मुंबई के बांद्रा वेस्ट में मशहूर 'बांद्रा फेयर' (Bandra Fair) का आज, रविवार 13 सितंबर से आगाज हो गया है। पूरे एक हफ्ते तक चलने वाला यह 'माउंट मैरी फेस्ट' (Mount Mary Feast) 20 सितंबर तक चलेगा, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु और खाने-पीने के शौकीन पहुंचते हैं। मेले की टाइमिंग सुबह 5:30 बजे से रात 11 बजे तक है, जहां तड़के की प्रार्थना (Mass) से लेकर देर रात के स्ट्रीट फूड तक का मज़ा लिया जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए हमने पहले ही इलाके की टोह लेकर स्टॉल्स, स्ट्रीट फूड स्पॉट्स और सबसे आसान बजट रास्तों का खाका तैयार कर लिया है।
श्रद्धालुओं की एंट्री महबूब स्टूडियो की तरफ से बैरिकेड्स वाली गलियों के जरिए बेसिलिका (Basilica) की ओर रखी गई है। मेले से बाहर निकलने के लिए दो रास्ते हैं—पहला ईस्टर्न स्टेप्स (पूर्वी सीढ़ियां) और दूसरा केन रोड की तरफ खुलने वाला वेस्ट गेट। माउंट मैरी रोड और केन रोड के कुछ हिस्से में दुकानें सजाई गई हैं। वहीं शॉपिंग और आम सामान के स्टॉल्स सेंट जॉन बैपटिस्टा और रेबेलो रोड पर लगे हैं। परिवारों की सुरक्षा और मदद के लिए वीर जीजामाता क्रीड़ांगन में एक खास 'सेफ हाउस' (Safe House) भी बनाया गया है।
बांद्रा फेयर: टाइमिंग और ट्रेवल टिप्स
| तारीख | टाइमिंग | ट्रैफिक पाबंदी |
|---|---|---|
| 13–20 सितंबर | सुबह 5:30 से रात 11 बजे | सुबह 6 से रात 11 बजे |
माउंट मैरी फेस्ट: स्ट्रीट फूड ट्रेल और पॉपुलर स्टॉल्स
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं, तो हिल रोड से महबूब स्टूडियो की तरफ बढ़ते हुए स्ट्रीट फूड ट्रेल का आनंद लें। शुरुआती स्टॉल्स पर आपको मशहूर गुआवा चीज़ (अमरूद की मिठाई) और मार्जिपन मिलेंगे। इसके आगे बढ़ेंगे तो बॉटल मसाला फ्राइज, कटलेट और क्रिस्पी प्रॉन फ्राई के स्टॉल्स आपका दिल जीत लेंगे। सेंट जॉन बैपटिस्टा रोड के पास बने पॉप-अप्स पर गरमा-गरम 'फूगिया' (ईस्ट इंडियन बलून ब्रेड) खाकर अपनी फूड वॉक खत्म करें। ज्यादातर स्नैक्स ₹50 से ₹200 के बजट में मिल जाएंगे, जो डिश और क्वांटिटी पर निर्भर करता है।
मेले में पर्सनल गाड़ी से जाने से बचें। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 से रात 11 बजे तक बांद्रा की कई अंदरूनी गलियों में नो-पार्र्किंग और ट्रैफिक पाबंदियां लगा रखी हैं। सबसे बढ़िया तरीका यह है कि आप वेस्टर्न रेलवे से बांद्रा स्टेशन आएं और वहां से बेस्ट (BEST) बस नंबर 214 लेकर माउंट मैरी की सीढ़ियों तक पहुंचें। आप चाहें तो हिल रोड से पैदल चढ़कर भी जा सकते हैं। फेयर के दौरान बसें आमतौर पर महबूब स्टूडियो के पास ही छोड़ देती हैं, वहां से साइनबोर्ड देखते हुए एंट्री कॉरिडोर की तरफ बढ़ें।
बांद्रा फेयर: हाइजीन, UPI पेमेंट और फैमिली सेफ्टी
खाने की सफाई का ध्यान रखना बहुत आसान है। हमेशा वही काउंटर चुनें जहां भीड़ हो, फ्राइंग ऑयल का रंग देख लें और ताजा तलकर देने को कहें। पानी की बंद बोतल ही इस्तेमाल करें। महबूब स्टूडियो, केन रोड जंक्शन और वीर जीजामाता क्रीड़ांगन के पास मोबाइल टॉयलेट बनाए गए हैं। ज्यादातर वेंडर्स UPI पेमेंट स्वीकार करते हैं, फिर भी खराब नेटवर्क या छोटी-मोटी खरीदारी के लिए जेब में कुछ कैश और छुट्टे पैसे जरूर रखें। बेसिलिका के पास एम्बुलेंस और फर्स्ट-एड पोस्ट भी एक्टिव हैं।
रविवार और शाम के वक्त मेले में काफी भीड़ उमड़ती है, इसलिए परिवार के साथ आ रहे हैं तो वर्किंग डेज (सोमवार से शुक्रवार) की सुबह या देर शाम का वक्त चुनें। अगर गलियों की भीड़ से थोड़ा ब्रेक चाहिए तो बैंडस्टैंड प्रोमनेड और सी-लिंक के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। स्थानीय निवासियों की प्राइवेसी का ध्यान रखें, कचरा डस्टबिन में ही डालें और रास्तों में बेवजह खड़े न हों। बांद्रा फेयर की असली खूबसूरती आस्था, लजीज खाने और आपस में बांटी जाने वाली छोटी-छोटी खुशियों में ही है।