Updated: Friday, September 11, 2026, 20:45 [IST]
Fatehpur Technician Tied Mobile Tower VIDEO: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक गांव में करीब दो साल से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एक टेलीकॉम कंपनी के टेक्नीशियन को मोबाइल टावर के पास कथित तौर पर करीब दो घंटे तक बांधे रखा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और टेक्नीशियन को मौके से छुड़ाया गया।
हालांकि, इस मामले में एक चौंकाने वाला दावा भी सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, टेक्नीशियन ने कथित तौर पर खुद को टावर से बांधने के लिए कहा था, ताकि कंपनी के अधिकारियों का ध्यान लंबे समय से चली आ रही नेटवर्क समस्या की ओर खींचा जा सके। पुलिस ने टेक्नीशियन की शिकायत पर अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिजली सप्लाई जांचने पहुंचा था टेक्नीशियन
मामला हरदौली गांव का बताया जा रहा है। टेलीकॉम टेक्नीशियन आदित्यभान सिंह गांव में मोबाइल टावर की बिजली आपूर्ति से जुड़ी जांच के लिए पहुंचा था। इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने इलाके में लंबे समय से खराब मोबाइल नेटवर्क को लेकर टेक्नीशियन से शिकायत की। बातचीत के दौरान मामला कथित तौर पर बहस में बदल गया। ग्रामीणों का कहना है कि टावर लगने के बावजूद इलाके में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर नहीं हुई है।
ग्रामीण ने कहा- टावर से बांध दो
बताया जा रहा है कि बहस के दौरान एक ग्रामीण ने गुस्से में टेक्नीशियन को मोबाइल टावर से बांधने की बात कही। इसके बाद उसे टावर के आधार के पास बांध दिया गया। पुलिस को दी गई शिकायत में टेक्नीशियन ने आरोप लगाया कि उसे करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। हालांकि, घटना की जांच के दौरान एक अलग पहलू भी सामने आया।
'खुद बांधने को कहा था', सामने आया दूसरा दावा
स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि टेक्नीशियन ने कथित तौर पर ग्रामीणों से खुद को बांधने के लिए कहा था। उसका मकसद यह था कि अगर वह इस तरह की स्थिति में पहुंचता है तो कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को यह समझाने में आसानी होगी कि गांव में नेटवर्क की समस्या कितनी गंभीर है। यानी जिस घटना को शुरुआत में ग्रामीणों द्वारा टेक्नीशियन को बंधक बनाए जाने के तौर पर देखा गया, उसमें यह दावा भी सामने आया कि टेक्नीशियन ने कंपनी का ध्यान खींचने के लिए खुद ऐसा करने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस जांच में इस दावे की पूरी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
वीडियो वायरल हुआ, पुलिस को ऐसे मिली जानकारी
घटना के दौरान गांव के किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। कुछ ही समय बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थानीय स्तर पर वीडियो सामने आने और एक व्यक्ति द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद 112 हेल्पलाइन से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने टेक्नीशियन को ग्रामीणों के बीच से छुड़ाया और आगे की कार्रवाई के लिए थाने ले गई।
दो साल से नेटवर्क की समस्या का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, हरदौली गांव में करीब दो वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। इसकी वजह से लोगों को फोन कॉल करने, इंटरनेट चलाने और ऑनलाइन काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि वे नियमित रूप से मोबाइल रिचार्ज कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित नेटवर्क सेवा नहीं मिल रही है।
टावर लगा तो उम्मीद जगी, लेकिन समस्या नहीं गई
स्थानीय लोगों के अनुसार, निजी टेलीकॉम कंपनी ने करीब दो साल पहले गांव में मोबाइल टावर लगाया था। टावर लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन उनका आरोप है कि टावर स्थापित होने के बावजूद कनेक्टिविटी में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार नेटवर्क समस्या की शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
टेक्नीशियन ने शिकायत को गंभीरता से लेने की कोशिश की?
घटना का सबसे असामान्य पहलू यही है कि टेक्नीशियन के खुद को बांधने के लिए कहने का दावा सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, टेक्नीशियन का मानना था कि सामान्य शिकायतों से जब समस्या का समाधान नहीं हो रहा था तो ऐसी घटना से कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित हो सकता है। हालांकि, यह दावा फिलहाल जांच का हिस्सा है। पुलिस ने अपनी जांच में यह भी देखना शुरू किया है कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और टेक्नीशियन को किस परिस्थिति में टावर से बांधा गया।
टेक्नीशियन की शिकायत पर FIR
टेक्नीशियन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिंदकी थाने में अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि टेक्नीशियन को कितनी देर तक बांधा गया और घटना के दौरान उसके साथ क्या हुआ।
ग्रामीणों का कहना- समस्या अभी भी जस की तस
घटना के बाद भी ग्रामीणों का दावा है कि गांव की नेटवर्क समस्या में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या को चर्चा में ला दिया है। मोबाइल टावर मौजूद होने के बावजूद अगर नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता, तो ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है।
मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो का नहीं
हरदौली की घटना में एक तरफ टेक्नीशियन को कथित तौर पर बांधे जाने की शिकायत है, तो दूसरी तरफ दो साल से नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों की नाराजगी भी सामने आई है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि टावर के पास उस शाम वास्तव में क्या हुआ, टेक्नीशियन को किसने बांधा और क्या उसने वाकई खुद को बांधने के लिए कहा था। फिलहाल मामले में FIR दर्ज है और पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।