Rae Bareli Assembly Caste Equations रायबरेली का जातीय समीकरण और 2027 का चुनावी गणित

Published on 23 अग॰ 2026

Rae Bareli Assembly Caste Equations में दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, राजपूत, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता पुराने सामाजिक आकलनों में प्रमुख समूहों के रूप में सामने आते हैं। एक पुराने विधानसभा-स्तरीय अनुमान में करीब 32 प्रतिशत दलित, 30 प्रतिशत पिछड़े और 12 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता बताए गए थे, जबकि दूसरे पुराने चुनावी प्रोफाइल में रायबरेली सदर को राजपूत बहुल सीट बताते हुए ब्राह्मण, OBC, दलित और मुस्लिम आबादी की भी उल्लेखनीय मौजूदगी बताई गई थी। ये वर्तमान जाति-वार सरकारी आंकड़े नहीं हैं। 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम SIR मतदाता सूची में रायबरेली विधानसभा में कुल 3,24,344 मतदाता दर्ज हैं।

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के जातिगत समीकरण / जातीय समीकरण और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर चुनावी परिणाम काफी हद तक निर्भर करता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की मानें तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 एक ऐसा निर्णायक अवसर है जो राज्य की दीर्घकालिक राजनीतिक दिशा को स्पष्ट करेगा।

रायबरेली विधानसभा का क्रमांक 180 है। यह सामान्य श्रेणी की सीट है और रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान विधायक अदिति सिंह हैं, जिन्होंने 2017 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में दूसरी बार जीत दर्ज की।

उत्तर प्रदेश एसआईआर (SIR) की अंतिम सूची 2026 के तहत राज्य के सभी 75 जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कुल मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

रायबरेली जिले के  रायबरेली विधानसभा के 2007  से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण, ताज़ा अपडेट, चुनावी इतिहास और पिछले चुनावों के नतीजे

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के पिछले चुनावी नतीजों का 2007 से 2022 तक तुलनात्मक विश्लेषण, जिसमें प्रत्येक सीट का चुनावी इतिहास, विजेता और उपविजेता प्रत्याशी, मत प्रतिशत, जीत का अंतर और बदलते राजनीतिक समीकरण शामिल हैं।

रायबरेली विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभारायबरेली
प्रचलित नामरायबरेली सदर
विधानसभा संख्या180
जिलारायबरेली
लोकसभा क्षेत्ररायबरेली
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकअदिति सिंह
पार्टीBJP
2026 अंतिम मतदाता3,24,344
जनवरी 2026 ड्राफ्ट सूची3,03,760
ड्राफ्ट से अंतिम सूची में वृद्धि20,584
2022 कुल निर्वाचक3,66,267
2022 विजेताअदिति सिंह, BJP
2022 उपविजेताराम प्रताप यादव, SP
2022 जीत का अंतर7,175 वोट
2024 लोकसभा में रायबरेली खंडINC +1,03,017 वोट
प्रमुख पुराने सामाजिक समूहदलित, OBC, राजपूत, ब्राह्मण, मुस्लिम

2026 की अंतिम SIR सूची में 3,24,344 मतदाताओं के साथ रायबरेली सदर जिले की दूसरी सबसे बड़ी विधानसभा है। सरेनी में 3,26,938 मतदाता हैं, जबकि रायबरेली उसके बाद आती है। जनवरी की ड्राफ्ट सूची से अंतिम प्रकाशन तक रायबरेली सदर में 20,584 मतदाता बढ़े, जो जिले की छह सीटों में सबसे अधिक वृद्धि थी।

Rae Bareli Assembly Caste Equations: पुराने सामाजिक अनुमान क्या बताते हैं?

