Garautha Assembly Caste Equations: गरौठा जातिगत समीकरण और 2027 चुनाव

Published on 5 सित॰ 2026

Garautha Assembly Caste Equations में लोधी, यादव और दलित मतदाता तीन सबसे प्रभावशाली पुराने सामाजिक समूहों में गिने जाते हैं। इनके साथ ब्राह्मण, ठाकुर, कुर्मी-पटेल, कुशवाहा, वैश्य, मुस्लिम और साहू समुदाय गरौठा के जातिगत समीकरण को आकार देते हैं। पुराने अलग-अलग अनुमानों में लोधी करीब 60 हजार, यादव 45 से 60 हजार, दलित 50 से 70 हजार, ब्राह्मण करीब 40 हजार और कुर्मी-पटेल करीब 30 हजार तक बताए गए हैं।

2026 की अंतिम मतदाता सूची में गरौठा विधानसभा में 3,19,505 मतदाता हैं। विधानसभा संख्या 225 है और सीट सामान्य वर्ग की है। यह झांसी जिले में है, लेकिन लोकसभा क्षेत्र जालौन (SC) के अंतर्गत आता है। वर्तमान विधायक BJP के जवाहर लाल राजपूत हैं, जो पिछड़ा वर्ग के लोधी समाज से आते हैं और 2017 तथा 2022 में लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं।

2022 विधानसभा चुनाव में जवाहर लाल राजपूत ने 1,14,059 वोट हासिल कर SP के दीप नारायण सिंह यादव को 33,662 वोट से हराया था। 2024 लोकसभा चुनाव में पूरे जालौन संसदीय क्षेत्र में SP जीती, लेकिन गरौठा विधानसभा खंड में BJP फिर भी 15,402 वोट से आगे रही। यह 2027 से पहले सीट का सबसे महत्वपूर्ण चुनावी संकेत है।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

झांसी जिले के  गरौठा  विधानसभा के 2012  से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है।.  उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

गरौठा विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभागरौठा
विधानसभा संख्या225
जिलाझांसी
लोकसभा क्षेत्रजालौन (SC)
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकजवाहर लाल राजपूत
पार्टीBJP
विधायक की सामाजिक पहचानलोधी OBC
2026 कुल मतदाता3,19,505
प्री-SIR आधारकरीब 3,57,885
प्री-SIR से शुद्ध कमी38,380
कमी प्रतिशत10.72%
2022 कुल निर्वाचक3,51,859
2022 BJP वोट1,14,059
2022 SP वोट80,397
2022 BSP वोट29,333
2022 BJP जीत33,662 वोट
2024 BJP वोट97,763
2024 SP वोट82,361
2024 BJP बढ़त15,402 वोट
प्रमुख समूहलोधी, यादव, दलित, ब्राह्मण, ठाकुर, कुर्मी-पटेल, कुशवाहा

2026 के अंतिम प्रकाशन में झांसी जिले की चार विधानसभा सीटों में गरौठा के मतदाता सबसे कम हैं। जिले में कुल 14,24,735 मतदाता हैं।

Garautha Assembly Caste Equations: लोधी-यादव-दलित के बीच मुख्य सामाजिक मुकाबला

Garautha Assembly Caste Equations की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कोई एक जाति अकेले सीट का नतीजा तय नहीं करती। पुराने दो अलग चुनावी मॉडलों में लोधी, यादव और दलित वोट सबसे बड़े सामाजिक आधारों के रूप में सामने आते हैं।

एक पुराने मॉडल में दलित करीब 70 हजार, यादव 45 हजार, ठाकुर और ब्राह्मण 40-40 हजार, पटेल 30 हजार और कुशवाहा 25 हजार बताए गए थे। दूसरे पुराने मॉडल में लोधी और यादव 60-60 हजार, दलित 50 हजार, ब्राह्मण और वैश्य 40-40 हजार तथा कुर्मी 30 हजार बताए गए।

