राजस्थान में जन्माष्टमी की धूम, आधी रात गूंजे कृष्ण के जयकारे, वीडियो में जाने सांवलियाजी में 1100 ड्रोन से सजा आसमान

Published on 5 सित॰ 2026

राजस्थान में जन्माष्टमी की धूम: आधी रात गूंजे कृष्ण के जयकारे, वीडियो में जाने सांवलियाजी में 1100 ड्रोन से सजा आसमान

प्रदेशभर में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही मंदिरों में जयकारे गूंज उठे। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर राजसमंद के नाथद्वारा और चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। कहीं पंचामृत से ठाकुरजी का अभिषेक हुआ तो कहीं 21 तोपों की सलामी दी गई। सांवलियाजी में तीन साल बाद 1100 ड्रोन ने आसमान को रोशनी से सजा दिया।

गोविंददेवजी मंदिर में डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिर में दर्शन की शुरुआत सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ हुई।शाम होते-होते दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी हो गई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई।जन्म से पहले छह पंडितों ने वेद पाठ किया। इसके बाद भगवान के प्रकट होने के साथ ही मंदिर परिसर कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। ठाकुरजी का पंचामृत से अभिषेक किया गया और विशेष श्रृंगार किया गया।

नाथद्वारा में श्रीनाथजी को 21 तोपों की सलामी

राजसमंद के नाथद्वारा स्थित प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में भी जन्माष्टमी का विशेष आयोजन हुआ। भगवान श्रीनाथजी के जन्मोत्सव के मौके पर 21 तोपों की सलामी दी गई।इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाथद्वारा पहुंचे। भक्तों ने श्रीनाथजी के दर्शन किए और जन्माष्टमी के विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।

सांवलियाजी में तीन साल बाद ड्रोन शो

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर तीन साल बाद ड्रोन शो का आयोजन किया गया। रात करीब 8 बजे एक साथ 1100 ड्रोन आसमान में उड़ाए गए।ड्रोन की रोशनी से आसमान में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कई आकर्षक आकृतियां बनाई गईं। इनमें भगवान कृष्ण का जन्म, शेषनाग की छत्रछाया, गोवर्धन पर्वत उठाते श्रीकृष्ण, बाल कृष्ण, बांसुरी बजाते कान्हा, श्री सांवलियाजी मंदिर और सांवरा सेठ की आकृतियां प्रमुख रहीं।आसमान में एक साथ सैकड़ों ड्रोन की रोशनी से बनी धार्मिक आकृतियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। बड़ी संख्या में लोगों ने इस नजारे को देखा और मोबाइल कैमरों में कैद किया।

आधी रात को मंदिरों में गूंजे जयकारे

जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में मंदिरों को विशेषरूप से सजाया गया था। जैसे ही रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिरों में घंटियां बजने लगीं और श्रद्धालुओं ने ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगाए।राजस्थान में जन्माष्टमी के दौरान हुए धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी देखने को मिली। प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक, आरती और श्रृंगार के साथ भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास मनाया गया।

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