सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय अशोक धाम में जल चढ़ाने पहुंची सात महिलाओं की भगदड़ में मौत,19 श्रद्धालु घायल

Published on 17 अग॰ 2026

Lakhisharai Ashok Dham Temple Stampede : बिहार में लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर (Ashok Dham Temple) में सावन की तीसरी सोमवारी पर सुबह-सुबह भगदड़ मचने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार (Lakhisarai DM Shailendra Kumar) ने भगदड़ और मृतकों की संख्या की पुष्टि कर दी है। भगदड़ में 19 श्रद्धालु घायल हुए हैं। पांच लोगों को गंभीर हालत में हायर सेंटर भेजा गया है। जल चढ़ाने के लिए सुबह से लोगों की लंबी लाइन लगी थी। कांवड़ियों की कतार के पास ही खेत में एक बिजली का पोल गिरने के बाद वहां करंट फैलने की अफवाह उड़ी, जिसके बाद भगदड़ मच गई। मरने वालों में सभी महिलाएं हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार (DM Shailendra Kumar) अस्पताल में और एसपी प्रेरणा कुमार (SP Prerna Kumar) मंदिर परिसर में कैंप कर रहे हैं।

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7 dead in stampede near temple in Bihar's Lakhisarai, several injured (Updated visuals). pic.twitter.com/qEt84BCyA5

— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 17, 2026

डीएम ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है। भगदड़ से मंदिर परिसर और अस्पताल में चीख-पुकार मची है। मृतकों के साथ रहे परिजनों के रोने से अस्पताल और मंदिर परिसर में मातम का माहौल है। जिला प्रशासन और आसपास के लोग राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मृतकों में एक महिला की पहचान नहीं हुई है।

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मृतकों की सूची

1. मनमाला देवी (44), पति निरंजन कुमार, बड़हिया वार्ड 12, लखीसराय

2. रिंकू देवी (50), पति नीरज यादव, बऊटोला फरदा, मुंगेर

3. हेमलता देवी (55), पति सुरेंद्र यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

4. ललिता देवी (50), पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

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5. सविता कुमारी (35), पति रणवीर यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

6. सरोज देवी (65), पति जनार्दन सिंह, बकांवा भदौर, पटना

7. सावित्री देवी (49), पति मोहन यादव, चननिया, लखीसराय

पोल गिरने से मची भगदड़ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैरिकेडिंग के पास एक बिजली का पोल था। भीड़ के दबाव से बांस का बल्ला टूटकर पोल पर अटक गया, जिससे पोल गिर गया। उसके बाद अफवाह फैल गई कि पोल गिर गया है और करंट फैल गया है। उसके बाद लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। एक-दूसरे के ऊपर दौड़ते हुए भागने से बड़ी संख्या में लोग कुचलकर जख्मी हो गए, जिनमें से अब तक सात की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक अशोक धाम मंदिर से अशोक धाम रेलवे हॉल्ट तक करीब दो किलोमीटर में लोगों को कतार में लगाने के लिए बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग की गई थी।

मरने वालों में सारी महिलाएं मरने वालों में सातों महिलाएं हैं। तीन घायलों का नाम सामने आया है, जो खुशबु कुमारी बायपास, शबनम कुमारी इंदुपुर, स्वीटी कुमारी पिपरिया हैं। उनका मंदिर में लगे स्वास्थ्य शिविर में इलाज हो रहा है। अन्य घायल सदर अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।

पूर्व से हादसे नहीं ली सीख इससे पहले 12 अगस्त 2019 को भी अशोक धाम मंदिर में भगदड़ की घटना हो चुकी है। इस वजह से मंदिर परिसर में लोहे के पाइप की बैरिकेडिंग की गई थी। लेकिन मंदिर के बाहर बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग के सहारे सुरक्षा बहाल की गई थी, जो कमजोर पड़ गई। कहा जा रहा है कि 400 जवानों को लगाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षाकर्मी नहीं दिख रहे थे।

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एक साथ दो ट्रेनें पहुंचीं, बढ़ गई भीड़, प्रशासन नहीं था तैयार बताया गया कि लखीसराय में एक साथ दो ट्रेनें पहुंची। आस-पास के जिलों से भारी संख्या में श्रद्धालु एक साथ पहुंच गए और जलार्पण के लिए कतार में लग गए। प्रशासन का है कि तीसरी सोमवारी की संभावित भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा तैनाती की गई थी, लेकिन भीड़ के सामने वह कम पड़ गई।

स्थिति फिलहाल सामान्य डीएम ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य हो गया है। लोग कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हालात को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। घटना की जांच कराई जाएगी। फिलहाल राहत-बचाव के साथ-साथ आज सोमवार को मंदिर की व्यवस्था को संचालित करना प्राथमिकता है। डीएम ने दावा किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है।

व्यवस्था में कमी का आरोप, आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवारी पर अशोक धाम में लाखों की भीड़ आती है। प्रशासन को इसकी जानकारी पहले से है। लेकिन, तैयारी में कमी की गई। पूर्व की बैठकों में बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन प्रबंध ढीला रखा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लापरवाही की वजह से यह घटना घटी है।