Rae Bareli Assembly Caste Equations के लिए सबसे उपयोगी पुराने आंकड़ों में एक आकलन रायबरेली विधानसभा के लगभग 3.51 लाख मतदाताओं के आधार पर तैयार किया गया था। उसमें करीब 32 प्रतिशत दलित, 30 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग और 12 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता बताए गए थे।

दूसरे पुराने सामाजिक प्रोफाइल रायबरेली सदर को राजपूत बहुल बताते हैं और ब्राह्मण, OBC, दलित तथा मुस्लिम मतदाताओं को भी सीट की सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

रायबरेली विधानसभा का पुराना संकेतात्मक सामाजिक समीकरण

सामाजिक समूहपुराना संकेतात्मक आकलनडेटा नोट
दलित/SCकरीब 32% का पुराना चुनावी अनुमानवर्तमान आधिकारिक जाति-वार आंकड़ा नहीं
पिछड़ा वर्ग/OBCकरीब 30%व्यापक श्रेणी, कई जातियां शामिल
मुस्लिमकरीब 12%पुराना अनुमान
राजपूत/क्षत्रियबड़ा सामाजिक समूहअलग विश्वसनीय वर्तमान संख्या उपलब्ध नहीं
ब्राह्मणउल्लेखनीय मौजूदगीवर्तमान सीटवार संख्या उपलब्ध नहीं
यादवOBC के प्रमुख समूहों मेंअलग-अलग पुराने अनुमानों में मौजूदगी
कुर्मी, मौर्य, निषाद व अन्य OBCक्षेत्रवार मौजूदगीविश्वसनीय वर्तमान संख्या नहीं
पासी, जाटव व अन्य SCअलग-अलग हिस्सों मेंवर्तमान जाति-वार सूची उपलब्ध नहीं
2026 कुल मतदाता3,24,344आधिकारिक कुल वोटर बेस

इन आंकड़ों में दो सावधानियां जरूरी हैं। पहली, विधानसभा निर्वाचक नामावली जाति या धर्म के आधार पर वर्तमान मतदाता संख्या प्रकाशित नहीं करती। दूसरी, अलग-अलग पुराने अध्ययनों की पद्धति अलग रही है। इसी कारण 2011 की जनसंख्या-आधारित प्रोफाइल में इस विधानसभा की अनुसूचित जाति आबादी करीब 23.67 प्रतिशत बताई गई है, जबकि पुराने चुनावी अनुमान में दलित मतदाता करीब 32 प्रतिशत बताए गए थे। दोनों अलग प्रकार के आंकड़े हैं और इन्हें आपस में समान नहीं माना जाना चाहिए।

रायबरेली वोटर लिस्ट 2026: अंतिम सूची में 3,24,344 मतदाता

रायबरेली जिले में SIR के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। पूरे जिले में 18,87,398 मतदाता दर्ज हुए। इनमें रायबरेली सदर के मतदाताओं की संख्या 3,24,344 रही।

रायबरेली विधानसभा वोटर लिस्ट 2026

विवरणसंख्या
6 जनवरी 2026 ड्राफ्ट सूची3,03,760
10 अप्रैल 2026 अंतिम सूची3,24,344
ड्राफ्ट से बढ़े मतदाता20,584
जिले की अंतिम मतदाता संख्या18,87,398
जिले में सीट का स्थानदूसरी सबसे बड़ी

ड्राफ्ट से अंतिम सूची तक 20,584 मतदाताओं की वृद्धि यह भी बताती है कि SIR प्रक्रिया को केवल नाम हटने के नजरिए से नहीं पढ़ा जा सकता। दावे-आपत्तियों, सुनवाई और सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में नाम वापस जुड़े या नए मतदाता शामिल हुए।

2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली में 3,66,267 निर्वाचक थे। 2026 की अंतिम सूची उससे 41,923 मतदाता छोटी है। हालांकि दोनों अलग-अलग कटऑफ तारीखों की सूचियां हैं, इसलिए पूरे अंतर को सीधे हटाए गए मतदाताओं की संख्या कहना सही नहीं होगा।

2024 के मुकाबले भी बदला रायबरेली का वोटर बेस

2024 की मतदाता सूची पर आधारित एक विधानसभा प्रोफाइल में रायबरेली सीट पर 3,82,167 मतदाता और 391 मतदान केंद्र बताए गए थे। इसके मुकाबले 2026 की अंतिम सूची में अब 3,24,344 मतदाता हैं।

रायबरेली का बदलता मतदाता आधार

वर्ष/चुनावमतदाता
2012 विधानसभा3,16,564
2022 विधानसभा3,66,267
2024 मतदाता सूचीकरीब 3,82,167
जनवरी 2026 ड्राफ्ट3,03,760
अप्रैल 2026 अंतिम3,24,344

