दुधावा के पास बारिश से सड़क और ढलान क्षतिग्रस्त हो रही। यहां की मिट्टी लगातार दरक रही है। परेशानियों के चलते दुधावा के पास रास्ता बंद कर दिया गया है। फोटो: सुधीर सागर
रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला इकोनॉमिक कॉरिडोर का तैयार हिस्सा पहली बारिश में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया। छत्तीसगढ़ में करीब 106 किमी बनी इस सड़क की भास्कर ने पड़ताल की। इस दौरान 20 से ज्यादा दरारें मिलीं। 25 से अधिक स्थानों पर सड़क पर पेंचवर्क नजर आय
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- कांकेर के दुधावा में पुल के स्लोप की मिट्टी धंसकती जा रही, एप्रोच एम्बैंकमेंट भी बह रहा, हादसे की आशंका
दरअसल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे इस कॉरिडोर में छत्तीसगढ़ में कुल लंबाई 124.661 किमी है। इस पर 4 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। इसे 3 फेज में बनाया जा रहा है। अभी दो फेज का काम पूरा हो चुका है और तीसरे फेज का काम चल रहा है। इसके तहत कांकेर-कोंडागांव के बीच की पहाड़ी पर बन रही टनल तक इस सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
दुधावा के पास सड़क बंद, गांव से डायवर्जन बारिश से सड़क और ढलान क्षतिग्रस्त होने के बाद दुधावा के पास रास्ता बंद कर दिया गया है। यहां से न आगे जा सकते हैं और न कांकेर की ओर बने टोल प्लाजा से बाहर निकल सकते हैं। वाहन पास के गांव की संकरी सड़क से होकर निकल रहे हैं। टनल के आगे करीब 20 किमी निर्माण अधूरा टनल के आगे ओडिशा सीमा तक करीब 20 किमी सड़क अधूरी है। एक टनल के मुहाने पर सफाई चल रही है, जबकि दूसरा बंद है। इस हिस्से में 10 से ज्यादा पुल हैं, लेकिन सड़क कुछ जगह ही उनसे जुड़ सकी है। कहीं मुरम बिछाई जा रही है तो कहीं गिट्टी डालकर समतलीकरण हो रहा है। दूसरी ओर, ओडिशा का अधिकांश हिस्सा बनकर तैयार है।
भास्कर एक्सपर्ट
-डॉ पीएसएल राव, डॉयरेक्टर, स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नईदिल्ली
मिट्टी के मुताबिक मटेरियल डालना जरूरी
जिस स्थान पर सड़क या पुल का निर्माण किया जाता है वहां पर मिट्टी के मुताबिक मटेरियल डाला जाता है। इसके साथ ही अलग-अलग लेयर में जब मटेरियल डाला जाता है तो उसे ठीक ढंग से बिठाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाती है लेकिन यदि सड़क उखड़ रही है या फिर उसमें दरारें दिख रही हैं तो इसका मतलब है कि जल्दबाजी में लीपापोती करने के लिए काम की गुणवत्ता से खिलवाड़ किया गया है। कई बार कम सामग्री डालने के कारण भी ऐसी स्थिति निर्मित होती है।
कुरूद से पहले एक किलोमीटर में 10 से ज्यादा पैच
कुरूद से करीब आठ किमी पहले एक किमी के दायरे में 10 से ज्यादा पैच दिखाई दिए। सड़क के दोनों ओर मरम्मत के निशान हैं। कुरूद से टनल की ओर बढ़ने पर कई अन्य हिस्सों में भी दरारें और पैचवर्क मिले।
तीन हिस्सों में हो रहा है छत्तीसगढ़ में भारतमाला का निर्माण
रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला-इकोनॉमिक कॉरिडोर में छत्तीसगढ़ का हिस्सा करीब 125 किमी है और इसे 3 पैकेज में बनाया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में इन तीनों की परियोजना लागत कुल 4,146.08 करोड़ है।
स्लोप की रिपेयरिंग कर दी गई है
बारिश में इस तरह की स्थिति निर्मित हो जाती है। लेकिन हमने स्लोप की रिपेयरिंग कर दी है। स्लोप ज्यादा दूर तक कटे तो सड़क पर दिक्कत आ सकती है लेकिन सड़क और स्लोप के बीच चार से पांच मीटर की दूरी होती है इससे सड़क को कोई नुकसान नहीं होगा। अभी काम चल रहा है इसलिए कुछ स्थानों पर इस तरह की परेशानियां आ सकती है लेकिन सड़क के पूरा होने के बाद ऐसा कुछ नहीं होगा। -शमशेर सिंह, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, एनएचएआई