'मैं 10 सेकंड के अंतर से बची': नेपाल में बाढ़ की चपेट में आने से ऐसे बचे थे 900 स्कूली बच्चे - BBC News हिंदी

Published on 30 अग॰ 2026

16 साल की युनिशा ने बताया कि कुछ सेकेंड की देरी उनकी और उनकी साथियों के लिए जान का ख़तरा बन सकती थी

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प्रकाशित 3 घंटे पहले

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नेपाल के नुवाकोट ज़िले से रिपोर्टिंग कर रहे बीबीसी न्यूज़ नेपाली के अशोक दाहाल और कमल परियार ने बताया है कि यहां एक स्कूल के हेड टीचर ने समय रहते क़रीब 900 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया.

हेड टीचर राजेंद्र दवाड़ी के मुताबिक़, उन्हें बाढ़ के ख़तरे को लेकर कुछ ही मिनटों के भीतर अलग-अलग लोगों से चार फ़ोन कॉल आए थे. इन चेतावनियों के बाद उन्होंने बिना देर किए स्कूल ख़ाली कराने का फ़ैसला किया.

राजेंद्र दवाड़ी नुवाकोट स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के हेड टीचर हैं. स्कूल में कुल 1,600 से अधिक स्टूडेंट पढ़ते हैं.

बच्चों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते समय दवाड़ी ने देखा कि नदी से क़रीब 100 मीटर दूर स्थित स्कूल का हॉस्टल बाढ़ के पानी में डूब रहा था.

कीचड़ भरे रास्ते से भागकर बचाई जान

काठमांडू में अपने क़रीबी का शव पहचान लेने के बाद रोती एक महिला

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900 स्टूडेंट में से एक 16 वर्षीय युनिशा थीं, जो कहती हैं कि वह बाढ़ आने से कुछ ही पल पहले वहां से निकल पाईं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "मैं अपने दोस्तों के साथ सिर्फ़ 10 सेकंड के अंतर से बची. कुछ ही देर में मेरी आंखों के सामने बाज़ार बह गया."

युनिशा बताती हैं कि वह दूसरे स्टूडेंट के साथ स्कूल के पीछे एक संकरे और कीचड़ भरे रास्ते से भागकर ऊपर की ओर गईं.

युनिशा का इंटरव्यू उनकी मां सबिना श्रेष्ठ के साथ लिया गया, जो कहती हैं कि बाढ़ की ख़बर सुनने के बाद परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश में कई घंटे बेहद परेशान होकर बिताए.

वो बताती हैं, "मैं घबरा गई थी. मैंने अपनी बेटी और उसके पिता को कई बार फोन किया, लेकिन दोनों से संपर्क नहीं हो सका."

जब आखिरकार उनकी बेटी से संपर्क हो गया, तो श्रेष्ठ को कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन युनिशा के घर लौटने तक परिवार की चिंता बनी रही, जो तीन दिन बाद घर लौटीं.

कई बैंक तबाह, जमाकर्ताओं के पैसे का क्या होगा

नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ के बाद कीचड़ से ढके बैंक के पास कर्मचारी नोट इकट्ठा करते हुए.

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नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन ने कहा है कि भोटेकोशी में आई बाढ़ के कारण नौ अलग-अलग बैंक शाखाएं पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं.

एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने कहा, "हमें रिपोर्ट मिली है कि हमारे बैंक के 27 कर्मचारी भी लापता हैं."

उन्होंने कहा कि उन बैंकों में कितनी नकदी थी, इस बारे में सटीक जानकारी जुटाई जा रही है.

कोइराला ने कहा कि ऐसे बैंकों में जमाकर्ताओं का पैसा बर्बाद नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि नष्ट हुई नकदी और अन्य संपत्ति की जानकारी कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगी.

इस बीच, धाडिंग ज़िला पुलिस कार्यालय ने कहा है कि धाडिंग की एक खाई में बाढ़ में बहकर आए पैसों को चोरी करने के आरोप में 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कितनी नकदी थी, लेकिन तलाशी के दौरान 92 लाख रुपये से अधिक की रक़म ज़ब्त की गई.

क़रीब 800 लोगों के मारे जाने की पुष्टि, 2500 अब भी लापता

त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट स्थल की सुरंग में छेद कर राहतकर्मी रस्सी के सहारे नीचे उतर हैं और बचाव कार्य जारी है

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नेपाल पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को आए विनाशकारी भूकंप के बाद बरामद किए गए शवों की संख्या बढ़कर 794 हो गई है. यह आंकड़ा स्थानीय समयानुसार रविवार शाम क़रीब छह बजे तक का है.

नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ की वजह से 781 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,502 लोग अब भी लापता हैं.

लापता 2,500 से अधिक लोगों में से सैकड़ों के नेपाल के जलविद्युत परियोजना स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारी होने की आशंका है.

पिछले कुछ दिनों में नेपाल की कई एजेंसियों से जानकारी सामने आ रही है और आधिकारिक आंकड़े हमेशा एक-दूसरे से मेल नहीं खाते हैं.

इस बीच नेपाल में प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट स्थल पर सुरंग में बचाव अभियान तेज़ कर दिया गया है, जिसमें "ब्लास्टिंग ऑपरेशन" भी शामिल हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सशस्त्र बलों, पुलिस और प्रशिक्षित कुत्तों के साथ बचावकर्मियों समेत 90 लोगों की एक संयुक्त टीम तैनात की गई है.

इससे पहले सुरंग की ऊपरी सतह में एक छेद बनाया गया था, जिसके ज़रिए बचावकर्मी रस्सियों के सहारे नीचे उतरे.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया, "जब उन्होंने अंदर मौजूद लोगों को आवाज़ लगाई, तो उन्हें "अंदर से कोई जवाब नहीं मिला."

भारत समेत अन्य देशों के सैकड़ों नागरिक लापता

त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का एक क्षतिग्रस्त टनल

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दुनियाभर से पर्यटक नेपाल के पहाड़ों और उसकी प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए यहां आते हैं. इसके साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक नेपाल के धार्मिक स्थलों के भी लिए आते हैं.

बुधवार को आई बाढ़ के बाद नेपाल में अब भी बड़ी संख्या में विदेश नागरिक लापता हैं. बीबीसी नेपाली के मुताबिक़ बाढ़ के बाद यहां कम से कम 320 भारतीय नागरिक नेपाल में अब भी लापता हैं.

वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में क़रीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं.

इसके साथ ही अमेरिका के 90 लोग, यूक्रेन के 62, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 41, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 30 लोग बाढ़ के बाद से लापता हैं.

इनके अलावा भी दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, पुर्तगाल, नीदरलैंड्स और न्यूज़ीलैंड से आए कुछ लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है. लापता लोगों में शामिल है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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