Updated: Tuesday, September 22, 2026, 13:48 [IST]
IND vs JAP: जापान के सानो में भारत और जापान के बीच सुजुकी कप का मुकाबला बारिश के कारण करीब तीन घंटे की देरी से शुरू हुआ। रात और सुबह की बारिश के बाद आउटफील्ड काफी गीली थी, जिसके चलते अंपायरों को कई बार मैदान का निरीक्षण करना पड़ा। हालात को देखते हुए मुकाबले को घटाकर 5-5 ओवर का कर दिया गया।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में भारतीय बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में गेंदबाजों पर हमला बोला था, जापान में तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई। सानो की परिस्थितियों में गीली आउटफील्ड और बेहद धीमी पिच पर भारतीय बल्लेबाजों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अभिषेक-संजू-ईशान फेल, पावर हिटिंग का प्लान अटका
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी लेकिन शुरुआत ही झटके वाली रही। अभिषेक शर्मा पहली गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन 7 गेंद में 9 रन बनाकर लौटे, जबकि ईशान किशन (3) भी जल्दी पवेलियन चले गए। यानी जिन बल्लेबाजों से 5 ओवर के इस छोटे मुकाबले में शुरुआत से ही चौके-छक्कों की उम्मीद थी, वे पिच की गति और जापान के गेंदबाजों के सामने खुलकर नहीं खेल सके।
5 ओवर में 32/4, श्रेयस पर आखिरी ओवरों का जिम्मा
भारतीय पारी 4।4 ओवर में 32/3 तक पहुंची थी, जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर 11 गेंद पर 16 रन बनाकर नाबाद थे और तिलक वर्मा उनके साथ थे। स्कोरकार्ड यह भी दिखाता है कि भारत के लिए इस पिच पर रन बनाना उम्मीद के मुताबिक आसान नहीं रहा। बेहद धीमी विकेट पर जापान ने सिर्फ अपने स्पिनरों का इस्तेमाल किया और भारतीय बल्लेबाज गेंद को मारने के लिए तरसते रहे।
टीम इंडिया की बढ़ गई थी परेशानी
जापान ने 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को आखिर तक रोमांचक बनाए रखा। 5 ओवर के इस मुकाबले में मेजबान टीम ने 3.5 ओवर में 25/2 रन बना लिए थे और आखिरी 6 गेंदों में उसे जीत के लिए सिर्फ 8 रन चाहिए थे। यानी भारत के 32 रन के छोटे स्कोर के बावजूद जापान ने मैच को एकतरफा नहीं होने दिया। अंतिम ओवर में वाइड का गलत निर्णय भी अंपायर ने बदल दिया, जो भारत के फेवर में गया।
अक्षर पटेल ने की अच्छी गेंदबाजी
साँसें थाम देने वाले इस मैच का अंतिम ओवर अक्षर पटेल ने फेंका और जापान को 3 विकेट पर 30 के स्कोर तक सीमित करते हुए क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा उलटफेर टाल दिया और टीम इंडिया को 2 रनों से जीत दिला दी। हालांकि इस जीत को शर्मनाक ही कहा जाना चाहिए। भारत के लिए वॉशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 2 विकेट अपने नाम किए।
डीआरएस और थर्ड अंपायर नहीं थे
यह मुकाबला किसी गली क्रिकेट से कम नहीं था। पिच एकदम मरी हुई थी। इसके अलावा डीआरएस और थर्ड अंपायर तक नहीं थे। ऐसे में बिना किसी सुविधा के इस तरह मुकाबला खेलने का कोई फायदा नहीं था। भारत के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि पूरी दुनिया के सामने इज्जत बच गई।