2026 के बाद पुराने बूथ और सामाजिक आंकड़ों को इसी नए वोटर बेस के संदर्भ में पढ़ना होगा। नई सूची में किस जाति या धर्म के कितने मतदाता कम या अधिक हुए, इसका कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए पुराने सामाजिक प्रतिशत को सीधे 3,24,344 पर लागू करके वर्तमान जाति-वार संख्या निकालना तथ्यात्मक रूप से कमजोर होगा।

रायबरेली में ग्रामीण और शहरी मतदाता दोनों महत्वपूर्ण

रायबरेली विधानसभा को केवल शहर की सीट मानना भी पूरी तस्वीर नहीं देता। 2011 की जनसंख्या पर आधारित सीट प्रोफाइल में विधानसभा की लगभग 61.88 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 38.12 प्रतिशत शहरी बताई गई थी।

इसका मतलब है कि रायबरेली शहर के सड़क, नाली, सीवर, ट्रैफिक और पेयजल जैसे सवालों के साथ अमावां, राही और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क, बिजली, पेयजल, कृषि और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दे समानांतर मौजूद रहते हैं।

यही ग्रामीण-शहरी मिश्रण रायबरेली सदर के जातिगत समीकरण को भी दूसरी शहरी या पूरी तरह ग्रामीण सीटों से अलग बनाता है।

दलित मतदाताओं की बड़ी सामाजिक मौजूदगी

पुराने चुनावी आकलन में दलित मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 32 प्रतिशत बताई गई थी। दूसरी ओर 2011 की जनसंख्या-आधारित सीट प्रोफाइल में अनुसूचित जाति आबादी करीब 23.67 प्रतिशत थी।

दोनों आंकड़ों में अंतर के कारण किसी एक संख्या को वर्तमान वास्तविक वोटर प्रतिशत नहीं माना जा सकता।

रायबरेली जिले की व्यापक SC संरचना में जाटव, पासी, सोनकर, कोरी, वाल्मीकि और धोबी समेत विभिन्न समुदायों की मौजूदगी रही है।

चुनाव परिणाम जाति के आधार पर मतदान नहीं बताते। इसलिए BJP, SP, कांग्रेस या किसी अन्य प्रत्याशी के कुल वोट को किसी दलित जाति के वोट से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा।

पिछड़ा वर्ग पुराने अनुमान में करीब 30 प्रतिशत

पुराने सीट-स्तरीय आकलन में पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत बताई गई थी। इसमें यादव, कुर्मी, मौर्य-कुशवाहा, निषाद, कश्यप, पाल, नाई, प्रजापति और दूसरी OBC जातियों की उपस्थिति शामिल हो सकती है।

कुछ पुराने डेटा सेट रायबरेली में यादव मतदाताओं की उल्लेखनीय मौजूदगी अलग से दिखाते हैं। लेकिन इन्हें वर्तमान संख्या नहीं माना जा सकता।

2022 विधानसभा चुनाव में SP के राम प्रताप यादव को 95,254 वोट मिले थे। यह किसी एक यादव या OBC समुदाय का वोट नहीं है, बल्कि अलग-अलग सामाजिक समूहों से मिले कुल मतदान का परिणाम है।

राजपूत/क्षत्रिय सामाजिक मौजूदगी और लंबे समय का राजनीतिक इतिहास

रायबरेली सदर को पुराने चुनावी प्रोफाइल में राजपूत बहुल सीट बताया जाता रहा है। मौजूदा विधायक अदिति सिंह की आधिकारिक सार्वजनिक प्रोफाइल में भी सामाजिक पृष्ठभूमि क्षत्रिय दर्ज है।

इस सीट के लंबे राजनीतिक इतिहास में अदिति सिंह के पिता अखिलेश कुमार सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। वह 1993, 1996, 2002, 2007 और 2012 में अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों और दलों के साथ लगातार विधानसभा चुनाव जीतते रहे।

इस इतिहास से स्थानीय राजनीतिक परिवार और व्यक्तिगत नेटवर्क की निरंतर मौजूदगी दिखाई देती है, लेकिन इसे पूरे क्षत्रिय समुदाय के पार्टीवार मतदान का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

