पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज आधी रात से कांवड़ यात्रा का सबसे व्यस्त चरण (Peak Phase) शुरू होने जा रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ-देहरादून कॉरिडोर पर ट्रैफिक को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। ये पाबंदियां 2 अगस्त तक लागू रहेंगी, इसलिए अगर आप इस रूट पर निकलने वाले हैं, तो भारी जाम से बचने के लिए ट्रैफिक अपडेट्स जरूर देख लें। ये तमाम इंतजाम शिव भक्तों की सुरक्षा और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए किए गए हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर अब भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी, छोटे वाहनों के लिए भी नियम सख्त किए जाएंगे। उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) का इस्तेमाल करें। गाजियाबाद और मेरठ पुलिस 2 अगस्त तक इन नियमों को सख्ती से लागू करेगी। मुख्य नेशनल हाईवे 58 (NH-58) को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए रिजर्व रखने के मकसद से यह डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।
कांवड़ यात्रा ट्रैफिक डायवर्जन और रूट मैनेजमेंट
गाजियाबाद और नोएडा में ट्रैफिक को अलग-अलग वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया है। मेरठ प्रशासन ने दिल्ली जाने वाले वाहनों को हापुड़ और गंगनहर पटरी मार्ग की ओर डायवर्ट किया है। वहीं, हरिद्वार में बैरागी कैंप क्षेत्र में पार्किंग के बड़े इंतजाम किए गए हैं। पवित्र हर की पौड़ी के आसपास किसी भी वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई इलाकों को 'वॉकिंग जोन' में तब्दील कर दिया गया है।
| क्षेत्र | वैकल्पिक मार्ग | बेहतर विकल्प |
|---|---|---|
| दिल्ली से मेरठ | हापुड़ बाईपास | ट्रेन (IRCTC) |
| नोएडा से देहरादून | गढ़ होते हुए NH-9 | ट्रेन या मेट्रो |
| हरिद्वार लोकल | वॉकिंग जोन | ई-रिक्शा |
हरिद्वार यात्रा सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट के अन्य विकल्प
अगर आप ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो सड़क के जाम से बचने के लिए ट्रेन का चुनाव करना सबसे अच्छा रहेगा। कांवड़ यात्रा के दौरान भारतीय रेलवे हरिद्वार के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनों की रियल-टाइम जानकारी के लिए आप 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, रास्तों और डायवर्जन की सटीक जानकारी के लिए यूपी पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें, जहां पल-पल के अपडेट्स दिए जा रहे हैं।
उम्मीद है कि 12 अगस्त को यात्रा संपन्न होने के बाद ही ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो पाएगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले दर्शन के समय और होटलों की उपलब्धता जरूर जांच लें। पुलिस के निर्देशों का पालन करना आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। सही प्लानिंग के साथ आप इस बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़भाड़ और परेशानी से बच सकते हैं।