बांका में 1440 जल स्रोत जीर्णोद्धार: डीसीसी बोले-अगले पांच साल का खाका तैयार,काम शुरू; जी-रामजी के मजदूर करेंगे सफाई - Banka News

Published on 30 अग॰ 2026

बांका में किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। अब जी-रामजी के मजदूर डार-बांध, तालाबों की खुदाई के साथ आहार-पाइन और नहरों की सफाई व जीर्णोद्धार का काम करेंगे।

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इसके लिए अगले पांच वर्षों का चरणबद्ध खाका तैयार किया गया है। इस पहल से जल संकट कम होने और ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।

सर्वे के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन

हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के तहत छूटी हुई सतही सिंचाई योजनाओं का सर्वे करने के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया था। टीम के सर्वे के बाद लघु सिंचाई विभाग ने 1440 योजनाओं को चिन्हित कर जी-रामजी को हस्तांतरित कर दिया है।

इन योजनाओं पर अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सिंचाई विभाग ने पूर्व में 59 महत्वपूर्ण योजनाएं भी जी-रामजी को सौंपी थीं, जिनमें से कई पर काम शुरू हो चुका है।

नियमित देखरेख के अभाव में जर्जर

जिले के कई पारंपरिक आहार-पाइन और नहरें वर्षों से गाद जमा होने तथा नियमित देखरेख के अभाव में जर्जर हो गई थीं। इसका सीधा असर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा था, जिससे खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था।

अब मनरेगा के माध्यम से इन जल स्रोतों की सफाई, उड़ाही और जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इससे बारिश के पानी का बेहतर संचयन होगा और सिंचाई के लिए जल उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही, भूजल स्तर में सुधार की भी उम्मीद है।

इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पंचायतवार सूची तैयार की गई है। संबंधित पंचायतों में चिन्हित आहार-पाइन, नहर और अन्य जल संरचनाओं पर आवश्यकतानुसार काम कराया जाएगा।

गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी

उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों (पीओ) को योजनाओं पर काम शुरू कराने का निर्देश दिया है। काम की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं के पूरा होने से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीण मजदूरों को अपने ही पंचायत में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे मजदूरों के पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

डीसीसी उपेंद्र सिंह ने बताया कि जी-रामजी के माध्यम से आहार-पाइन और नहर की सफाई का भी काम होगा। इसके लिए अगले पांच साल का खाका तैयार किया गया है। कुछ योजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया गया है।