ब्राह्मण मतदाता भी पुराने सामाजिक समीकरण का हिस्सा

रायबरेली विधानसभा के पुराने चुनावी विवरणों में ब्राह्मण मतदाताओं को भी महत्वपूर्ण सामाजिक समूह माना गया है। कोई विश्वसनीय वर्तमान सीटवार संख्या उपलब्ध नहीं है।

रायबरेली जिले की व्यापक सामाजिक संरचना में ब्राह्मण आबादी प्रमुख सामान्य वर्ग समूहों में रही है। इसके साथ ठाकुर, वैश्य, पंजाबी और कायस्थ समुदायों की भी जिले में मौजूदगी है।

सदर सीट की करीब 38 प्रतिशत शहरी आबादी के कारण सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, पेशेवर और सेवा क्षेत्र से जुड़े परिवार भी सामाजिक समीकरण को अधिक मिश्रित बनाते हैं।

मुस्लिम मतदाताओं का पुराना अनुमान करीब 12 प्रतिशत

पुराने सीटवार आकलन में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत बताई गई थी। कुछ अन्य पुराने डेटा में संख्या इससे थोड़ी अलग मिलती है।

इसी अंतर के कारण वर्तमान मुस्लिम मतदाताओं की सटीक संख्या बताना संभव नहीं है।

2022 में SP को 95,254, कांग्रेस को 14,954 और BSP को 9,331 वोट मिले थे। इन आंकड़ों से मुस्लिम मतदाताओं के वास्तविक पार्टीवार मतदान का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। चुनाव परिणाम केवल प्रत्याशीवार कुल वोट बताते हैं।

अदिति सिंह: 2017 में कांग्रेस, 2022 में BJP से जीत

रायबरेली सदर की वर्तमान राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य अदिति सिंह का लगातार दो चुनाव जीतना है।

2017 में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 1,28,319 वोट हासिल किए और BSP के मोहम्मद शाहबाज खान को 89,163 वोट से हराया।

2021 में उन्होंने BJP का दामन थामा और 2022 में उसी सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। इस बार उन्हें 1,02,429 वोट मिले और SP के राम प्रताप यादव को 95,254 वोट। जीत का अंतर घटकर केवल 7,175 वोट रह गया।

अदिति सिंह का चुनावी प्रदर्शन

चुनावपार्टीवोटजीत का अंतर
2017INC1,28,31989,163
2022BJP1,02,4297,175

दोनों चुनावों के बीच विजेता समान रहा, लेकिन पार्टी, मुख्य प्रतिद्वंद्वी और जीत के अंतर में बड़ा बदलाव हुआ। यह सीट पर उम्मीदवार की स्थानीय पहचान के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में आए बदलाव का भी संकेत देता है।

2022 में सिर्फ 7,175 वोट से जीती BJP

2022 विधानसभा चुनाव में BJP की अदिति सिंह को 1,02,429 वोट, यानी 44.51 प्रतिशत मत मिले।

SP के राम प्रताप यादव को 95,254 वोट, यानी 41.40 प्रतिशत मिले।

कांग्रेस के डॉ. मनीष चौहान को 14,954 और BSP के मोहम्मद अशरफ को 9,331 वोट मिले। BJP की जीत का अंतर केवल 7,175 वोट रहा।

रायबरेली विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
अदिति सिंहBJP1,02,42944.51%
राम प्रताप यादवSP95,25441.40%
डॉ. मनीष चौहानINC14,9546.50%
मोहम्मद अशरफBSP9,331करीब 4.06%
NOTA2,281करीब 0.99%
BJP की जीत7,175करीब 3.11 प्रतिशत अंक

कुल निर्वाचक 3,66,267 थे और मतदान करीब 62.32 प्रतिशत रहा।

2022 का नतीजा 2017 के मुकाबले बिल्कुल अलग था। पांच साल पहले जीत का अंतर 89 हजार से अधिक था, लेकिन 2022 में शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच केवल 7,175 वोट रह गए।

2017 में अदिति सिंह की 89,163 वोट की बड़ी जीत

2017 में कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह को 1,28,319 वोट, करीब 61.9 प्रतिशत मत मिले।

BSP के मोहम्मद शाहबाज खान को 39,156 वोट और BJP की अनीता श्रीवास्तव को 28,821 वोट मिले।

कांग्रेस की जीत का अंतर 89,163 वोट था।

रायबरेली विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
अदिति सिंहINC1,28,31961.90%
मोहम्मद शाहबाज खानBSP39,15618.89%
अनीता श्रीवास्तवBJP28,82113.91%
NOTA3,4481.67%
कांग्रेस की जीत89,163करीब 43 प्रतिशत अंक

यह मौजूदा परिसीमन के दौर में रायबरेली सदर के सबसे बड़े विधानसभा मार्जिन में से एक था।

2017 से 2022 में कितना बदला मुकाबला?

