मुंबई में 20 बिल्लियों की मौत से सनसनी, काला जादू का शक; FIR दर्ज

Published on 10 सित॰ 2026

मुंबई के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों की मौत और उनके क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है. पांजरापोल इलाके में अगस्त से अब तक कई बिल्लियों के गायब होने और मारे जाने की बात सामने आई है

मुंबई के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों की मौत और उनके क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है. पांजरापोल इलाके में अगस्त से अब तक कई बिल्लियों के गायब होने और मारे जाने की बात सामने आई है

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मुंबई के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों की मौत और उनके क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है. पांजरापोल इलाके में अगस्त से अब तक कई बिल्लियों के गायब होने और मारे जाने की बात सामने आई है. स्थानीय कैट केयरटेकर और सोशल वर्कर रुबीना पठान ने कई बिल्लियों के शव बरामद किए. 4 सितंबर को छह बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया. शवों की हालत इतनी भयावह थी कि उनके अंदरूनी अंग तक दिखाई दे रहे थे. अब RCF पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

छह बिल्लियों के शव मिलने के बाद बढ़ा शक

4 सितंबर को रुबीना पठान ने पांजरापोल इलाके में छह बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव देखे. इसके अगले दिन 5 सितंबर को एक और मरी हुई बिल्ली मिली, जबकि एक बिल्ली का बच्चा गंभीर हालत में मिला. लगातार बिल्लियों के गायब होने और फिर उनके शव मिलने से इलाके में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है. स्थानीय लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिल्लियों को कौन निशाना बना रहा है और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा जा रहा है.

बिल्लियों की हत्या के पीछे काला जादू का एंगल?

इस पूरे मामले में अब काले जादू का एंगल भी चर्चा में है. स्थानीय लोगों को शक है कि कहीं बिल्लियों की हत्या किसी तांत्रिक गतिविधि या अंधविश्वास से जुड़ी तो नहीं है. कुछ लोगों की आशंका है कि किसी अघोरी या तांत्रिक गतिविधि के लिए बिल्लियों को निशाना बनाया जा रहा हो सकता है. हालांकि अभी तक पुलिस जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे बिल्लियों की हत्या और काले जादू के बीच सीधा संबंध साबित हो सके. ऐसे में यह फिलहाल जांच का एक संभावित एंगल ही है.

काले जादू में बिल्लियों को लेकर क्या मान्यताएं हैं?

कुछ तांत्रिक मान्यताओं और अंधविश्वासों में बिल्लियों को रहस्यमयी शक्तियों से जोड़कर देखा जाता है. खासकर काली बिल्ली को लेकर अलग-अलग इलाकों में कई तरह की मान्यताएं मौजूद हैं. इसी अंधविश्वास के चलते कुछ लोग बिल्ली के शरीर के अंगों को कथित तांत्रिक क्रियाओं में इस्तेमाल किए जाने की बात मानते हैं. कथित तौर पर वशीकरण, शत्रु बाधा, बदला लेने या किसी व्यक्ति को डराने के लिए भी जानवरों का इस्तेमाल किए जाने की     बातें सामने आती रही हैं. हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

पुलिस ने दर्ज की FIR, CCTV से आरोपी की तलाश

9 सितंबर को शिकायत मिलने के बाद RCF पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई. फिलहाल इस मामले में आरोपी   की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और दूसरे सुरागों के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस के सामने चुनौती यह पता लगाने की भी है कि बिल्लियों को किस तरीके से निशाना बनाया गया और इन घटनाओं के पीछे असली मकसद क्या था.

पशु क्रूरता कानून के तहत मामला दर्ज

मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 325 और Prevention of Cruelty to Animals Act की धारा 11(1)(a) और 11(1)(l) के तहत FIR दर्ज की गई है. BNS की धारा 325 किसी जानवर को मारने, जहर देने, घायल करने या उसे बेकार कर देने से जुड़े अपराध को कवर करती है. इस धारा में पांच साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.

50 हजार के इनाम का ऐलान किया

मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था PETA India भी जांच में मदद कर रही है. PETA India ने उस व्यक्ति या व्यक्तियों की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये तक का इनाम देने का ऐलान किया है, जिसकी जानकारी से आरोपी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि हो सके. संस्था ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी जानकारी है तो वह सामने आए. जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है.

काला जादू या कोई और वजह, जांच के बाद खुलेगा राज

करीब 20 बिल्लियों की मौत के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन बेजुबान जानवरों को कौन और क्यों निशाना बना रहा है. क्या इसके पीछे काला जादू या कोई तांत्रिक गतिविधि है, किसी व्यक्ति की रंजिश है या फिर कोई सनकी आरोपी लगातार बिल्लियों को निशाना बना रहा है? फिलहाल इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा. पुलिस CCTV और दूसरे सुरागों के जरिए आरोपी तक पहुंचने में जुटी है. एक बात साफ है कि किसी भी अंधविश्वास या मकसद के नाम पर बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की क्रूरता को सही नहीं ठहराया जा सकता.ग लापता हैं.