दक्षिण ओडिशा: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के चलते दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। कोरापुट, गजपति और गंजाम समेत कई जिलों में हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने 2 हजार से ज्यादा लोगों को संवेदनशील इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कम से कम 15 जिलों में बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर पड़ा है।
पढ़ें :- बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच संतों की मध्यस्थता से गिले-शिकवे दूर, चार साल से चल रहा पुराना विवाद खत्मकोरापुट में बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। कोटपाड़ इलाके की दो पंचायतों से करीब 160 लोगों को एहतियातन बाहर निकाला गया। गजपति में भी करीब 1,300 लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया। लगातार बारिश के कारण यहां भूस्खलन, सड़क बाधित होने और कच्चे मकानों को नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं।
कोरापुट में पेड़ गिरने से बड़ा हादसा टला
कोरापुट शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-26 पर एक विशाल पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में एक कार आ गई और कुछ समय के लिए विशाखापट्टनम तथा रायपुर की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। वहीं गंजाम में भी बारिश के कारण सड़कें बंद होने और घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं।
बारिश का असर सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गंजाम और कंधमाल के बीच एनएच-157 के कलिंगा घाट हिस्से को भूस्खलन के खतरे को देखते हुए दो दिन के लिए बंद किया गया है। कई इलाकों में पहाड़ी मलबा और बोल्डर सड़कों पर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
पढ़ें :- 'Form 6' को लेकर चुनाव आयोग में आपत्तियां, SIR और वोटर डेटाबेस पर भी उठे सवाल, 10 महीने में 14 बार दर्ज हुई आपत्तिसेमिलिगुड़ा में 24 घंटे में करीब 194 मिमी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण ओडिशा में बारिश अभी भी चिंता का कारण बनी हुई है। कोरापुट के सेमिलिगुड़ा में पिछले 24 घंटे में 193.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम प्रणाली फिलहाल दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बनी हुई है और इसके धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है।
सरकार ने राहत और बचाव के लिए 33 ओड्राफ टीमों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के मुताबिक फिलहाल मौसम प्रणाली को चक्रवात नहीं बताया गया है।