दल/प्रत्याशी20172022बदलाव
अदिति सिंह1,28,3191,02,429-25,890
मुख्य प्रतिद्वंद्वी39,15695,254+56,098
जीत का अंतर89,1637,17581,988 कम
विजेता की पार्टीINCBJPपार्टी बदली

यह तुलना विशेष रूप से दिलचस्प है क्योंकि विजेता उम्मीदवार वही रहीं, लेकिन उनके दल और मुख्य विपक्ष दोनों बदल गए।

इससे किसी जाति या समुदाय के वोट ट्रांसफर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह केवल कुल चुनावी परिणाम में आए बड़े बदलाव को दिखाता है।

2012 में अखिलेश कुमार सिंह ने 29,494 वोट से जीती थी सीट

2012 विधानसभा चुनाव में अखिलेश कुमार सिंह ने पीस पार्टी के टिकट पर 75,588 वोट, यानी 39.73 प्रतिशत मत हासिल किए।

SP के राम प्रताप यादव को 46,094 वोट, कांग्रेस के अवधेश बहादुर सिंह को 35,660 और BSP के पुष्पेंद्र सिंह को 18,809 वोट मिले।

जीत का अंतर 29,494 वोट रहा।

रायबरेली विधानसभा चुनाव 2012

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
अखिलेश कुमार सिंहPECP75,58839.73%
राम प्रताप यादवSP46,09424.23%
अवधेश बहादुर सिंहINC35,66018.75%
पुष्पेंद्र सिंहBSP18,8099.89%
सुशील शर्माBJP3,9402.08%
जीत का अंतर29,49415.50 प्रतिशत अंक

2012 में कुल 3,16,564 निर्वाचक थे और मतदान करीब 60.12 प्रतिशत रहा।

2007 में निर्दलीय अखिलेश सिंह को मिले थे 76,603 वोट

2007 में परिसीमन से पहले रायबरेली विधानसभा का क्रमांक 93 था।

अखिलेश कुमार सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 76,603 वोट, यानी करीब 51.90 प्रतिशत मत हासिल किए।

कांग्रेस के रुद्र प्रताप सिंह को 29,892 वोट मिले।

जीत का अंतर 46,711 वोट था।

रायबरेली विधानसभा चुनाव 2007

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
अखिलेश कुमार सिंहनिर्दलीय76,60351.90%
रुद्र प्रताप सिंहINC29,89220.25%
राजीव कुमारSP16,23611.00%
राम लोटन सिंहBSP11,5407.82%
BJP प्रत्याशीBJP3,1592.14%
जीत का अंतर46,71131.65 प्रतिशत अंक

2008 के परिसीमन के बाद रायबरेली विधानसभा को वर्तमान क्रमांक 180 मिला। इसलिए 2007 की बूथ और सामाजिक संरचना की 2012 के बाद की सीट से सीधी तुलना सावधानी से करनी चाहिए।

1993 से रायबरेली सदर में सिंह परिवार की लंबी चुनावी मौजूदगी

रायबरेली सदर का इतिहास उत्तर प्रदेश की उन सीटों में है जहां स्थानीय नेतृत्व की निरंतरता लंबे समय तक दिखाई देती है।

अखिलेश कुमार सिंह ने 1993, 1996, 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद 2017 और 2022 में उनकी बेटी अदिति सिंह निर्वाचित हुईं।

1993 से रायबरेली सदर का चुनावी क्रम

वर्षविजेतापार्टी
1993अखिलेश कुमार सिंहINC
1996अखिलेश कुमार सिंहINC
2002अखिलेश कुमार सिंहINC
2007अखिलेश कुमार सिंहनिर्दलीय
2012अखिलेश कुमार सिंहPECP
2017अदिति सिंहINC
2022अदिति सिंहBJP

