मुरैना के त्रेतायुगीन शनि धाम में शनि अमावस्या का मेला: राजस्थान से महाराष्ट्र तक के श्रद्धालु पहुंचे, सुरक्षा में 1400 अधिकारी-कर्मचारी तैनात - Morena News

Published on 10 अक्टू॰ 2026

मुरैना में शनि अमावस्या पर शनिवार को मुरैना के ऐंती पर्वत स्थित त्रेतायुगीन शनि धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु भगवान शनिदेव के दर्शन करने पहुंच

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10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

शनि अमावस्या के अवसर पर ऐंती स्थित शनि धाम में मेले का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

एडीएम अश्वनी कुमार रावत के अनुसार, शनि अमावस्या पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के लगभग 1400 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सभी को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार काम सौंपा गया है।

रामायणकालीन मान्यता से जुड़ा है शनि धाम

मुरैना के ऐंती पर्वत पर स्थित शनि मंदिर को रामायणकालीन और त्रेतायुगीन मान्यताओं से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। मंदिर के महंत रामदास जी के अनुसार, यहां भगवान शनिदेव की प्रतिमा मानव स्वरूप में स्थापित है।

महंत के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे थे, तब रावण के दरबार में शनिदेव बंदी अवस्था में थे। हनुमान जी ने उन्हें बंधन से मुक्त कराया। इसके बाद शनिदेव ने उनसे ऐसी जगह पहुंचाने का आग्रह किया, जहां वे रावण की पहुंच से दूर रह सकें।

मान्यता के अनुसार, हनुमान जी ने शनिदेव को अपने बल से दूर फेंका, जिसके बाद वे मुरैना के प्राचीन विंध्याचल पर्वत यानी ऐंती पर्वत पर आकर गिरे। यहां उन्होंने तपस्या कर अपनी शक्तियां अर्जित कीं। इसी मान्यता के कारण यह स्थान देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

50 साल से भंडारा कर रहा शनि भंडारा ट्रस्ट

शनि अमावस्या पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है। राजस्थान के सिरसा से आए विवेक गर्ग के अनुसार, उनका शनि भंडारा ट्रस्ट पिछले 50 वर्षों से यहां आकर सेवा कर रहा है। ट्रस्ट से जुड़े राजस्थान के लोग मिलकर हर साल शनि अमावस्या पर भंडारे का आयोजन करते हैं।

विवेक गर्ग ने बताया कि शनिदेव की कृपा से उन्हें जीवन में बहुत कुछ मिला है। इसी भावना के साथ वे यहां आकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं और भंडारे के माध्यम से प्रसादी वितरित करते हैं।

देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

शनि अमावस्या पर ऐंती शनि धाम में मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की आवाजाही जारी है। प्रशासन के सामने लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने और मेले की व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी है।