Instagram पर दोस्ती, लिव-इन और फिर मौत... दिल्ली में होने का झूठ बोलती रही अंजलि, दुर्ग में मिला शव

Published on 4 अक्टू॰ 2026

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 26 साल की अंजलि घोड़ेस्वर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. महाराष्ट्र के कल्याण की रहने वाली युवती 8 सितंबर 2026 को परिवार से पुलिस की नौकरी की तैयारी के लिए दिल्ली जाने की बात कहकर निकली थी. लेकिन उसकी मंजिल दिल्ली नहीं, बल्कि दुर्ग थी, जहां वह 23 वर्षीय CISF आरक्षक करण सिंह के साथ किराए के मकान में रह रही थी.

दुर्ग के शंकर नगर की गली नंबर-10 स्थित मकान में करीब 15 दिन पहले दोनों रहने आए थे. करण सिंह पंजाब का रहने वाला बताया गया है और भिलाई में CISF में आरक्षक के पद पर तैनात है. दोनों की दोस्ती करीब दो साल पहले Instagram के जरिए हुई थी. धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया और दोनों लिव-इन में रहने लगे.

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परिवार को इस रिश्ते की पूरी जानकारी नहीं थी. अंजलि की बुआ करुणा घोड़ेस्वर के मुताबिक, घरवालों को करण के बारे में सिर्फ इतना पता था कि वह अंजलि का दोस्त है. परिवार इस बात से अनजान था कि दोनों दुर्ग में साथ रह रहे हैं. अंजलि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी और घर की जिम्मेदारियों में भी उसकी अहम भूमिका थी.

दिल्ली की कोचिंग की तस्वीरें भेजकर बनाए रखा भरोसा

अंजलि ने परिवार को बताया था कि वह दिल्ली जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेगी. इसके बाद वह उन्हें कोचिंग क्लास की तस्वीरें भी भेजती रही. इन तस्वीरों में क्लासरूम, दूसरे स्टूडेंट और बोर्ड पर पढ़ाई से जुड़ी जानकारी दिखाई देती थी. इन्हीं तस्वीरों के कारण परिवार को यकीन था कि वह दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही है.

मौत के बाद जब असलियत सामने आई तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. पता चला कि अंजलि दिल्ली में नहीं, बल्कि दुर्ग के शंकर नगर में करण के साथ रह रही थी. परिवार के मुताबिक, पिता की स्वास्थ्य स्थिति के चलते अंजलि घर की जिम्मेदारियों में भी सहयोग करती थी. सरकारी नौकरी की तैयारी उसके भविष्य की बड़ी उम्मीद थी.

CISF जवान करण सिंह.
CISF जवान करण सिंह.

परिवार के पास अंजलि और करण के बीच ऑनलाइन लेन-देन के कुछ स्क्रीनशॉट होने का भी दावा किया गया है. एक रिश्तेदार के मुताबिक, अलग-अलग तारीखों में करण के खाते में 5 हजार, 2 हजार और 1500 रुपये समेत कई रकम भेजी गई थीं. परिवार का दावा है कि इन ट्रांजेक्शन को जोड़ने पर रकम करीब 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंचती है. हालांकि, पैसे किस वजह से भेजे गए, यह स्पष्ट नहीं है.

करण के फोन से मिली मौत की खबर

अंजलि की मौत की जानकारी परिवार को सीधे पुलिस से नहीं मिली. परिजनों के मुताबिक, करण ने फोन करके खुद को अंजलि का बॉयफ्रेंड बताया और उसके फांसी लगाने की जानकारी दी. उसने परिवार से यह भी कहा कि दोनों जल्द शादी करने वाले थे. सूचना मिलने के बाद परिजन दुर्ग पहुंचे, जहां उन्हें अंजलि का शव मॉर्चुरी में रखा मिला.

करण के मुताबिक, अंजलि ने फांसी लगाई थी. उसका कहना है कि उसने युवती को फंदे से उतारा और अपनी गोद में रख लिया था. इसके बाद उसने खुद अंजलि के परिजनों को घटना की जानकारी दी. पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और इसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया. शव को लेकर परिवार महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गया.

अंजलि के परिजन अब उसकी मौत को लेकर संदेह जता रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिस से मिली तस्वीरों में शरीर की स्थिति, एक कान की बाली गायब होने और कपड़ों की हालत देखकर उन्हें घटना सामान्य आत्महत्या जैसी नहीं लगी. परिवार ने करण के चेहरे पर चोट या सूजन होने की बात भी कही है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

परिवार बोला- तस्वीरें देखकर आत्महत्या पर भरोसा नहीं

अंजलि की छोटी बहन रेशम सोरभ फुल्लुके ने आरोप लगाया कि परिवार को फांसी की घटना बताई जा रही है, लेकिन उन्हें आशंका है कि करण ने ही घटना को अंजाम दिया होगा. उसका कहना है कि परिवार इंसाफ चाहता है और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है. उसने पुलिस पर तत्काल FIR दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया है. पुलिस के मुताबिक आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.

अंजलि​

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि फिलहाल शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. मोहन नगर थाना क्षेत्र में मर्ग कायम किया गया है. पुलिस घटनास्थल, पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक साक्ष्यों, मोबाइल और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. मौत की वास्तविक वजह और परिवार की ओर से लगाए गए आरोप जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे.

दुर्ग के CSP हर्षित मेहर के मुताबिक, मृतका अंजलि घोड़ेस्वर मुंबई की रहने वाली थी और परिवार को दिल्ली में पढ़ाई करने जाने की बात बताकर यहां आई थी. वह CISF आरक्षक करण सिंह के साथ शंकर नगर में रह रही थी और करीब 15 दिन पहले ही वहां रहने आई थी. शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने सुसाइडल इंजरी का उल्लेख किया है. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और आगे की विवेचना जारी है.

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