इस लंबे क्रम में दल बदले हैं, लेकिन स्थानीय राजनीतिक परिवार की मौजूदगी बनी रही। इसे किसी एक जातीय समुदाय के मतदान का प्रमाण नहीं, बल्कि उम्मीदवार और स्थानीय नेटवर्क की ऐतिहासिक निरंतरता के रूप में पढ़ना अधिक उचित है।

2019 लोकसभा में कांग्रेस 61,406 वोट आगे थी

रायबरेली सदर विधानसभा, रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

2019 के लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा खंड से कांग्रेस की सोनिया गांधी को 1,23,043 वोट मिले।

BJP के दिनेश प्रताप सिंह को 61,637 वोट मिले।

कांग्रेस की विधानसभा-खंड बढ़त 61,406 वोट रही।

रायबरेली विधानसभा खंड: लोकसभा चुनाव 2019

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
सोनिया गांधीINC1,23,043करीब 63.8%
दिनेश प्रताप सिंहBJP61,637करीब 32%
कांग्रेस की बढ़त61,406करीब 31.8 प्रतिशत अंक

विधानसभा और लोकसभा चुनाव की राजनीतिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए 2019 के संसदीय परिणाम को विधानसभा का सीधा वोट पैटर्न नहीं माना जाना चाहिए।

2024 लोकसभा में कांग्रेस की बढ़त एक लाख से ज्यादा

2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली विधानसभा खंड में कांग्रेस के राहुल गांधी को 1,56,525 वोट, यानी करीब 71.17 प्रतिशत मत मिले।

BJP के दिनेश प्रताप सिंह को 53,508 वोट, यानी करीब 24.33 प्रतिशत मिले।

BSP के ठाकुर प्रसाद यादव को 3,922 वोट मिले।

कांग्रेस की बढ़त 1,03,017 वोट रही।

रायबरेली विधानसभा खंड: लोकसभा चुनाव 2024

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
राहुल गांधीINC1,56,52571.17%
दिनेश प्रताप सिंहBJP53,50824.33%
ठाकुर प्रसाद यादवBSP3,9221.78%
कांग्रेस की बढ़त1,03,017करीब 46.84 प्रतिशत अंक

यह रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा खंडों में सबसे बड़ी कांग्रेस बढ़त थी।

2019 से 2024 में लोकसभा खंड की तस्वीर

चुनावकांग्रेसBJPकांग्रेस की बढ़त
2019 लोकसभा1,23,04361,63761,406
2024 लोकसभा1,56,52553,5081,03,017

2019 से 2024 के बीच कांग्रेस का कुल विधानसभा-खंड वोट बढ़ा, BJP का वोट कम हुआ और अंतर करीब 61 हजार से बढ़कर एक लाख से ऊपर पहुंच गया।

इस बदलाव को किसी जाति या धर्म के वोट ट्रांसफर के रूप में नहीं पढ़ा जा सकता। दोनों चुनावों में उम्मीदवार, गठबंधन और राजनीतिक परिस्थितियां अलग थीं।

2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा ने दी बिल्कुल अलग तस्वीर

रायबरेली विधानसभा की सबसे दिलचस्प हालिया तुलना 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों के बीच है।

चुनावपहला स्थानदूसरा स्थानअंतर
2022 विधानसभाBJP 1,02,429SP 95,254BJP +7,175
2024 लोकसभा खंडINC 1,56,525BJP 53,508INC +1,03,017

2022 में BJP सिर्फ 7,175 वोट से विधानसभा जीती थी। दो साल बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इसी विधानसभा खंड में एक लाख से अधिक वोट आगे रही।

इन दोनों नतीजों का अंतर ही बताता है कि संसदीय और विधानसभा चुनावों के वोटिंग संदर्भ को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

2026 में 77 विकास कार्यों के लिए 35.53 करोड़ की मंजूरी

2026 में रायबरेली सदर के विकास एजेंडे में सड़क और कनेक्टिविटी बड़े विषय रहे।

अप्रैल 2026 में विधानसभा क्षेत्र में ₹35.53 करोड़ की लागत से 77 विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई। इनमें सड़क सुदृढ़ीकरण, पुलिया निर्माण और मरम्मत के कार्य शामिल थे। प्रमुख परियोजनाओं में पुलिस लाइन चौराहे से मामा चौराहा ओवरब्रिज तक सड़क के सुदृढ़ीकरण पर करीब ₹9.01 करोड़ का प्रावधान शामिल था।