गरौठा का पुराना संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराने अनुमानों का संकेत
लोधीकरीब 60 हजार
यादवकरीब 45-60 हजार
दलित/SCकरीब 50-70 हजार
ब्राह्मणकरीब 40 हजार
ठाकुरकरीब 40 हजार
कुर्मी/पटेलकरीब 30 हजार
कुशवाहाकरीब 20-25 हजार
वैश्यकरीब 15-40 हजार
मुस्लिमकरीब 15 हजार
साहूकरीब 10 हजार
अन्यमहत्वपूर्ण संख्या

अलग-अलग पुराने मॉडलों में संख्या का अंतर बड़ा है। इसलिए इन आंकड़ों को जोड़कर मौजूदा मतदाता संख्या निकालना सही नहीं होगा। निर्वाचन नामावली जाति या धर्म के आधार पर प्रकाशित नहीं होती।

2026 वोटर लिस्ट में गरौठा के 3,19,505 मतदाता

10 अप्रैल 2026 की अंतिम मतदाता सूची में गरौठा में 3,19,505 मतदाता दर्ज हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के समय यहां 3,55,583 मतदाता थे, जबकि 2022 विधानसभा चुनाव में कुल निर्वाचक 3,51,859 थे।

गरौठा में बदलता मतदाता आधार

चुनाव/सूचीकुल मतदाता
2022 विधानसभा3,51,859
2024 लोकसभा3,55,583
2026 अंतिम SIR3,19,505
प्री-SIR से शुद्ध कमी38,380
कमी प्रतिशत10.72%

प्री-SIR आधार के मुकाबले अंतिम सूची का अंतर 38,380 है। यह संख्या 2022 की BJP जीत के अंतर 33,662 से भी बड़ी है।

इसका मतलब यह नहीं है कि किसी पार्टी के 38 हजार वोट कम हो गए। इसका राजनीतिक अर्थ सिर्फ इतना है कि 2027 में 2022 और 2024 के पुराने बूथ परिणामों को नई मतदाता सूची पर फिर से पढ़ना होगा।

लोधी वोट और जवाहर लाल राजपूत का मजबूत समीकरण

गरौठा में लोधी मतदाता पुराने अनुमानों में करीब 60 हजार बताए गए हैं। मौजूदा विधायक जवाहर लाल राजपूत खुद लोधी OBC समाज से आते हैं।

2017 में उन्हें 93,378 वोट मिले।

2022 में यह बढ़कर 1,14,059 हो गया।

यानी पांच साल में BJP प्रत्याशी का वोट करीब 20,681 बढ़ा

यह बढ़त केवल लोधी वोट से संभव नहीं थी। BJP ने लोधी आधार के साथ ब्राह्मण, ठाकुर, कुर्मी, कुशवाहा, वैश्य और दलित मतदाताओं में भी बड़ी हिस्सेदारी बनाई।

2027 में BJP के लिए जवाहर लाल राजपूत का व्यक्तिगत नेटवर्क और लोधी सामाजिक आधार दोनों महत्वपूर्ण रहेंगे।

यादव वोट SP की सबसे मजबूत जातीय धुरी

गरौठा में यादव मतदाता पुराने अनुमानों में करीब 45 से 60 हजार के बीच बताए गए हैं।

SP के दीप नारायण सिंह यादव इस क्षेत्र का पुराना और मजबूत राजनीतिक चेहरा रहे हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में लगातार दो चुनाव जीते। 2017 और 2022 में वह जवाहर लाल राजपूत के मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे।

दीप नारायण सिंह का हालिया विधानसभा प्रदर्शन

चुनावपार्टीवोटस्थिति
2012SP70,041विजेता
2017SP77,547दूसरे
2022SP80,397दूसरे

SP का वोट लगातार बढ़ा है, लेकिन BJP की वृद्धि इससे ज्यादा तेज रही।

2027 में SP के लिए यादव वोट के साथ दलित, कुशवाहा, कुर्मी और कुछ सवर्ण मतदाताओं में अतिरिक्त समर्थन जोड़ना जरूरी होगा।

