शब्बीर अहमदSP35,07319.8%
पूनम किशोरकांग्रेस20,97411.8%
जीत का अंतरBJP19,928—

2012 में मुकाबला कई दलों के बीच बंटा था। 2017 में विजेता उम्मीदवार का वोट शेयर 50 प्रतिशत से ऊपर गया, जबकि 2022 में BJP और SP के बीच अंतर अपेक्षाकृत कम रहा।

बलहा का हालिया चुनावी इतिहास

चुनावविजेतापार्टीविजेता के वोटजीत का अंतर
2012सावित्री बाई फुलेBJP58,82319,928
2017अक्षयवर लालBJP1,04,13546,616
2019 उपचुनावसरोज सोनकरBJP89,64146,487
2022सरोज सोनकरBJP1,00,48316,573

हाल के विधानसभा चुनावों में BJP ने सीट पर लगातार जीत दर्ज की है। यह ऐतिहासिक परिणाम है; इससे 2027 का परिणाम स्वतः तय नहीं होता, क्योंकि मतदाता सूची, प्रत्याशी, गठबंधन और चुनावी परिस्थितियां बदल सकती हैं।

2024 लोकसभा चुनाव में बलहा खंड का क्या रहा रुझान?

2024 के लोकसभा चुनाव में बलहा विधानसभा खंड से BJP प्रत्याशी आनंद कुमार को 1,08,086 वोट मिले। SP प्रत्याशी रमेश चंद्र को 90,749 और BSP को 11,505 वोट मिले। BJP और SP के बीच अंतर 17,337 वोट था।

लोकसभा चुनाव 2024: बलहा विधानसभा खंड

पार्टीवोटवोट प्रतिशत
BJP1,08,08649.72%
SP90,74941.75%
BSP11,5055.29%
BJP-SP अंतर17,337—

2022 विधानसभा चुनाव में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच अंतर 16,573 वोट था, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बलहा खंड में यह अंतर 17,337 रहा। दोनों चुनावों के आंकड़े करीब दिखाई देते हैं, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग संदर्भ में होते हैं और इन्हें सीधे 2027 के परिणाम का संकेत नहीं माना जा सकता।

2017 से 2024 तक BJP-SP वोट अंतर कैसे बदला?

चुनावBJP वोटSP वोटअंतर
विधानसभा 20171,04,13529,34974,786*
2019 उपचुनाव89,64143,15446,487
विधानसभा 20221,00,48383,91016,573
लोकसभा खंड 20241,08,08690,74917,337

*2017 में BSP दूसरे स्थान पर थी; BJP-SP अंतर यहां केवल दोनों दलों के वोट की तुलना है, आधिकारिक जीत का अंतर नहीं।

इस तालिका से अलग-अलग चुनावों में BJP और SP के बीच वोट अंतर के बदलने की तस्वीर मिलती है। इससे भविष्य का परिणाम निर्धारित नहीं किया जा सकता।

BSP के वोट में आया बड़ा बदलाव

बलहा के चुनावी इतिहास में BSP ने कई चुनावों में उल्लेखनीय वोट हासिल किए हैं। 2012 में पार्टी को 38,895 और 2017 में 57,519 वोट मिले थे। 2019 के उपचुनाव में यह संख्या 31,640 और 2022 में 15,578 रही।

चुनावBSP वोट
201238,895
201757,519
2019 उपचुनाव31,640
202215,578
2024 लोकसभा खंड11,505

पुराने दलित-बहुल सामाजिक ढांचे को देखते हुए BSP का प्रदर्शन जातिगत समीकरण के विश्लेषण का एक संदर्भ है, लेकिन पार्टी के कुल वोट को केवल अनुसूचित जाति वोट मानना सही नहीं होगा।

दलित-मुस्लिम-OBC समीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

पुराने अनुमान में दलित करीब 80 हजार, मुस्लिम करीब 70 हजार और OBC मतदाता लगभग 50 हजार बताए गए थे। इन तीन व्यापक समूहों का आकार बलहा की सामाजिक विविधता दिखाता है।

