ड्राइवर बना 'हनुमान', गोद में भी बैठाया था बच्चा; एक-एक कर ऑटो से निकले 17 स्कूली छात्र- Video

Published on 24 सित॰ 2026

ड्राइवर बना ‘हनुमान’, गोद में भी बैठाया था बच्चा; एक-एक कर ऑटो से निकले 17 स्कूली छात्र- Video

ऑटो में ठूंस-ठूंसकर भरे थे छात्र.

Bhiwandi News: महाराष्ट्र के भिवंडी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रोशन बाग इलाके में एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने संबंधित ऑटो चालक के खिलाफ कार्रवाई की है. वहीं, इस घटना ने बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ऑटो में ठूंसकर बैठाए 17 बच्चे

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ऑटो रिक्शा में करीब 17 स्कूली विद्यार्थियों को बैठाकर ले जाया जा रहा है. बच्चों को इतनी कम जगह में बैठाया गया था कि कई बच्चे चालक की सीट के आसपास दिखाई दे रहे हैं. वहीं, पीछे की सीट पर करीब 6 से 7 बच्चे बैठे थे. सामान रखने के लिए बनाई गई पिछली जगह में भी 2 से 3 बच्चों के बैठे दिखाई दिए.

हादसा होने पर बढ़ सकता था खतरा

ऑटो में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाने से हादसे की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. अचानक ब्रेक लगने, ऑटो पलटने या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में बच्चों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो सकता था. इसी दौरान एक जागरूक नागरिक ने बच्चों को इस तरह ले जाते हुए अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

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ट्रैफिक पुलिस ने की कार्रवाई

वीडियो सामने आने के बाद संबंधित ऑटो चालक के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की है. हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में यह अकेला मामला नहीं है. भिवंडी में कई ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं. ऐसे में लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल

इस घटना ने स्कूली बच्चों के परिवहन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. कई स्कूलों में बस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कुछ अभिभावक बस शुल्क से बचने के लिए निजी ऑटो का सहारा लेते हैं. वहीं, जिन स्कूलों में परिवहन सुविधा नहीं है, वहां अभिभावक स्थानीय ऑटो चालकों पर निर्भर रहते हैं.

ऑटो चालकों को निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने से मना किया जाता है. इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर बच्चों को एक ही ऑटो में ठूंसकर ले जाने के मामले सामने आ रहे हैं. अभिभावकों और नागरिकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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