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- After 20 Years, Buses Are Back Under Government Control, Fares Are Fixed... With Live Locations Too.
भोपाल33 मिनट पहले
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भेल दशहरा मैदान
भोपाल-इंदौर-उज्जैन रूट पर गडकरी करेंगे शुरुआत
मप्र में 20 साल बाद फिर से सड़कों पर सरकार के नियंत्रण वाली बसें दिखाई देने वाली हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को भोपाल से सीएम सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद भोपाल, इंदौर और उज्जैन के साथ जबलपुर, सागर, रीवा, कटनी और भिंड से पहले चरण में 351 बसें चलने लगेंगी।
इसमें 180 प्रधानमंत्री ईवी बसें भी शामिल हैं, जिन्हें मप्र सरकार निजी ऑपरेटर (न्यू गो) के जरिए चलवाएगी। बाकी शहरों के लिए कब चलेंगी, तिथि तय नहीं है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सरकार का वर्ष 2031 तक 15,000 बसें चलाने का लक्ष्य है। पूरी योजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर लागू होगी। शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी है। इसीलिए मोहन सरकार इसी दिन सेवा की शुरुआत कर रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा का विस्तार किया जाएगा।
निमंत्रण कार्ड पर विवाद, रातों-रात छपे नए कार्ड : कार्यक्रम के लिए नगर निगम ने पहले जो निमंत्रण पत्र छपवाए, उनमें पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नाम नहीं थे। नाराज मंत्रियों ने न्योता ठुकरा दिया। इसके बाद निगम ने रातों-रात नए कार्ड छपवाए। दक्षिण के राज्यों जैसी सुविधा का दावा : दक्षिण के राज्यों की बेहतर बस सेवाओं की तर्ज पर मप्र में भी नेटवर्क तैयार करने की योजना है। वोल्वो के साथ ईवी बसें भी चलाई जाएंगी। फोकस बसों की गुणवत्ता, सुविधा और नियमित संचालन पर रहेगा।

नोट: आंकड़े रुपए में। इसमें जीएसटी शामिल नहीं। *भोपाल-जबलपुर दूरी वाया सागर।
इससे ज्यादा किराया नहीं ले सकेंगे ऑपरेटर अब निजी बसें भी सुगम सेवा के तहत ही चलेंगी। इससे पहले परिवहन विभाग किराया बढ़ा चुका है। प्रति किमी किराया 1.25 रुपए से बढ़ाकर 2 रुपए किया था। अब ये फिक्स किराया होगा।
वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है भोपाल-इंदौर जैसे बड़े शहरों में 5-10 मिनट में सेवा
किन शहरों को कितनी बसें मिलेंगी? पहले चरण में 7 शहरों को कुल 351 बसें मिलेंगी।

बस छूटी तो दूसरी कब मिलेगी? रूट व शहर के हिसाब से 5 से 30 मिनट के अंतर पर बसें मिलेंगी। इंदौर-भोपाल जैसे व्यस्त रूट पर हर 5 से 10 मिनट में बस उपलब्ध होगी।
बस कब आएगी, क्या मोबाइल पर लाइव देख सकेंगे? हां। इसके लिए एप तैयार हो रहा है। टिकट लेने के बाद मोबाइल पर बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। बस डिपो के डिजिटल डिस्प्ले पर भी समय व रूट की जानकारी मिलेगी।
टिकट कहां मिलेगा? मोबाइल से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। बस में भी डिजिटल टिकट मिलेगा।
क्या रात में भी बसें मिलेंगी? हां। संचालन रात में भी होगा।
ऑपरेटर ज्यादा किराया मांगे तो? हर रूट और बस श्रेणी का किराया तय रहेगा। इससे ज्यादा राशि लेने की शिकायत सही मिली तो ऑपरेटर पर कार्रवाई होगी।
बस लेट हुई या रूट से हटी तो? जीपीएस व व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस होंगे। कंट्रोल रूम से बस की लाइव लोकेशन, रूट व टाइमिंग की निगरानी होगी।
महिला सुरक्षा की क्या व्यवस्था? बसों में सीसीटीवी व पैनिक बटन रहेगा। जरूरत पर महिला यात्री इस्तेमाल कर सकेंगी।
दिव्यांग यात्रियों को किराए में छूट मिलेगी? सामान के पैसे लगेंगे? दिव्यांग यात्रियों को पहले की तरह किराए में 50% छूट मिलेगी। सामान्य लगेज का अलग किराया नहीं, लेकिन अतिरिक्त सामान या माल पर शुल्क देना होगा।
बस की लोकेशन से ड्राइविंग तक निगरानी कैसे होगी? भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, उज्जैन व सागर के कमांड एंड कंट्रोल रूम से बसों की लाइव लोकेशन, स्पीड, रूट व टाइमिंग पर नजर रहेगी। ड्राइवर-कंडक्टर भी निगरानी में रहेंगे। बसों की सफाई, गुणवत्ता और सुरक्षा भी जांची जाएगी।
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