लेकिन इनके वोट को किसी पार्टी के खाते में निश्चित रूप से जोड़ना संभव नहीं है। अनुसूचित जाति के भीतर कई उपसमूह हैं, OBC श्रेणी कई अलग जातियों से मिलकर बनती है और मुस्लिम मतदाताओं का मतदान व्यवहार भी प्रत्याशी तथा स्थानीय परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है।

इसी वजह से बलहा विधानसभा का जातिगत समीकरण केवल समुदायों की संख्या जोड़ने से पूरा नहीं होता।

2026 की नई मतदाता सूची ने पुराने जातिगत गणित को भी बदला

2022 में बलहा में 3,63,410 मतदाता थे। 2025 में संख्या 3,76,910 तक पहुंची थी। SIR 2026 में सीट पर 66,571 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई, जो 17.61 प्रतिशत के आसपास है।

इस बड़े बदलाव के बाद पुराने जाति-वार आंकड़ों को जस का तस वर्तमान मतदाता संख्या मानना उचित नहीं होगा।

2027 में बूथ-स्तरीय राजनीतिक गणना के लिए नई सूची अधिक महत्वपूर्ण होगी। किस क्षेत्र में कितने मतदाता जुड़े या हटे, इसका प्रभाव अलग-अलग बूथों पर अलग हो सकता है।

पूरी तरह ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र का भी चुनावी असर

बलहा विधानसभा बहराइच के नेपाल सीमा से जुड़े ग्रामीण इलाके में स्थित है। विधानसभा क्षेत्र में मिहींपुरवा और बलहा क्षेत्र शामिल हैं और इसके कई हिस्से जंगल, नदी तथा सीमावर्ती ग्रामीण भूगोल से जुड़े हैं।

ऐसे क्षेत्रों में सड़क, बाढ़, कटान, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, वन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे, कृषि और सरकारी योजनाओं की पहुंच जातिगत समीकरण के समानांतर मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

इसलिए 2027 के चुनावी विश्लेषण में केवल जाति-वार आंकड़े पर्याप्त नहीं होंगे।

महिला और युवा मतदाता भी अलग चुनावी वर्ग

बहराइच जिले की 2026 अंतिम सूची में कुल 22,21,435 मतदाता हैं, जिनमें 10,08,786 महिला मतदाता शामिल हैं।

बलहा की विधानसभा-वार महिला संख्या का विश्वसनीय संक्षिप्त सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध स्रोतों में अलग से नहीं मिला, इसलिए उसका अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

महिला मतदाता जाति के भीतर अलग राजनीतिक प्राथमिकताएं रख सकती हैं। राशन, आवास, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और घरेलू अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे मतदान व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

2027 में बलहा के जातिगत समीकरण की प्रमुख धुरियां

चुनावी-सामाजिक धुरीउपलब्ध स्थिति
अनुसूचित जातिपुराने अनुमान में करीब 80 हजार
मुस्लिमपुराने अनुमान में करीब 70 हजार
OBCपुराने अनुमान में करीब 50 हजार
सीट का आरक्षणअनुसूचित जाति
2022 BJP वोट1,00,483
2022 SP वोट83,910
2022 BSP वोट15,578
2024 लोकसभा खंड BJP वोट1,08,086
2024 लोकसभा खंड SP वोट90,749
SIR 2026 मतदाता कमी66,571
वर्तमान कुल आधारकरीब 3.11 लाख

यह तालिका सामाजिक संरचना और पिछले चुनावों की तस्वीर देती है। इससे किसी समुदाय का निश्चित पार्टी समर्थन या 2027 का चुनाव परिणाम निर्धारित नहीं किया जा सकता।

BJP के संदर्भ में 2027 का चुनावी गणित

BJP ने 2012, 2017 और 2022 के सामान्य विधानसभा चुनावों में बलहा सीट जीती। 2019 के उपचुनाव में भी पार्टी की सरोज सोनकर विजयी रहीं।

