कानपुर में लुटेरी दुल्हन की जांच डेढ़ साल से लटकी: 18 महीने-चौथा जांच अधिकारी फिर भी जांच अधूरी; इंसाफ को दरोगा काट रहा अफसरों के चक्कर - Kanpur News

Published on 9 अग॰ 2026

कानपुर33 मिनट पहले

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कानपुर में तैनात दरोगा अपने ही केस की जांच पूरी कराने के लिए 18 महीने से थाने से लेकर पुलिस कमिश्नर दफ्तर तक चक्कर काट रहे हैं। इस दौरान तीन जांच अधिकारी बदल गए, लेकिन जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

दरोगा ने जिस महिला से शादी की थी, उस पर शादी के बाद लाखों के जेवर और कैश हड़पने के साथ पहले भी कई लोगों से इसी तरह ठगी करने के आरोप लगे। शिकायत के बाद 8 सदस्यीय SIT ने जांच की, जिसमें महिला के 10 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन सामने आए।

13 जनवरी 2025 को ग्वालटोली थाने में महिला के खिलाफ FIR दर्ज हुई और बाद में उसकी गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन गिरफ्तारी की प्रक्रिया में खामियों के चलते उसे जमानत मिल गई। अब केस की जांच चौथे अधिकारी के पास है। दरोगा का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस विभाग के कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

आदित्य कुमार लोचव 2019 बैंच के सब इंस्पेक्टर हैं

बुलंदशहर के बीबीनगर में रहने वाले आदित्य कुमार लोचव 2019 बैंच के सब इंस्पेक्टर हैं, वर्तमान में उनकी तैनाती कर्नलगंज थाने में है। आदित्य के पिता ऋषिपाल किसान और मां राजेश देवी गृहणी थीं। पिता के बाद मां की भी कैंसर से मौत हो गई थी।

घर में एक दिव्यांग भाई है। एक रिश्ते के ताऊ आदित्य के लिए दिव्यांशी का रिश्ता लेकर आए थे। दिव्यांशी आदित्य के घर से महज 50 किलोमीटर दूर मेरठ के मवाना में रहती हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से 17 फरवरी 2024 को आदित्य की शादी हो गई।

आदित्या के मुताबिक, शादी के बाद दिव्यांशी बीएड और सीटेट की तैयारी का हवाला देकर घर से निकली जाती, जब घर आती तो अपने मोबाइल फोन से गूगल–पे,फोन–पे समेत अन्य यूपीआई एप डिलीट कर देती थी। उन्होंने बताया कि जब वह ड्यूटी पर होते थे, दिव्यांशी उनसे ऑनलाइन रूपए मांगती थी, जिसके बाद उन्हें शक हुआ।

शादी के चार महीने बाद जब वह छुट्टी पर घर गए तो दिव्यांशी घर पर ही थी। उन्होंने बताया कि मैने जैसे ही उसका मोबाइल लिया, तो वह परेशान हो गई। पूछने कि जब मैं घर आता हूं तो यूपीआई एप क्यों डिलीट कर देती हो? जिस पर दिव्यांशी ने कोई जवाब नहीं दिया।

इसके बाद उन्होंने यूपीआई एप डाउनलोड कर जब चेक किए तो उनके होश फाख्ता हो गए। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में 10 से ज्यादा खातों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन किया गया था। ट्रांजेक्शन के बारे में पूछने पर उनका दिव्यांशी से झगड़ा हो गया।

बेल मिलने के बाद दिव्यांशी ने पति पर लगाए थे गंभीर आरोप

बेल मिलने के बाद दिव्यांशी ने पति पर लगाए थे गंभीर आरोप

25 नंबर 2024 को पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंची थी दिव्यांशी

25 नवंबर 2024 को दिव्यांशी पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंची, जहां उसने ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा पति आदित्य पर कई महिलाओं से अवैध संबंधों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदित्य उन्हें परेशान करता है, और 14.50 लाख रुपए हड़प लिए।

दिव्यांशी का आरोप था कि आदित्य सोशल मीडिया पर लड़कियों को अपने चंगुल में फंसाता है, इसके बाद शारीरिक संबंध बनाकर अश्लील फोटो–वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता है।

दरोगा पति के घर का ताला तोड़ते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी दिव्यांशी

दरोगा पति के घर का ताला तोड़ते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी दिव्यांशी

8 सदस्यीय SIT ने की थी जांच

पति पर हैरेसमेंट करने और 14.50 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाने। दरोगा आदित्य लोचव ने पूरे मामले में अपना पक्ष तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के सामने रखा था। जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच के लिए SIT गठित की। जिसमें तत्कालीन स्टाफ ऑफीसर अमिता सिंह, तत्कालीन एसीपी सृष्टि सिंह, इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर समेत 8 सदस्य शामिल थे।