जुलाई 2026 में ग्रामीण इलाकों में विधायक निधि से छह सड़क एवं इंटरलॉकिंग कार्यों के लिए भी निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ी।

रायबरेली विधानसभा का करीब 62 प्रतिशत जनसंख्या आधार ग्रामीण होने के कारण शहर के साथ गांवों की सड़क कनेक्टिविटी भी विकास मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सड़क निर्माण के बावजूद गुणवत्ता का सवाल

बड़ी सड़क परियोजनाओं के बीच अगस्त 2026 में शहर के रामकृपाल तिराहे के पास करीब छह महीने पहले बनी सड़क धंसने का मामला सामने आया। इसके बाद आवागमन रोकना पड़ा और घंटाघर, रेलवे स्टेशन तथा मंशा देवी मंदिर की दिशा में जाने वाले वाहनों को दूसरे मार्ग से निकाला गया।

यह घटना रायबरेली सदर में सड़क निर्माण के साथ निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव के सवाल को भी सामने लाती है।

2027 तक नई सड़क परियोजनाओं की संख्या के साथ उनकी गुणवत्ता, समय पर निर्माण और बरसात में टिकाऊपन भी स्थानीय विकास के मूल्यांकन का हिस्सा रहेंगे।

अगस्त 2026 की बारिश में शहर में जलभराव

अगस्त 2026 की तेज बारिश के दौरान रायबरेली शहर के कई इलाकों में जलभराव से सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ।

रायबरेली सदर की करीब 38 प्रतिशत शहरी आबादी के लिए ड्रेनेज, नाली, सीवर और सड़क पर पानी भरना सीधे रोजमर्रा की नागरिक सुविधा का मुद्दा है।

तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में केवल सड़क बनाना पर्याप्त नहीं होता। नाली, सीवर और जलनिकासी का नेटवर्क उसी अनुपात में विकसित न हो तो बरसात के दौरान सड़क और आवासीय क्षेत्र दोनों प्रभावित होते हैं।

सड़क, बिजली, पानी और नाली जनसुनवाई में भी प्रमुख मुद्दे

जुलाई 2026 की एक जनसुनवाई में क्षेत्र के लोगों ने सड़क, बिजली, पेयजल, नाली और आवास से जुड़ी समस्याएं रखीं। संबंधित विभागों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।

इससे रायबरेली सदर के विकास की दोहरी तस्वीर सामने आती है।

एक तरफ करोड़ों रुपये के सड़क और पुलिया निर्माण कार्य चल रहे हैं।

दूसरी तरफ कॉलोनी और गांव स्तर पर सड़क, बिजली, पानी और नाली जैसी बुनियादी समस्याएं अभी भी शिकायतों का हिस्सा हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में विकास योजनाएं भी 2027 के संदर्भ में

जून 2026 में राही और अमावां विकासखंडों के ग्राम प्रधानों के साथ विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा हुई।

रायबरेली सदर के ग्रामीण हिस्से में चुनावी मूल्यांकन शहर से अलग हो सकता है। गांवों में संपर्क मार्ग, पेयजल, बिजली, आवास और पंचायत स्तर की सुविधाएं अधिक प्रत्यक्ष अनुभव का हिस्सा हैं।

शहर में सड़क, सीवर, ट्रैफिक और जलभराव का सवाल प्रमुख है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सड़क संपर्क और बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं का महत्व अधिक रहता है।

2026 की नई सूची ने पुराने जातीय समीकरण को क्यों सीमित कर दिया?