2022 में पार्टी को 1,00,483 वोट मिले और जीत का अंतर 16,573 रहा। 2024 लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा खंड में BJP प्रत्याशी ने SP प्रत्याशी से 17,337 अधिक वोट हासिल किए।

2027 में पिछली चुनावी बढ़त, नई मतदाता सूची, प्रत्याशी चयन और अलग-अलग SC, OBC, मुस्लिम तथा दूसरे सामाजिक समूहों में समर्थन का वितरण पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े तथ्यात्मक संदर्भ होंगे।

SP के संदर्भ में बदला वोट अंतर

2017 विधानसभा चुनाव में SP को बलहा में 29,349 वोट मिले थे। 2019 उपचुनाव में पार्टी का वोट बढ़कर 43,154 और 2022 में 83,910 हो गया। 2024 लोकसभा चुनाव में विधानसभा खंड से SP प्रत्याशी को 90,749 वोट मिले।

ये आंकड़े अलग-अलग चुनावों में पार्टी को मिले वोट की दिशा दिखाते हैं, लेकिन सामान्य विधानसभा, उपचुनाव और लोकसभा चुनाव के राजनीतिक संदर्भ अलग होते हैं।

2027 में किसी पिछले चुनाव के वोट को स्वतः दोहराया हुआ नहीं माना जा सकता।

BSP की भूमिका भी जातिगत समीकरण का हिस्सा

बलहा के पुराने सामाजिक आकलन में दलित मतदाता सबसे बड़ा समूह हैं, जबकि BSP ने 2017 में 57,519 वोट हासिल किए थे। 2022 में पार्टी को 15,578 मत मिले।

इसलिए 2027 में BSP या किसी तीसरे प्रमुख प्रत्याशी के वोट का स्तर पूरे चुनावी वोट वितरण का एक संदर्भ रहेगा। किसी दल के घटे वोट को दूसरे दल के पक्ष में स्वतः ट्रांसफर मानना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

बलहा विधानसभा का 2027 चुनावी गणित

बलहा विधानसभा का जातिगत समीकरण अनुसूचित जाति आरक्षण और बड़े दलित सामाजिक आधार से शुरू होता है, लेकिन वहीं समाप्त नहीं होता। पुराने चुनावी अनुमानों में करीब 80 हजार दलित, 70 हजार मुस्लिम और लगभग 50 हजार OBC मतदाता बताए गए थे। इन समूहों के अलावा अन्य पिछड़े और सवर्ण समुदाय भी विधानसभा की सामाजिक संरचना का हिस्सा हैं।

पिछले चुनावों में भी वोट वितरण लगातार बदला है। 2017 में BJP को 1.04 लाख वोट और BSP को 57 हजार से अधिक वोट मिले। 2019 उपचुनाव में SP दूसरे स्थान पर आई और 2022 में उसके वोट बढ़कर 83,910 हो गए। उसी चुनाव में BJP ने 1,00,483 वोट के साथ 16,573 की बढ़त दर्ज की।

2024 के लोकसभा चुनाव में बलहा खंड में BJP और SP के बीच अंतर 17,337 वोट रहा। यह हाल का उपयोगी चुनावी आंकड़ा है, लेकिन इससे 2027 विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं होता।

2027 के लिए सबसे बड़ा नया तथ्य 2026 की संशोधित मतदाता सूची है। बलहा में 66,571 मतदाता कम हुए और वोटर बेस करीब 3.11 लाख के आसपास आ गया। ऐसे में पुराने 3.5 से 3.7 लाख वाले आधार पर बनी राजनीतिक गणना को नई सूची के अनुसार देखना जरूरी होगा।

बलहा विधानसभा के जातिगत समीकरण को समझने का सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि पुराने जाति-वार आंकड़ों को सामाजिक अनुमान माना जाए, जबकि 2026 के नए वोटर बेस, पिछले चुनाव परिणाम, मतदान प्रतिशत, प्रत्याशी और स्थानीय मुद्दों को अलग-अलग तथ्यात्मक आधार पर देखा जाए।

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