नेपाल में बाढ़ से तबाही के 11वें दिन चमत्कार, मलबे से महिला समेत 2 लोगों को जिंदा निकाला गया

Published on 5 सित॰ 2026

Sep 05, 2026 06:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रभावित जिलों से और शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही, मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 1,344 हो गई। बचाव दल करीब 5,000 लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

Nepal devastating floods miracle once again Rescue teams saved two people alive

नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बचाया गया।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के 11वें दिन एक बार फिर से चमत्कार देखने को मिला। शनिवार को बचाव दलों ने 2 लोगों को जिंदा बचा लिया। नेपाल सेना, दक्षिण कोरिया के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने बेहद मुश्किल हालात में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पहली सफलता अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में मिली। यहां ऑडिट-4 सुरंग से एक चीनी नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह अभियान काफी जोखिम भरा था और इसे नेपाल सेना व दक्षिण कोरिया से आई विशेषज्ञ टीम ने मिलकर पूरा किया।

दूसरी सफलता नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका क्षेत्र के बेत्रावती में मिली। यहां चार मंजिला मकान ढह गया था और उसके मलबे में 64 वर्षीय महिला चंडिका श्रेष्ठ फंसी हुई थीं। सब-इंस्पेक्टर सुमन कुमार बीके के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने महिला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, भीषण बाढ़ से प्रभावित 11 जलविद्युत परियोजनाओं में कर्मचारियों समेत अब भी 942 लोग लापता हैं। बचाव दल मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद लापता लोगों की तलाश में अभियान चला रहे हैं।

नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हुई

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रभावित जिलों से और शव बरामद किए जाने के साथ मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 1,344 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बचाव दल करीब 5,000 लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं, जिनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। 13,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक बरामद शवों में 758 वयस्कों और 85 बच्चों के शव शामिल हैं, जबकि 501 शव ऐसे मिले हैं, जिनके कुछ अंग गायब हैं। शवों की यह स्थिति लंबे समय तक पानी में रहने और मलबे के दबाव के कारण हुई है।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण बाढ़ आई थी। इसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों व गांवों में भारी तबाही मचाई। हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ से मकान, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। चीन की मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक 360 शव अकेले चितवन जिले से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम जिलों से भी शव मिले हैं।