दलित वोट पर BJP-SP-BSP तीनों की नजर

गरौठा में पुराने सामाजिक आकलनों में दलित मतदाता करीब 50 से 70 हजार बताए गए हैं। कुछ जनसंख्या आधारित आकलनों में भी अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत तक बताई गई है।

BSP का चुनावी प्रदर्शन हालांकि लगातार कमजोर हुआ है।

गरौठा में BSP का विधानसभा वोट

चुनावBSP वोट
201254,243
201748,387
202229,333

2012 से 2022 के बीच BSP का वोट करीब 24,910 घटा

यही गिरावट दलित वोट को 2027 में सबसे बड़े स्विंग क्षेत्रों में रखती है।

अगर BSP मजबूत स्थानीय प्रत्याशी के साथ फिर 45-50 हजार वोट तक पहुंचती है तो BJP-SP मुकाबले का अंतर बदल सकता है। अगर वह 2022 के आसपास रहती है तो उसके पुराने दलित वोट का दोनों प्रमुख दलों में बंटवारा ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

ब्राह्मण और ठाकुर वोट दोनों करीब 40 हजार के पुराने संकेत

पुराने एक जातीय मॉडल में ब्राह्मण और ठाकुर दोनों समुदाय करीब 40-40 हजार बताए गए हैं। दूसरे मॉडल में भी ब्राह्मण करीब 40 हजार पर स्थिर हैं।

ये दोनों सवर्ण समूह BJP के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक आधार रहे हैं।

लेकिन गरौठा का पुराना चुनावी इतिहास बताता है कि सवर्ण वोट हमेशा एकतरफा नहीं रहा। 2012 में कांग्रेस के रंजीत सिंह जूदेव को 45,001 वोट मिले थे, जबकि BJP सिर्फ 19,123 वोट पर थी।

यानी उम्मीदवार और चुनावी माहौल बदलने पर सवर्ण वोट में भी बड़ा पुनर्वितरण संभव है।

कुर्मी-पटेल और कुशवाहा मिलकर बड़ा गैर-यादव OBC वोट

पुराने अनुमान में कुर्मी-पटेल मतदाता करीब 30 हजार और कुशवाहा करीब 20 से 25 हजार बताए गए हैं।

दोनों समूहों का संयुक्त पुराना आधार करीब 50 हजार के आसपास बैठता है।

BJP के लिए यही गैर-यादव OBC विस्तार 2017 और 2022 की जीत में अहम रहा। दूसरी ओर SP के लिए 2027 में यादव मतदाताओं से बाहर OBC समर्थन बढ़ाने का सबसे सीधा रास्ता इन्हीं समुदायों से होकर जाता है।

मुस्लिम वोट सीमित लेकिन विपक्षी गठबंधन में उपयोगी

गरौठा में मुस्लिम मतदाता पुराने अनुमानों में करीब 15 हजार बताए गए हैं।

यह संख्या अपने दम पर चुनाव तय करने लायक नहीं है, लेकिन SP के सामाजिक गठबंधन में यह महत्वपूर्ण पूरक वोट है।

2012 में SP सिर्फ 33.72 प्रतिशत वोट पर चुनाव जीत गई थी क्योंकि BJP, BSP और कांग्रेस के बीच बाकी सामाजिक वोट काफी बंटा हुआ था।

2027 में भी विपक्षी वोट का बंटवारा या एकजुटता जातिगत समीकरण से उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।

2022 में BJP ने 33,662 वोट से जीती सीट

2022 विधानसभा चुनाव में जवाहर लाल राजपूत को 1,14,059 वोट, यानी 48.34 प्रतिशत मत मिले।

SP के दीप नारायण सिंह यादव को 80,397 वोट, BSP के बीरा सिंह को 29,333 और कांग्रेस की नेहा को 3,303 वोट मिले।

गरौठा विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
जवाहर लाल राजपूतBJP1,14,05948.34%
दीप नारायण सिंह यादवSP80,39734.07%
बीरा सिंहBSP29,33312.43%
नेहाकांग्रेस3,3031.40%
NOTA2,7671.17%
BJP की जीत33,66214.26 प्रतिशत अंक