रायबरेली विधानसभा के पुराने जातीय आंकड़े करीब 3.5 लाख मतदाताओं वाले दौर में तैयार किए गए थे।

अब अंतिम 2026 सूची में कुल मतदाता 3,24,344 हैं।

2022 की सूची में 3,66,267 मतदाता थे।

2024 के आसपास आंकड़ा 3,82,167 था।

जनवरी 2026 के ड्राफ्ट में केवल 3,03,760 मतदाता रहे और दावा-आपत्ति के बाद अंतिम संख्या फिर बढ़कर 3,24,344 पहुंची।

इस बड़े बदलाव के बाद पुराने 32 प्रतिशत दलित, 30 प्रतिशत OBC और 12 प्रतिशत मुस्लिम जैसे अनुमानों को जस का तस 2027 पर लागू करना उचित नहीं होगा।

आधिकारिक सूची यह नहीं बताती कि कम या बढ़े मतदाताओं में कौन-सी जाति या धर्म कितनी संख्या में था।

रायबरेली विधानसभा में बदलता चुनावी मार्जिन

चुनावराजनीतिक बढ़त
2007 विधानसभा*IND +46,711
2012 विधानसभाPECP +29,494
2014 लोकसभा खंडINC +95,618
2017 विधानसभाINC +89,163
2019 लोकसभा खंडINC +61,406
2022 विधानसभाBJP +7,175
2024 लोकसभा खंडINC +1,03,017

*2007 परिसीमन से पहले की सीट थी।

यह तालिका रायबरेली सदर के चुनावी चरित्र की सबसे दिलचस्प तस्वीर पेश करती है। 2007 से 2019 तक कई चुनाव बड़े मार्जिन से तय हुए, लेकिन 2022 विधानसभा में अंतर अचानक घटकर केवल 7,175 वोट रह गया। इसके उलट 2024 लोकसभा में अंतर एक लाख से ऊपर पहुंच गया।

इसलिए अलग चुनावों के मार्जिन को सीधे जोड़कर 2027 की दिशा निकालना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।

2027 में रायबरेली विधानसभा का चुनावी गणित क्या कहता है?

2027 से पहले रायबरेली विधानसभा की तस्वीर चार बड़े तथ्यों के बीच बनेगी।

पहला तथ्य नई वोटर लिस्ट है। रायबरेली सदर में अब 3,24,344 मतदाता हैं। जनवरी की ड्राफ्ट सूची से अंतिम प्रकाशन तक 20,584 नाम बढ़े, लेकिन 2022 और 2024 के मुकाबले कुल मतदाता आधार अभी भी काफी छोटा है।

दूसरा तथ्य 2022 का करीबी विधानसभा चुनाव है। अदिति सिंह ने BJP से 1,02,429 वोट हासिल किए और SP के राम प्रताप यादव को केवल 7,175 मतों से हराया। 2017 में उसी उम्मीदवार की जीत का अंतर 89,163 था।

तीसरा तथ्य 2024 लोकसभा चुनाव है। रायबरेली विधानसभा खंड में कांग्रेस के राहुल गांधी 1,56,525 वोट लेकर BJP से 1,03,017 वोट आगे रहे। यह हालिया संसदीय चुनाव की स्थानीय तस्वीर है, लेकिन विधानसभा चुनाव का सीधा पूर्वानुमान नहीं।

चौथा पहलू स्थानीय विकास है। 2026 में 35.53 करोड़ रुपये के 77 सड़क-पुलिया कार्य स्वीकृत हुए, ग्रामीण संपर्क मार्गों के नए काम आगे बढ़े, लेकिन अगस्त की बारिश में शहर में जलभराव और छह महीने पुरानी सड़क धंसने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।

पुराने सामाजिक आकलनों में दलित, OBC, राजपूत, ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता रायबरेली की विविध सामाजिक संरचना बनाते हैं। लेकिन वर्तमान जाति-वार सरकारी मतदाता संख्या उपलब्ध नहीं है और चुनावी परिणाम भी किसी समुदाय का वास्तविक पार्टीवार मतदान नहीं बताते।

इसलिए 2027 में रायबरेली सदर को केवल पुराने जातीय प्रतिशत से पढ़ना पर्याप्त नहीं होगा। 3,24,344 मतदाताओं वाली नई सूची, 2022 का केवल 7,175 वोट का विधानसभा अंतर, 2024 लोकसभा खंड का बिल्कुल अलग परिणाम, प्रत्याशी की स्थानीय स्वीकार्यता और सड़क-पानी-ड्रेनेज-कनेक्टिविटी जैसे विकास मुद्दे मिलकर चुनाव का व्यापक संदर्भ तय करेंगे। सीट का लंबा इतिहास यह भी बताता है कि रायबरेली सदर में पार्टी के साथ उम्मीदवार और स्थानीय राजनीतिक नेटवर्क की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।

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