Sun, 11 Oct 2026 07:19 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 11 Oct 2026 07:19 AM IST
सार
Navratri Vrat Yoga Tips: नवरात्रि में व्रत के पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेते हुए भी फिटनेस पर ध्यान दिया जा सकता है। इसके लिए भोजन की मात्रा संतुलित रखें, नियमित रूप से सक्रिय रहें और अपनी क्षमता के अनुसार योग करें।
Yoga During Navratri 2026: नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों के लिए खानपान के साथ शारीरिक सक्रियता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। व्रत में आलू, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन खूब खाए जाते हैं। वहीं, घी और फलाहारी तेल का अधिक इस्तेमाल भोजन की कैलोरी बढ़ा सकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि व्रत के दौरान पसंदीदा चीजें खाने के साथ वजन को संतुलित कैसे रखा जाए?इसका जवाब संतुलित खानपान, सही मात्रा में भोजन और नियमित योगाभ्यास में छिपा है। हालांकि, केवल योग करने से यह गारंटी नहीं मिलती कि घी-आलू खाने के बावजूद वजन नहीं बढ़ेगा। वजन पर कुल कैलोरी, भोजन की मात्रा, नींद और रोजाना की शारीरिक गतिविधि का भी असर पड़ता है। कुछ आसान योगासन शरीर को सक्रिय रखने, लचीलेपन और संतुलन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि व्रत के दौरान कौन-से योगासन किए जा सकते हैं और खानपान में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर का संतुलन सुधारने और शरीर की मुद्रा बेहतर बनाने वाला आसान योगासन है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हों, पैरों को पास रखें और धीरे-धीरे हाथ ऊपर उठाते हुए एड़ियों को ऊपर करें। अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं। शुरुआत में इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं।
त्रिकोणासन - फोटो : Adobe
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन शरीर के किनारों, पैरों और कमर के आसपास खिंचाव पैदा करता है। दोनों पैरों के बीच उचित दूरी रखकर खड़े हों। एक हाथ को पैर की ओर झुकाएं और दूसरे हाथ को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड बाद दूसरी तरफ से यही प्रक्रिया दोहराएं। कमर या संतुलन से जुड़ी समस्या होने पर सावधानी बरतें।
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भुजंगासन - फोटो : Amar Ujala
भुजंगासन
भुजंगासन पीठ और रीढ़ के आसपास के हिस्से में लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकता है। पेट के बल लेटकर हथेलियां कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती को आराम से ऊपर उठाएं। कमर पर ज्यादा दबाव न डालें और दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं।
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सेतुबंधासन - फोटो : Istock
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन में पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ा जाता है और पैरों को जमीन पर रखा जाता है। इसके बाद सांस लेते हुए कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुककर सामान्य स्थिति में लौट आएं। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।