.
मुरैना जिले में जातिगत, सामुदायिक और सांप्रदायिक घटनाओं से लोक प्रशांति भंग होने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 13 नवंबर 2026 या आगामी आदेश, इनमें से जो पहले हो, तब तक प्रभावी रहेगा।
बिना अनुमति रैली-जुलूस नहीं निकाल सकेंगे
प्रशासन ने बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, अनशन, पदयात्रा, बाइक यात्रा और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगाई है। ऐसे आयोजनों के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) से वैधानिक अनुमति लेना जरूरी होगा।
यदि किसी आयोजन का क्षेत्र एक से अधिक अनुविभाग की राजस्व सीमा में आता है तो अनुमति अपर जिला दंडाधिकारी या उनसे उच्च अधिकारी से लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद भी ऐसी गतिविधि नहीं की जा सकेगी, जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो।
धारदार हथियार और भड़काऊ भाषण पर भी रोक
किसी भी सार्वजनिक आयोजन में चाकू, छुरी, तलवार या अन्य धारदार हथियार के साथ वैध-अवैध अस्त्र-शस्त्र का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा भड़काऊ भाषण और आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।
सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेदारी
आदेश में WhatsApp, Facebook, Instagram, Telegram, X समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भड़काऊ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट, शेयर, फॉरवर्ड या रीपोस्ट करने पर रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी भी तय की है। किसी ग्रुप में ऐसी सामग्री सामने आने पर एडमिन को उसे तत्काल हटाकर पुलिस के संज्ञान में लाना होगा। ऐसा नहीं करने पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले की जातिगत और सामुदायिक घटनाओं का हवाला
कलेक्टर के आदेश में मुरैना और चंबल अंचल में पहले हुई जातिगत और सामुदायिक घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसमें अप्रैल 2018 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित आदेश के बाद हुई जातिगत हिंसा और सितंबर 2021 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष का हवाला दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार आगामी समय में भी जातिगत, सामुदायिक, सांप्रदायिक या अन्य घटनाओं से लोक प्रशांति प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के चलते एहतियात के तौर पर धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

सम्राट मिहिरभोज।
पूरे जिले में लागू रहेगा आदेश
आदेश मुरैना जिले की पूरी राजस्व सीमा में लागू रहेगा। यह जिले में रहने वाले लोगों के साथ जिले की सीमा में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों पर भी प्रभावी होगा।
परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से आदेश की तामील कराना संभव नहीं होने के कारण इसे BNSS की धारा 163 की उपधारा (2) के तहत एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।
उल्लंघन पर BNS की धारा 223 में कार्रवाई
प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनसंपर्क विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं।