ज्ञानेश्वरी यादव ने किया कमाल, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर; भारत के पास अब इतने मेडल

Published on 27 जुल॰ 2026

Jul 27, 2026 08:18 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Gyaneshwari Yadav Silver Medal: भारत की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। उन्होंने महिला के 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में मेडल जीता।

Gyaneshwari Yadav Commonwealth Games Medal

ज्ञानेश्वरी यादव कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल

भारत की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कमाल कर दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लेने वाली ज्ञानेश्वरी ने सोमवार को महिलाओं के 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क कैटेगरी में कुल 199 किग्रा वजन उठाया। 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी का फाइनल में स्नैच में पहला अटेम्प्ट 82 किग्रा का था। उन्होंने दूसरे प्रयास में 82 किग्रा उठाया। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी का तीसरा अटेम्प्ट 88 किग्रा का रहा। वहीं, भारतीय एथलीट का क्लीन एंड जर्क में पहला अटेम्प्ट 103 किग्रा का था। उनका दूसरा प्रयास में 107 किग्रा रहा। ज्ञानेश्वरी ने आखिरी अटेम्प्ट में 111 किग्रा उठाया। यह उनका क्लीन एंड जर्क में पर्सनल बेस्ट है।

ज्ञानेश्वरी से ज्यादा वजन इस एथलीट ने उठाया

नाइजीरिया की ओनोमे दीदीह ने गोल्ड पर कब्जा जमाया। दीदीह ने 110 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा। दीदीह ने कुल 206 किग्रा वजन उठाया। उनका स्नैच में बेस्ट 93 किग्रा था। दीदीह और ज्ञानेश्वरी में सात किग्रा का अंतर रहा। कनाडा की वेटलिफ्टर रेबेका ग्रौल्क्स ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 176 किग्रा वजन उठाया। ग्रौल्क्स स्नैच में 83 जबकि क्लीन एंड जर्क में 95 किग्रा का अटेम्प्ट बेस्ट रहा।

स्नैच में ज्ञानेश्वरी के तीनों लिफ्ट साफ सुथरे थे

आंकड़े हालांकि पूरी कहानी नहीं बताते। यहां दो युवा भारोत्तोलकों के बीच एक जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला, जिसमें कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। लगभग हर सफल कोशिश के बाद अधिकारियों को नया खेल रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए तेजी दिखानी पड़ी, क्योंकि ज्ञानेश्वरी और ओनोमे के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी और इस मुकाबले ने खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों को अपनी सीटों से उठने पर मजबूर कर दिया। स्नैच में ज्ञानेश्वरी के तीनों लिफ्ट साफ सुथरे थे। क्लीन एंड जर्क में शानदार मुकाबला रहा। भारतीय खिलाड़ी ने 107 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया लेकिन ओनोमे ने तुरंत ही 110 किलो वजन उठाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। ज्ञानेश्वरी भी हार मानने को तैयार नहीं थी जिन्होंने 111 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

भारत के पास कॉमनवेल्थ गेम्स में इतने मेडल

भारत के हाथ मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स में पांच मेडल लग चुके हैं। भारत ने अब तक सभी मेडल वेटलिफ्टिंग में जीते हैं। मीराबाई चानू ने गोल्ड, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर और झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज हासिल किया। झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग के हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज जीतकर भारत का मेडल का मेडल का खाता खोला था। भारत पदक तालिका में फिलहाल आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 17 गोल्ड, 9 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज सहित कुल 40 मेडल के साथ टॉप पर काबिज है।

लेखक के बारे में

Md.Akram

मोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार

परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।

अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।

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