2017 की तुलना में BJP का वोट करीब 20 हजार बढ़ा, जबकि SP का वोट करीब तीन हजार बढ़ा। यही बदलाव जीत के अंतर को 15,831 से बढ़ाकर 33,662 तक ले गया।

2017 में BJP सिर्फ 15,831 वोट से आगे थी

2017 में जवाहर लाल राजपूत को 93,378 वोट मिले।

SP के दीप नारायण सिंह यादव को 77,547 और BSP के डॉ. अरुण कुमार मिश्रा को 48,387 वोट मिले।

गरौठा विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
जवाहर लाल राजपूतBJP93,37840.82%
दीप नारायण सिंह यादवSP77,54733.90%
डॉ. अरुण कुमार मिश्राBSP48,38721.15%
BJP की जीत15,8316.92 प्रतिशत अंक

2017 में BSP के 48 हजार से ज्यादा वोट ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए रखा।

2022 में BSP करीब 29 हजार पर आ गई और BJP की बढ़त दोगुनी से ज्यादा हो गई।

2012 में SP ने 15,798 वोट से जीती थी सीट

2012 विधानसभा चुनाव में SP के दीप नारायण सिंह को 70,041 वोट मिले।

BSP के देवेश कुमार पालीवाल को 54,243, कांग्रेस के रंजीत सिंह जूदेव को 45,001 और BJP के टीकाराम पटेल को 19,123 वोट मिले।

गरौठा विधानसभा चुनाव 2012

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
दीप नारायण सिंहSP70,04133.72%
देवेश कुमार पालीवालBSP54,24326.12%
रंजीत सिंह जूदेवकांग्रेस45,00121.67%
टीकाराम पटेलBJP19,1239.21%
SP की जीत15,7987.60 प्रतिशत अंक

2012 में BJP सिर्फ चौथे स्थान पर थी।

पांच साल बाद पार्टी ने 93 हजार से ज्यादा वोट लेकर सीट जीत ली और 2022 में 1.14 लाख तक पहुंच गई।

गरौठा का हालिया विधानसभा इतिहास

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012दीप नारायण सिंहSP70,04115,798
2017जवाहर लाल राजपूतBJP93,37815,831
2022जवाहर लाल राजपूतBJP1,14,05933,662

तीन चुनावों में सबसे बड़ा बदलाव BJP की वोट हिस्सेदारी में आया है।

2012 में 9.21 प्रतिशत से शुरू होकर पार्टी 2017 में 40 प्रतिशत और 2022 में 48 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई।

2019 लोकसभा में BJP की 48,304 वोट की बड़ी बढ़त

गरौठा जालौन लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

2019 में BJP के भानु प्रताप सिंह वर्मा को गरौठा विधानसभा खंड से 1,16,586 वोट मिले। SP-BSP गठबंधन की BSP प्रत्याशी को 68,282 और कांग्रेस को 20,644 वोट मिले। BJP की बढ़त 48,304 वोट रही।

लोकसभा 2019: गरौठा विधानसभा खंड

दल/गठबंधनवोट
BJP1,16,586
BSP-SP गठबंधन68,282
कांग्रेस20,644
BJP की बढ़त48,304

यहां BSP के 68 हजार वोट को अकेले BSP का वोट नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि 2019 में वह SP-BSP गठबंधन की प्रत्याशी थी।

2024 में जालौन सीट SP ने जीती, लेकिन गरौठा में BJP आगे

2024 लोकसभा चुनाव में पूरे जालौन संसदीय क्षेत्र का परिणाम SP के पक्ष में गया। लेकिन गरौठा विधानसभा खंड में BJP ने बढ़त बनाए रखी।

BJP के भानु प्रताप सिंह वर्मा को 97,763 वोट, जबकि SP के नारायण दास अहिरवार को 82,361 वोट मिले। BJP की बढ़त 15,402 वोट रही।

लोकसभा 2024: गरौठा विधानसभा खंड

पार्टीवोटवोट प्रतिशत
BJP97,76347.17%
SP82,36139.74%
BJP की बढ़त15,4027.43 प्रतिशत अंक

