सहसपुर में ड्रग्स और गोकशी तस्करों पर गरजा बुलडोजर, 13 अवैध निर्माण ढहाए - Doon Horizon

Published on 5 सित॰ 2026

देहरादून के सहसपुर क्षेत्र अंतर्गत खुशहालपुर और जस्सोवाला में पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त बुलडोजर एक्शन लेकर 10 कुख्यात अपराधियों सहित 13 के अवैध निर्माण ढहा दिए।

दून हॉराइज़न, देहरादून (05 सितंबर): पछुवादून के सहसपुर इलाके में ड्रग तस्करों और संगठित गिरोहों के खिलाफ प्रशासन का डंडा चला है। शनिवार को खुशहालपुर और जस्सोवाला गांव में राजस्व और पुलिस टीम ने भारी फोर्स के साथ पहुंचकर 13 अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।

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जिन मकानों पर यह पीला पंजा चला है, उनमें से 10 ठिकाने ऐसे शातिर बदमाशों के थे जो लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) और गोकशी जैसी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

सरकारी जमीन पर बना रखे थे ठिकाने

राजस्व महकमे के मुताबिक, चिन्हित किए गए आरोपियों ने चकरोड और ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके पक्के निर्माण खड़े कर लिए थे। कई बार नोटिस और चेतावनियों के बावजूद जमीन खाली नहीं की जा रही थी। देहरादून जिला प्रशासन ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ऐसे अपराधियों की सूची तैयार की थी, जिन्होंने अपराध से अर्जित काले धन और दबंगई के बूते सरकारी भूमि कब्जाई थी।

सुबह होते ही तहसील प्रशासन, पुलिस बल और पीएसी के जवानों ने दोनों गांवों की घेराबंदी कर ली, ताकि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति न बिगड़े।

दर्जनों मुकदमों में वांछित रहे हैं आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि जिन आरोपियों की संपत्तियां तोड़ी गईं, उन पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। खुशहालपुर निवासी आमिर पर एनडीपीएस, गोवंश संरक्षण और आर्म्स एक्ट के 21 मुकदमे हैं, जबकि सलमान पर 21 और फैजान पर 19 मामले दर्ज हैं। मेहराज, दिलशाद उर्फ मिर्ची और मोहसीन भी लंबे समय से नशा तस्करी और गुंडा एक्ट के तहत नामजद रहे हैं। वहीं जस्सोवाला की बंगला बस्ती में स्मैक और चरस तस्करी में लिप्त बिरजू, सूरज और चोरी के आरोपी सोहिन के अवैध ठिकाने भी गिरा दिए गए।

नशा माफियाओं पर आगे भी जारी रहेगा प्रहार

पछुवादून का यह इलाका हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से सटा होने के कारण लंबे समय से नशीले पदार्थों के तस्करों का सेफ कॉरिडोर माना जाता रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने और सरकारी भूमि से उनके कब्जे हटाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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