
18 अक्टूबर 2026, मंदसौर: मंदसौर: धमनार, सेमलिया हीरा और नंदावता में बने हर्बल क्लस्टर, 12 हेक्टेयर से अधिक में हो रही औषधीय खेती – मंदसौर जिले में किसानों को समृद्ध बनाने के लिए ‘उपज से उद्यम’ अभियान के तहत औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए धमनार, सेमलिया हीरा और नंदावता में औषधीय फसलों के क्लस्टर तैयार किए गए हैं। इन क्लस्टरों में 12 हेक्टेयर से अधिक रकबे में औषधीय फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित बैठक में क्लस्टर के विकास और किसानों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
औषधीय फसलों की खेती से लेकर उत्पाद निर्माण तक पर जोर
बैठक में बताया गया कि क्लस्टर में अश्वगंधा, कालमेघ, चिया सीड, अकरकरा और चंद्रसूर जैसी औषधीय फसलें उगाने वाले किसान शामिल हैं। इन क्लस्टरों में उन्नत खेती के साथ प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग, हर्बल उत्पाद और पाउडर निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के साथ उत्पाद निर्माण और उद्यम से भी जोड़ना है। कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्लस्टर में शामिल किसानों से लगातार संपर्क और संवाद बनाए रखें। साथ ही, उनकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में बेहतर काम हो सके।
औषधीय फसलों से तैयार होंगे कई उत्पाद
क्लस्टर विकास के तहत विभिन्न औषधीय फसलों से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की योजना है। इसके अंतर्गत अश्वगंधा से चूर्ण, कैप्सूल, टैबलेट और हेल्थ सप्लीमेंट बनाए जाएंगे। तुलसी से हर्बल टी, तुलसी ड्रॉप्स और सूखे पत्तों के पैकेट तैयार किए जाएंगे। वहीं, कालमेघ से पाउडर, टैबलेट और स्वरस तथा ईसबगोल से पशु आहार और भूसी तैयार करने का लक्ष्य है। इसी तरह, चिया सीड से आटा और तेल, अकरकरा से पाउडर और तेल तथा सफेद मूसली से चूर्ण, कैप्सूल, टैबलेट और तेल बनाने की गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
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