यह गरौठा को जालौन लोकसभा की दूसरी चार सीटों से अलग करता है। 2024 में भोगनीपुर, माधोगढ़, कालपी और उरई में SP आगे रही, जबकि गरौठा में BJP ने बढ़त बचाई।

2019 से 2024 तक BJP की बढ़त 32,902 वोट घटी

चुनावBJP वोटमुख्य विपक्षी वोटBJP बढ़त
लोकसभा 20191,16,58668,28248,304
विधानसभा 20221,14,05980,39733,662
लोकसभा 202497,76382,36115,402

2019 की 48,304 वोट की बढ़त 2024 में घटकर 15,402 रह गई।

यानी मुख्य मुकाबले का अंतर 32,902 वोट विपक्ष की ओर बदला।

BJP अब भी आगे है, लेकिन 2019 जैसी एकतरफा स्थिति नहीं रही। यही 2027 से पहले SP के लिए सबसे बड़ा अवसर और BJP के लिए सबसे बड़ा चेतावनी संकेत है।

BSP की गिरावट ने चुनावी ढांचा बदला

गरौठा में BSP कभी मजबूत तीसरा ध्रुव थी।

2012 में उसे 54 हजार से ज्यादा वोट मिले।

2017 में करीब 48 हजार।

2022 में सिर्फ 29 हजार।

BSP की गिरावट से दलित और कुछ OBC वोट के लिए BJP और SP के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

अगर 2027 में BSP फिर मजबूत सामाजिक प्रत्याशी उतारती है तो सीट का चुनाव दोबारा त्रिकोणीय हो सकता है।

पानी अब भी गरौठा का सबसे बड़ा स्थानीय सवाल

गरौठा में पेयजल और सिंचाई का सवाल पुराने चुनावों से लगातार बना हुआ है। 2026 में भी बामौर, गुरसराय और मोंठ ब्लॉक में हर घर नल योजना की धीमी प्रगति और अधूरी पाइपलाइन का मुद्दा विधानसभा तक पहुंचा। कई इलाकों में खुदी सड़कों और पानी की नियमित आपूर्ति न होने की शिकायतें भी सामने आईं।

जुलाई 2026 में गुरसराय और गरौठा के 7,740 घरों के लिए नई पेयजल योजना शुरू हुई, लेकिन कुछ क्षेत्रों में नियमित आपूर्ति को लेकर सवाल बने रहे। सितंबर 2026 में नई सड़क को पाइपलाइन बिछाने के लिए दोबारा खोदे जाने का मामला भी सामने आया।

2027 के प्रमुख स्थानीय मुद्दे

मुद्दासंभावित चुनावी असर
पेयजलकस्बाई और ग्रामीण मतदाता
सिंचाईकिसान और कृषि आधारित परिवार
जल जीवन मिशनग्रामीण बस्तियां
खुदी और खराब सड़केंदैनिक आवागमन
रोजगारयुवा मतदाता
खेती की लागतग्रामीण परिवार
ग्रामीण संपर्क मार्गगांव और छोटे कस्बे
सरकारी योजनाओं की पहुंचलाभार्थी वोट

गरौठा का करीब चार-पांचवां हिस्सा ग्रामीण चरित्र वाला है, इसलिए किसान, पानी और सड़क के सवाल यहां शहरी सीटों की तुलना में ज्यादा चुनावी असर रखते हैं।

BJP के लिए तीसरी लगातार जीत का गणित

BJP ने 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनाव जीते हैं।

2017 में पार्टी को 93,378 वोट मिले।

2022 में वोट बढ़कर 1,14,059 हो गया।

2024 लोकसभा में भी गरौठा जालौन क्षेत्र का ऐसा विधानसभा खंड रहा जहां BJP SP से आगे रही।

पार्टी के लिए 2027 का रास्ता लोधी वोट की एकजुटता, ब्राह्मण-ठाकुर सवर्ण समर्थन, कुर्मी-कुशवाहा गैर-यादव OBC वोट और दलित समाज में पर्याप्त हिस्सेदारी बनाए रखने से निकलेगा।