SIT ने जांच शुरू की तो लुटेरी दुल्हन के कारनामों की परतें खुलकर सामने आने लगी। SIT टीम ने लुटेरी दुल्हन के 10 से ज्यादा बैंक खातों में 8 करोड़ के ट्रांजेक्शन निकला। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 13 जनवरी 2025 को लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी के खिलाफ ग्वालटोली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

अरेस्टिंग मेमो में गलतियां होने पर मिली थी बेल

मामले की जांच सबसे पहले दरोगा सनोज पटेल को सौंपी गई। मामला मीडिएशन में होने के कारण 7–8 माह तक जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद मामले की जांच दरोगा शुभम सिंह को सौंपी गई, जिसके बाद लुटेरी दुल्हन की गिरफ्तारी हुई।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के मुताबिक अरेस्टिंग मेमो में गिरफ्तारी का आधार और कारण नहीं भरा गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि कोर्ट ने आरोपी दुल्हन को बेल दे दी। पीड़ित दरोगा आदित्य लोचव ने इस पूरे प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी, जिस पर उन्होंने विवेचक शुभम सिंह को कड़ी फटकार लगाई और जांच ग्वालटोली थाने से ट्रांसफर कर दी गई।

दरोगा शुभम सिंह के पास चार महीने तक जांच होने के बाद मामले की जांच तत्कालीन नवाबगंज इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी को दी गई। करीब चार महीने तक जांच रहने के बाद वर्तमान में मामले की जांच नवाबगंज इंस्पेक्टर राजकेसर के पास है।

दरोगा के घर में लगे CCTV कैमरों को ढंकती हुई कैद हुई थी दिव्यांशी

दरोगा के घर में लगे CCTV कैमरों को ढंकती हुई कैद हुई थी दिव्यांशी

दरोगा बोले- गिरोह में कई पुलिसकर्मी भी शामिल

दरोगा आदित्य ने बताया कि दिव्यांशी के लिए पुलिस के कई अधिकारी भी काम करते है। जिनमें मेरठ जोन में तैनात रहे कई अधिकारियों के खातों में करोड़ों की रकम ट्रांसफर की गई। दिव्यांशी के गिरोह में एक रिटायर्ड सीओ के साथ एडीजी जोन मरेठ के कार्यालय में तैनात दरोगा भी शामिल है। मेरठ में दिव्यांशी ने तीन लोगों के खिलाफ रेप की एफआईआर भी दर्ज कराई है।

उन्होंने बताया कि दिव्यांशी की गिरफ्तारी के दौरान रिटायर्ड सीओ कानपुर आए थे, और उसकी पैरवी के लिए भी कई पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे थे।

इंस्पेक्टर बोले- जल्द पूरी होगी जांच

इंस्पेक्टर राजकेसर ने बताया कि मामले की जांच जारी है, आरोपी महिला मेरठ की रहने वाली है, जबकि दरोगा बुलंदशहर के निवासी है और वर्तमान में उनकी तैनाती कानपुर में है। मुकदमें में सभी साक्ष्य संकलित करने में थोड़ा समय लग रहा है, जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

एक नजर में जानिए दरोगा आदित्य लोचव के बारे में

दरोगा का नाम– आदित्य लोचव

निवासी– बुलंदशहर, बीबीनगर

किस बैच के दरोगा हैं– 2019

दरोगा की मौजूदा समय में तैनाती– कर्नलगंज थाना

शादी कब हुई– 17 फरवरी 2024

लुटेरी दुल्हन का खुलासा कैसे हुआ– दरोगा के मुताबिक ड्यूटी पर तैनाती के दौरान दिव्यांशी ऑनलाइन पेमेंट मांगती थी। घर जाने पर यूपीआई एप डिलीट कर देती थी। यूपीआई एप डिलीट करने के बारे में पूछने पर टालमटोल करने लगी। शक होने पर दरोगा ने एप इंस्टाल कर जांच की तो 10 खातों में 8 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिली। पूछने पर दिव्यांशी लड़कर मायके चली गई थी।

पति ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कब की– 25 नवंबर 2024 को दिव्यांशी पुलिस ऑफिस पहुंची और पति पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया। जिसके बाद दरोगा पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचे थे।

एसआईटी का गठन हुआ– तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 8 सदस्यीय एसआईटी का गठन हुआ, जिसे तत्कालीन स्टाफ आफीसर अमिता सिंह ने लीड किया था

मामले में एफआईआर कब दर्ज हुई– एसआईटी की रिपोर्ट के बाद 13 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज हुई

अब तक किन लोगों को रेप में फंसाकर रुपए ऐंठा– दिव्यांशी ने दरोगा आदित्य लोचव से शादी करने से पहले दो डॉक्टरों व एक अन्य दरोगा से शादी की थी, जिन पर उसने रेप केस का मुकदमा कराया, लेकिन सभी में समझौता हो गया था। इसके साथ ही कई लोगों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई, जिनमें फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है।

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