विश्वविख्यात हिन्द-सिंध का 315 वर्ष प्राचीन पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, सेवा, मानवता और आध्यात्मिक परंपरा का गौरवशाली केंद्र है। पंचम पीठाधीश्वर परम पूजनीया माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जन्म जयंती के अवसर पर 15 से 22 जुलाई त
.
माता साहिब हासी देवी जी का जन्म आषाढ़ शुक्ल पक्ष अष्टमी, वर्ष 1826 में सिंध के खानपुर महेर में हुआ था। उन्होंने करीब 57 साल तक शदाणी दरबार की सेवा की। मानव सेवा, नारी उत्थान और लोककल्याण को उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। महिलाओं को धार्मिक और सामाजिक कार्यों में समान भागीदारी के लिए प्रेरित किया। सेवा और संस्कार के जरिए नारी सम्मान का संदेश दिया।

एक बोरी गेहूं से 6 माह तक चला था भंडारा
सिंध में अकाल के दौरान माता साहिब जी की प्रार्थना और सतगुरु संत शदाराम साहिब के आशीर्वाद से एक बोरी गेहूं से 6 माह तक अखंड भंडारा चला। इससे हजारों लोगों को भोजन मिला। उनकी 100वीं जन्म जयंती पर परम पूज्य सतगुरु संत गोबिंदराम साहिब ने सिंध में भव्य गोल्डन टेम्पल का निर्माण कराया।
रोज होगी देवी भागवत कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के सचिव उदय शदाणी और सेवादारी संतोष चंदवानी ने बताया कि 15 से 22 जुलाई तक प्रतिदिन पूज्य जगद्गुरु स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ महाराज के श्रीमुख से श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा होगी।
कथा में मां भगवती की महिमा, सनातन धर्म, वेद-पुराण और मानव जीवन के आदर्शों का संदेश मिलेगा। प्रतिदिन माता साहिब हासी देवी के जीवन, सेवा, नारी सशक्तिकरण और लोककल्याण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

17 जुलाई को पाटोत्सव, 19 से 21 जुलाई तक भव्य मेला
17 जुलाई को दरबार साहिब का पाटोत्सव मनाया जाएगा। 19 से 21 जुलाई तक भव्य मेले का आयोजन होगा। इसी दौरान भारत सरकार माता साहिब हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपए का विशेष रजत स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी करेगी। वर्तमान पीठाधीश्वर परम पूज्य डॉ. संतश्री युधिष्ठिरलाल महाराज जी के मार्गदर्शन में तैयार माता साहिब जी की स्वर्ण प्रतिमा का अनावरण भी होगा।
22 जुलाई को भिलाई में निकलेगी विशाल कलश यात्रा
22 जुलाई को भिलाई में भव्य जन्म जयंती महोत्सव, विशाल कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, भोपाल, इटारसी, होशंगाबाद, अमरावती समेत देशभर से हजारों श्रद्धालु रायपुर और भिलाई पहुंचेंगे।