आगरा। उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में निवेश के नाम पर ‘रकम दोगुनी’ करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ आगरा पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।
‘एसबीएनएल वर्ल्डवाइड’ (SBNL Worldwide) कंपनी के नाम पर निवेशकों के साथ करीब 2.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के इस गंभीर मामले में कमला नगर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई के तहत दो मुख्य वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान युवराज सिंह और राहुल सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को न्यू आगरा क्षेत्र की ग्रेटर कॉलोनी में एक परिचित के घर छिपे होने के दौरान दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर ठगी के पैसों से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल की जाने वाली मारुति बलेनो (Maruti Baleno) कार भी बरामद कर ली गई है। इस गिरोह का मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल पहले ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
वर्ष 2023 से शुरू हुआ था ठगी और निवेश का खेल
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन आरोपियों ने वर्ष 2023 से लेकर 2025 के बीच अलग-अलग भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाया। एसबीएनएल वर्ल्डवाइड कंपनी के जरिए निवेश करने पर यह झांसा दिया जाता था कि उनकी रकम एक निश्चित और कम अवधि के भीतर दोगुनी कर दी जाएगी। जो लोग बड़ी रकम निवेश करते थे, उन्हें शुरुआत में आकर्षक मुनाफे का लालच देकर और समय पर भुगतान (रिटर्न) देकर पूरी तरह भरोसा कायम किया जाता था। निवेशकों को जब शुरुआती दौर में समय पर पैसे मिलने लगे, तो उन्हें लगा कि कंपनी वास्तव में निवेश के बदले भारी मुनाफा दे रही है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने धीरे-धीरे लोगों से बड़ी मात्रा में पैसे निवेश करा लिए।
भरोसा बढ़ने पर करोड़ों रुपये ऐंठे, बाद में बंद हुआ भुगतान
शुरुआत में समय पर भुगतान मिलने से निवेशकों का विश्वास उन पर पूरी तरह जम गया, जिसके बाद उन्होंने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी इस कंपनी में पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया। देखते ही देखते कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा इस फर्जी कंपनी में लगा दिया। जब निवेश की कुल रकम बढ़कर करोड़ों रुपये तक जा पहुँची, तो अचानक आरोपियों ने निवेशकों को भुगतान करना पूरी तरह बंद कर दिया।
जब निवेशकों ने अपनी मूल रकम और तयशुदा मुनाफे की मांग शुरू की, तो उन्हें टालमटोल किया जाने लगा और अलग-अलग झूठे बहाने बनाए जाने लगे। काफी लंबे समय तक जब पैसे वापस नहीं मिले, तब निवेशकों को एहसास हुआ कि वे किसी बड़े फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस से की।
मुख्य सरगना पहले ही जा चुका है जेल
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बैंक खातों की डिटेल्स, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच शुरू की। पुलिस ने इससे पहले इस गिरोह के मुख्य सरगना सत्यप्रकाश तित्तल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही अन्य फरार और वांछित आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी कड़ी में पुलिस और सर्विलांस टीम को युवराज सिंह और राहुल सोनी की गतिविधियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर पुलिस ने न्यू आगरा की ग्रेटर कॉलोनी में दबिश देकर दोनों को धर दबोचा।
पुलिस की अपील और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और यह 2.26 करोड़ रुपये की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) खंगालने में जुटी है।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी ऐसी कंपनी या व्यक्ति के झांसे में न आएं जो कम समय में रकम दोगुनी करने या असामान्य रूप से अत्यधिक रिटर्न देने का दावा करता हो। किसी भी जगह पैसे निवेश करने से पहले कंपनी की कानूनी वैधता और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य कर लें, अन्यथा बिना सोचे-समझे बड़ी रकम निवेश करना भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।