'12 हजार नहीं, 30 हजार चाहिए स्टाइपेंड': KGMU में इंटर्न डॉक्टरों का दूसरे दिन प्रदर्शन, 8 भूख हड़ताल पर बैठे - Lucknow News

Published on 23 अग॰ 2026

लखनऊ7 घंटे पहले

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लखनऊ के KGMU में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी हुआ। बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर गेट नंबर-1 के सामने एकजुट हुए और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने स्टाइपेंड 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।

डॉक्टरों ने “वी वांट जस्टिस” और “हमारी मांगें पूरी करो” के नारे लगाए। 8 डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठ गए। शाम करीब 6 बजे प्रोफेसर डॉ. के.के. सिंह के आश्वासन के बाद आंदोलन को 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया।

इससे पहले शनिवार को भी KGMU में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में KGMU के अलावा लोहिया संस्थान, गोरखपुर, मेरठ समेत प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर शामिल हुए थे। बड़ी संख्या में डॉक्टरों के जुटने से KGMU परिसर में काफी देर तक माहौल गर्म रहा था।

KGMU के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों ने जमकर की नारेबाजी।

KGMU के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों ने जमकर की नारेबाजी।

12 हजार रुपये स्टाइपेंड में काम करना मुश्किल

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि MBBS और BDS की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। OPD से लेकर वार्ड और इमरजेंसी तक लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड दूसरे राज्यों और कई संस्थानों की तुलना में काफी कम है।

डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा 12 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड में बढ़ती महंगाई के बीच काम करना मुश्किल है। इसलिए सरकार को स्टाइपेंड में बढ़ोतरी कर इसे 30 हजार रुपये प्रतिमाह करना चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल 8 डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठ गए।

प्रदर्शन में शामिल 8 डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठ गए।

डॉ. के. के. सिंह बोले- 15 दिनों के भीतर कैबिनेट में रखा जाएगा मुद्दा

प्रोफेसर डॉ. के.के. सिंह के अनुसार, उन्होंने यूपी के महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) से इंटर्न्स के स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से भी इस विषय में बात की है।

अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि यूपी एमबीबीएस इंटर्न्स के स्टाइपेंड वृद्धि का मुद्दा आगामी 15 दिनों के भीतर कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इसके लिए 7 सितंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।

कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर प्रदर्शन में शामिल

प्रदर्शन में KGMU के मेधावी इंटर्न डॉक्टर दीपित शर्मा भी शामिल रहे। दीपित शर्मा ने KGMU के दीक्षांत समारोह में चांसलर और हैविट समेत 19 पदक हासिल किए थे। इसके बावजूद वह अन्य इंटर्न डॉक्टरों के साथ स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

शनिवार के प्रदर्शन में KGMU के साथ प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठाई। रविवार को दूसरे दिन भी डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी रहने से साफ है कि मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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