हर 16-17 घंटे में चंडीगढ़ से एक बच्चा लापता, 5 साल में 2666 केस - Chandigarh News

Published on 17 अग॰ 2026

आंकड़े कागज पर सिर्फ नंबर हो सकते हैं, लेकिन जब इनमें किसी उजड़ते आशियाने और मां की तड़प शामिल हो तो ये पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। चंडीगढ़ में बच्चों के लापता होने के मामलों में पिछले 5 वर्षों में 7.07% की बढ़ोतरी हुई

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संसद में पेश मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से 2024 तक चंडीगढ़ में 2666 बच्चों के लापता होने के मामले रिकॉर्ड हुए। यानी औसतन हर 16-17 घंटे में एक बच्चा लापता हुआ। इनमें पिछले सालों के अनट्रेस बच्चे भी अगले साल के आंकड़ों में शामिल हैं।

पुलिस ने इन पांच वर्षों में 964 बच्चों को ट्रेस किया। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की रिकवरी रेट 58.82% तक पहुंची है। 2020 में जहां 153 बच्चे ट्रेस हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 243 हो गई। यानी 2024 में 44.59% बच्चों को ट्रेस किया गया, लेकिन 302 बच्चे अनट्रेस रहे। इन आंकड़ों से साफ है कि पुलिस की रिकवरी में सुधार के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे अब भी परिवारों से दूर हैं।

चंडीगढ़ का 5 साल का रिपोर्ट कार्ड…

  • 2020: 509 बच्चे लापता हुए। 153 यानी 30.06% ट्रेस हुए और 356 यानी 69.94% अनट्रेस रहे। 7 आरोपी गिरफ्तार हुए, किसी को सजा नहीं मिली।
  • 2021: 536 बच्चे लापता हुए, जिनमें 180 नए केस थे। 181 यानी 33.77% बच्चे ट्रेस हुए और 355 यानी 66.23% अनट्रेस रहे। 4 आरोपी गिरफ्तार हुए, किसी को सजा नहीं मिली।
  • 2022: 523 बच्चे लापता हुए, जिनमें 168 नए केस थे। 161 यानी 30.78% ट्रेस हुए और 362 यानी 69.22% अनट्रेस रहे। 3 आरोपी गिरफ्तार हुए और 5 को सजा मिली।
  • 2023: 553 बच्चे लापता हुए, जिनमें 191 नए केस थे। 226 यानी 40.87% ट्रेस हुए और 327 यानी 59.13% अनट्रेस रहे। 15 आरोपी गिरफ्तार हुए और 3 को सजा मिली।
  • 2024: 545 बच्चे लापता हुए, जिनमें 218 नए केस थे। 243 यानी 44.59% ट्रेस हुए और 302 यानी 55.41% अनट्रेस रहे। 3 आरोपी गिरफ्तार हुए, किसी को सजा नहीं मिली।
  • सरकारी रिकॉर्ड में किसी साल के लापता बच्चों की संख्या में पिछले वर्षों के वे बच्चे भी शामिल होते हैं, जो ट्रेस नहीं हो पाए। उदाहरण के तौर पर 2020 में 509 बच्चे लापता हुए। इनमें 153 ट्रेस हुए और 356 अनट्रेस रहे। यही 356 बच्चे 2021 के आंकड़े में शामिल हो गए। इसलिए 2021 में कुल 536 लापता बच्चों का आंकड़ा रहा, जबकि उस साल नए केस 180 थे।

अगले साल के आंकड़े में जुड़ जाते हैं पुराने अनट्रेस बच्चे

  • राज्य 2020 केस/ट्रेस/अनट्रेस 2021 केस/ट्रेस/अनट्रेस 2022 केस/ट्रेस/अनट्रेस 2023 केस/ट्रेस/अनट्रेस 2024 केस/ट्रेस/अनट्रेस
  • हरियाणा 3272/2047/1225 3711/2137/1574 4214/2410/1804 4611/2740/1871 4926/2806/2120
  • पंजाब 2706/537/2169 3214/720/2494 3607/1436/2171 3255/1064/2191 3131/935/2196
  • हिमाचल 393/293/100 544/456/88 459/379/80 504/423/81 482/394/88

गिरफ्तारियों में भी राज्यों में बड़ा अंतर

हरियाणा में 2020 से 2024 के बीच क्रमश: 51, 124, 66, 177 और 62 आरोपी गिरफ्तार हुए। पंजाब में यह संख्या 84, 53, 51, 159 और 82 रही। हिमाचल में 8, 32, 34, 26 और 46 आरोपी गिरफ्तार किए गए। हर साल लापता बच्चों में बड़ी संख्या अगले साल तक अनट्रेस कैटेगरी में पहुंच रही है। 2024 में भी 302 बच्चे ट्रेस नहीं हो पाए। ऐसे में रिकवरी रेट में सुधार के साथ बच्चों के लापता होने के कारणों और उन्हें जल्द ट्रेस करने की व्यवस्था पर भी फोकस जरूरी है।