सीबीएसई ने स्कूलों से 2026-27 सत्र के लिए कक्षा 9-11 रजिस्ट्रेशन और कक्षा 10-12 एलओसी सबमिशन से पहले छात्रों की जानकारी तैयार रखने को कहा है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही सीबीएसई से जुड़े लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने अपने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को सूचित किया है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं के रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स यानी एलओसी जमा करने की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है। बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि स्कूल इस प्रक्रिया के शुरू होने से पहले ही छात्रों की पूरी जानकारी और विषयों से जुड़ा ब्यौरा तैयार रखें, ताकि आखिरी वक्त में किसी तरह की जल्दबाजी या गड़बड़ी न हो। सीबीएसई की इस सूचना को उन स्कूलों के लिए एक तरह की चेतावनी भी माना जा रहा है जो पिछले सालों में समय पर डेटा जमा नहीं कर पाए थे या जिनके सबमिशन में गलतियां पाई गई थीं।
छात्रों की किन जानकारियों पर रहेगा खास ध्यान
बोर्ड ने अपने निर्देश में विस्तार से बताया है कि स्कूलों को छात्रों का कौन-कौन सा डेटा सावधानी से अपडेट करना होगा। इसमें सबसे पहले छात्र का पूरा नाम शामिल है, जो एडमिशन रजिस्टर में दर्ज नाम से बिल्कुल मेल खाना चाहिए। इसके अलावा जन्मतिथि, लिंग, कैटेगरी यानी श्रेणी और माता-पिता या अभिभावक के नाम जैसी जानकारियां भी सही-सही भरी जानी हैं। बोर्ड ने यह भी कहा है कि छात्रों ने जो विषय चुने हैं, वे स्कीम ऑफ स्टडीज यानी निर्धारित पाठ्यक्रम ढांचे से मेल खाने चाहिए। साथ ही, छात्रों की फोटो और हस्ताक्षर भी बोर्ड द्वारा तय किए गए फॉर्मेट में ही तैयार करने होंगे। जाहिर है, यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक अहम कदम है। जरा सी भी गलती आगे चलकर बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है, खासकर तब जब बात बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के अधिकार की हो।
पिछली गलतियों से सबक लेने की जरूरत
सीबीएसई ने अपनी सूचना में यह भी साफ किया है कि पिछले परीक्षा चक्रों में एलओसी सबमिशन के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां देखने को मिली थीं। इनमें गलत विषय कोड या गलत विषयों का चयन, छात्रों और अभिभावकों की जानकारी में त्रुटियां, और कई बार तो ऐसे मामले भी सामने आए जहां किसी छात्र का एलओसी जमा ही नहीं हो पाया। इन गलतियों की वजह से बाद में सुधार के लिए अलग से अनुरोध करने पड़े, जिससे पूरी प्रक्रिया लंबी खिंच गई और स्कूलों के साथ-साथ बोर्ड के लिए भी परिचालन संबंधी दिक्कतें खड़ी हुईं।
इतना ही नहीं, बोर्ड ने यह भी बताया कि कुछ स्कूल तय समय सीमा के भीतर एलओसी जमा ही नहीं कर पाए, जिसकी वजह से पूरी प्रक्रिया में देरी हुई। सीबीएसई का कहना है कि बार-बार याद दिलाए जाने के बावजूद स्कूलों की तरफ से यह लापरवाही लगातार जारी है, जो बोर्ड के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
परीक्षा की समयसारिणी पर पड़ता है असर
बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की गलतियां सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनका सीधा असर परीक्षा की पूरी समयसारिणी पर पड़ता है। इससे न सिर्फ परीक्षाओं का सुचारू संचालन प्रभावित होता है, बल्कि उन छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है जिनका डेटा गलत या अधूरा दर्ज हो जाता है। यही वजह है कि बोर्ड ने इस बार पहले से ही स्कूलों को आगाह करते हुए कहा है कि सारी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि एलओसी जमा करने से पहले हर छात्र की जानकारी को अच्छी तरह जांचा जा सके।
हालांकि यह पूरी प्रक्रिया मुख्य रूप से स्कूलों की जिम्मेदारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि छात्र और अभिभावक इससे बेफिक्र रह सकते हैं। चूंकि रजिस्ट्रेशन और एलओसी में दर्ज जानकारी ही आगे चलकर एडमिट कार्ड और मार्कशीट पर छपती है, ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों के स्कूल से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि नाम, जन्मतिथि और अन्य ब्यौरे बिल्कुल सही दर्ज हों। साथ ही, विषयों के चयन को लेकर भी स्कूल से पूरी तरह बातचीत कर लेनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की उलझन न हो।
फिलहाल जारी की गई यह सूचना एक तरह की पूर्व सूचना है, जो सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 11वीं के रजिस्ट्रेशन तथा कक्षा 10वीं और 12वीं के एलओसी सबमिशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जारी की है। बोर्ड का 2026-27 का यह पूरा शैक्षणिक सत्र काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि इसी सत्र के तहत 2027 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। एलओसी प्रक्रिया इसी कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जिसके जरिए बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले पात्र छात्रों की अंतिम सूची तैयार की जाती है।