
कुल इतने पदों पर होनी हैं भर्तियां
देश के सभी 20 काम कर रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (AIIMS) में फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी दोनों कैटेगरी में हजारों पद खाली पड़े हैं. लोकसभा में 24 जुलाई 2026 को एक अतारांकित सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि साल 2026-27 के दौरान इन संस्थानों में मंजूर पदों के मुकाबले बड़ी संख्या में सीटें अब भी खाली हैं. सरकार का कहना है कि योग्य उम्मीदवारों की उपलब्धता, रिजर्वेशन रोस्टर और संस्थान की लोकेशन जैसी वजहों से भर्ती की रफ्तार धीमी रहती है.
लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2026-27 में देश के 20 AIIMS में कुल 17,340 मंजूर पद खाली हैं. इनमें 2,181 फैकल्टी और 15,159 नॉन-फैकल्टी पद शामिल हैं. यानी हर पांच में से करीब एक मंजूर पद अब भी नहीं भरा जा सका है. सबसे ज्यादा कमी नॉन-फैकल्टी कैटेगरी में है, जिसमें नर्सिंग, टेक्निकल और सपोर्ट स्टाफ के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं. देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े संस्थान AIIMS नई दिल्ली की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता वाली है. यहां 1,313 मंजूर फैकल्टी पदों में से सिर्फ 877 भरे हैं, यानी 436 पद खाली हैं. वहीं 13,913 मंजूर नॉन-फैकल्टी पदों में से 2,461 पद खाली हैं. इस तरह अकेले दिल्ली AIIMS में कुल 2,897 पद खाली हैं, जो देश के किसी भी दूसरे AIIMS से कहीं ज्यादा हैं.

डेटा- 2026-27
सबसे ज्यादा खाली पद वाले AIIMS
2026-27 के आंकड़ों के आधार पर कुल खाली पदों (फैकल्टी + नॉन-फैकल्टी) के हिसाब से देश के टॉप 10 एम्स ये हैं-
| रैंक | AIIMS | फैकल्टी खाली | नॉन-फैकल्टी खाली | कुल खाली पद |
| 1 | नई दिल्ली | 436 | 2,461 | 2,897 |
| 2 | पटना | 88 | 1,103 | 1,191 |
| 3 | रायपुर | 92 | 1,068 | 1,160 |
| 4 | भुवनेश्वर | 99 | 1,045 | 1,144 |
| 5 | ऋषिकेश | 127 | 973 | 1,100 |
| 6 | मदुरै | 108 | 939 | 1,047 |
| 7 | भोपाल | 68 | 853 | 921 |
| 8 | जोधपुर | 184 | 695 | 879 |
| 9 | गुवाहाटी | 64 | 685 | 749 |
| 10 | राजकोट | 89 | 650 | 739 |
इस लिस्ट से साफ है कि सिर्फ नए AIIMS ही नहीं, बल्कि पहले से काम कर रहे संस्थान पटना, रायपुर, भुवनेश्वर और ऋषिकेश में भी 1,000 से ज्यादा पद खाली हैं. दिलचस्प बात यह भी है कि मदुरै जैसे नए AIIMS में नॉन-फैकल्टी भर्ती की रफ्तार खासतौर पर धीमी रही है. 2023-24 में यहां नॉन-फैकल्टी के 903 मंजूर पदों में सिर्फ 4 भरे थे और तीन साल बाद भी 1,011 मंजूर पदों में से 939 खाली हैं.
तीन साल का ट्रेंड
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023-24 से 2026-27 के बीच ज्यादातर AIIMS में मंजूर पदों की संख्या भी बढ़ाई गई है और भर्ती में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है. उदाहरण के लिए AIIMS नई दिल्ली में नॉन-फैकल्टी के खाली पद 2024-25 में 2,550 से घटकर 2026-27 में 2,461 रह गए. इसी तरह AIIMS राजकोट में नॉन-फैकल्टी के खाली पद 2023-24 के 819 से घटकर 2026-27 में 650 हो गए. हालांकि यह सुधार उतनी तेजी से नहीं हो रहा, जितनी तेजी से नए पद मंजूर किए जा रहे हैं. इसलिए कुल खाली पदों की संख्या अब भी ज्यादा बनी हुई है.
सरकार ने बताए भर्ती तेज करने के उपाय
AIIMS में खाली पदों को भरने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सभी संस्थानों में स्टैंडिंग सेलेक्शन कमेटी बनाई गई है. नए AIIMS में 70 साल तक के रिटायर्ड फैकल्टी को कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करने की सुविधा दी गई है. विजिटिंग फैकल्टी स्कीम के जरिए देश-विदेश के प्रोफेसरों को भी जोड़ा जा रहा है. नर्सिंग ऑफिसरों की भर्ती NORCET, ग्रुप B और C कर्मचारियों की भर्ती कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE) तथा जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स की भर्ती INI-CET और INI-SS के जरिए की जा रही है.
मरीजों को राहत देने की कोशिश
खाली पदों के बावजूद सरकार का दावा है कि मरीजों की सुविधा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. इनमें OPD सेवाओं का विस्तार, रजिस्ट्रेशन की क्षमता बढ़ाना, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत डिजिटल हेल्थ सर्विस, एक ही दिन में जांच की सुविधा, डायग्नोस्टिक सर्विस का विस्तार और सरकारी योजनाओं के तहत कैशलेस इलाज शामिल हैं.
कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि AIIMS जैसे बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है. खासकर नॉन-फैकल्टी स्टाफ की भर्ती में तेजी लाना आने वाले समय में मरीजों की देखभाल और हेल्थ सर्विस की क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहेगा.
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देवेश कुमार पांडेय
देवेश कुमार पांडेय TV9 Hindi में बतौर सब-एडिटर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले देवेश को राजनीति के अलावा इतिहास, साहित्य में दिलचस्पी है. साल 2024 में भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के अमरावती कैंपस से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. देवेश को घूमना, लिखना, पढ़ना और पॉडकास्ट सुनना पसंद है.
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