SP के लिए यादव आधार से बाहर विस्तार जरूरी

SP के पास दीप नारायण सिंह जैसा पुराना स्थानीय चेहरा और मजबूत यादव आधार रहा है।

लेकिन 2017 और 2022 दोनों चुनावों में पार्टी BJP को नहीं रोक सकी।

2024 में BJP की विधानसभा-खंड बढ़त 15 हजार तक सिमटने से SP के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं।

2027 में पार्टी को यादव और मुस्लिम वोट के साथ दलित, कुशवाहा, कुर्मी और कुछ सवर्ण मतदाताओं में अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।

2027 में गरौठा की नौ बड़ी चुनावी चाबियां

चुनावी चाबी2027 में महत्व
लोधी वोटमौजूदा BJP विधायक की सबसे मजबूत सामाजिक धुरी
यादव वोटSP का प्रमुख जातीय आधार
दलित वोटBSP कमजोर होने के बाद बड़ा स्विंग क्षेत्र
ब्राह्मण-ठाकुर वोटBJP के सवर्ण गठबंधन की अहम कड़ी
कुर्मी-कुशवाहा वोटगैर-यादव OBC मुकाबले का केंद्र
जवाहर लाल राजपूत फैक्टरलगातार दो जीत और स्थानीय नेटवर्क
दीप नारायण सिंह नेटवर्कSP की पुरानी संगठनात्मक ताकत
पानी-सिंचाईक्षेत्र का सबसे बड़ा स्थानीय मुद्दा
2026 वोटर लिस्ट3.19 लाख के नए आधार पर बूथ गणित बदलेगा

2027 में गरौठा विधानसभा का चुनावी गणित क्या कहता है?

गरौठा विधानसभा के जातिगत समीकरण में लोधी, यादव और दलित मतदाता तीन सबसे महत्वपूर्ण पुराने सामाजिक आधार हैं। ब्राह्मण और ठाकुर सवर्ण वोट BJP की ताकत बढ़ाते हैं, जबकि कुर्मी-पटेल और कुशवाहा गैर-यादव OBC वोट दोनों प्रमुख दलों के लिए निर्णायक विस्तार क्षेत्र हैं।

हालिया चुनावी तस्वीर को छह आंकड़ों से समझा जा सकता है—

2022 विधानसभा चुनाव: BJP की जीत 33,662 वोट से।

2022 BJP वोट शेयर: 48.34 प्रतिशत।

2024 लोकसभा चुनाव: गरौठा में BJP की बढ़त 15,402 वोट।

2019 से 2024 के बीच BJP की बढ़त में 32,902 वोट की कमी।

2026 अंतिम वोटर लिस्ट: 3,19,505 मतदाता।

प्री-SIR आधार से शुद्ध कमी: 38,380 यानी 10.72 प्रतिशत।

BJP के पास लोधी विधायक, लगातार दो विधानसभा जीत और सवर्ण-गैर यादव OBC-दलित समर्थन का बड़ा गठबंधन है। SP के पास मजबूत यादव आधार, पुराना स्थानीय नेतृत्व और 2024 में घटा BJP अंतर सकारात्मक संकेत के रूप में मौजूद है। BSP का कमजोर होता वोट दोनों प्रमुख दलों के लिए दलित और OBC समाज में नई जगह खोल रहा है।

ऐसे में 2027 में गरौठा विधानसभा के जातिगत समीकरण का फैसला लोधी और यादव वोट की दिशा, दलित मतों के बंटवारे, ब्राह्मण-ठाकुर समर्थन, कुर्मी-कुशवाहा OBC वोट, जवाहर लाल राजपूत और दीप नारायण सिंह के स्थानीय नेटवर्क, BSP की ताकत, पानी-सिंचाई-सड़क जैसे ग्रामीण मुद्दों और 2026 की नई मतदाता सूची के बीच बनने वाले चुनावी गठबंधन से होगा।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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