इटर्नल का दूसरी तिमाही का मुनाफा लगभग दोगुना होकर 125 करोड़ रुपये | IBC24

Published on 21 अक्टू॰ 2026

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी इटर्नल का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर 125 करोड़ रुपये रहा है।

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी का मुनाफा 65 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 13,590 करोड़ रुपये था।

इस दौरान कंपनी का कुल खर्च भी बढ़कर 24,166 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 13,813 करोड़ रुपये था।

ब्लिंकिट ने शुद्ध रूप से 308 नए स्टोर जोड़े, जिससे उसके स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 2,751 हो गई। कंपनी को मार्च, 2027 तक 3,500 स्टोर का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है।

इटर्नल ने बताया कि जोमैटो के खाद्य वितरण कारोबार में शुद्ध ऑर्डर मूल्य (एनओवी) सालाना आधार पर 21.5 प्रतिशत बढ़कर 11,445 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी के अनुसार, त्वरित वाणिज्य कारोबार का शुद्ध ऑर्डर मूल्य 79.3 प्रतिशत बढ़कर 20,940 करोड़ रुपये हो गया। ब्लिंकिट ने 184 करोड़ रुपये की समायोजित कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) दर्ज की और उसके मार्जिन में लगातार छठी तिमाही में सुधार हुआ।

इटर्नल के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने कहा, ‘‘हम इस समय कारोबार के प्रदर्शन से खुश हैं। हालांकि, हम किसी एक तिमाही के नतीजों को बहुत अधिक महत्व नहीं देने की कोशिश करते हैं। खाद्य वितरण कारोबार में सालाना 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की हमारी दीर्घकालिक अपेक्षा हमेशा से रही है और पिछली दो तिमाहियों में वृद्धि फिर इसी दायरे में आ गई है। पिछले साल जब वृद्धि धीमी हुई थी, तब भी हमारा यह नजरिया नहीं बदला था और अब वृद्धि तेज होने पर भी इसमें कोई बदलाव नहीं आया है।’’

त्वरित वाणिज्य (क्विक कॉमर्स) कारोबार पर टिप्पणी करते हुए इटर्नल के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अक्षांत गोयल ने कहा, ‘‘अब हमें मार्च, 2027 तक 3,500 स्टोर का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है। हमारी मौजूदा योजनाओं के अनुसार मार्च, 2028 तक स्टोर की संख्या करीब 5,000 हो सकती है। खाद्य वितरण एवं त्वरित वाणिज्य, दोनों कारोबार से मिलने वाला हमारा नकदी भंडार और मुनाफा हमें इस गति से विस्तार करने के लिए पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश देता है।’’

भाषा निहारिका अजय

अजय