दूसरे टी20 में श्रेयस अय्यर की जगह शिवम दुबे को भेजना भारतीय टीम को पड़ा महंगा | Sending Shivam Dube in place of Shreyas Iyer in the second T20 proved costly for the Indian team.

Published on 10 अक्टू॰ 2026

नई दिल्ली, भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 शुक्रवार को रांची में खेला गया। हाई-स्कोरिंग रहे इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम को चौंकाते हुए 6 विकेट से जीत हासिल की। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की यह सबसे बड़ी जीत थी।

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 82, ईशान किशन के 43, श्रेयस अय्यर के 40 और तिलक वर्मा के नाबाद 44 रन की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट पर 249 रन बनाए थे।

वेस्टइंडीज ने अपने कप्तान और सलामी बल्लेबाज शाई होप के 45 गेंदों पर 9 छक्कों और 6 चौकों की मदद से बनाए विस्फोटक 102 रन और शरफेन रदरफोर्ड के 37 गेंदों पर 7 छक्कों और 7 चौकों की मदद से बनाए 84 रनों की बदौलत 18.3 ओवर में 4 विकेट पर 252 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया। वेस्टइंडीज का टी20 में यह सबसे बड़ा रन-चेज था।

वेस्टइंडीज ने बेशक यह मैच जीत लिया और इसका पूरा श्रेय उसे दिया जाना चाहिए, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान रणनीतिक चूक न की होती, तो शायद परिणाम पक्ष में आ सकता था।

भारतीय टीम का दूसरा विकेट 11.1 ओवर में 139 रन पर गिरा। इस समय ऐसा लग रहा था कि भारत का स्कोर 280 के पास या उससे भी अधिक जा सकता है, लेकिन मैनेजमेंट की तरफ से यहीं एक चूक हो गई। कप्तान श्रेयस अय्यर लंबे समय से पैड पहनकर बल्लेबाजी के लिए आने को तैयार थे और वॉर्म-अप कर रहे थे। ईशान किशन के बाद उन्हें आना था और उन्हें ही आना चाहिए था। लेकिन, किशन की जगह शिवम दुबे को भेजा गया। यह फैसला गलत साबित हुआ।

शिवम को स्पिन के खिलाफ बड़े हिट लगाने के लिए जाना जाता है। उन्हें सेट होने के लिए ज्यादा समय नहीं चाहिए होता है। अगर वे टच में हैं, तो पहली गेंद से ही हिट लगा सकते हैं, इसलिए आखिरी ओवरों में वे ज्यादा प्रभावी होते हैं। श्रेयस भी स्पिन के अच्छे बल्लेबाज हैं। उन्हें शुरुआत में थोड़ा समय चाहिए होता है, लेकिन सेट होने के बाद वे क्या कर सकते हैं, वह पिछले मैच में शतक लगाकर दिखा चुके हैं। इस मैच में भी उन्होंने 18 गेंदों पर 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 40 रन बनाए।

शिवम दुबे 10 गेंदों पर 7 रन बनाकर आउट हो गए। शिवम की वजह से भारत की रन गति नीचे आ गई। इसका असर कुल टोटल पर पड़ा और भारत अनुमान से कम से कम 30 रन पीछे था। अगर इन-फॉर्म श्रेयस को शिवम की जगह भेजा गया होता, तो भारत का स्कोर 280 से ऊपर हो सकता था और टीम इंडिया जीत सकती थी।