केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से खुश लोगों ने लखनऊ में रविवार को 1090 चौराहे पर जश्न मनाया। विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने विक्ट्री मार्च निकाला। हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर जश्न मनाया। विक्ट्री मार्च में समाजवादी
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विक्ट्री मार्च में शामिल NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष अहमद ने कहा कि यह जीत छात्र शक्ति की है। जिस तरह से पूरे देश के युवाओं ने छात्र शक्ति का अहसास कराया है, इसे इतिहास में दर्ज किया जाएगा। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ या आंदोलन देश के कोने-कोने तक पहुंचा।
भारतीय जनता पार्टी और सत्ता में बैठे हुए लोगों को यह अभिमान था कि छात्र उनके सामने झुकेंगे। मगर वह यह भूल गए कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। देश के पढ़े-लिखे युवा ने यह बता दिया कि गलत के सामने डटकर खड़े होंगे।
देखिए 4 तस्वीरें…

विक्ट्री मार्च में युवा और बच्चे शामिल हुए।

युवाओं ने ढोल बजाकर जमकर डांस किया।

विक्ट्री मार्च में लोग वीर शहीदों की तस्वीरों वाले पोस्टर लेकर पहुंचे।

विक्ट्री मार्च के दौरान लोगों ने तिरंगा लहराया।
'Gen Z को अपनी बात रखनी आती है'
जश्न मना रही लॉ स्टूडेंट इशिता त्रिपाठी ने कहा कि सरकार से अकाउंटेबिलिटी मांगने का यह बहुत छोटा सा काम था। राजनाथ सिंह हमेशा कहते आए हैं कि इस सरकार में इस्तीफा नहीं होता तो यह इस्तीफा अकाउंटएबिलिटी की शुरुआत है। यह उसका पहला स्टेप है।
Gen Z को अपनी बात रखनी आती है और उसकी मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रोटेस्ट जितने हुए उसमें संस्कार भी था। क्रिएटिविटी थी। हमने जंतर-मंतर से लेकर हर जगह बहुत यूनिक तरीके से प्रोटेस्ट किया। क्रिएटिविटी के साथ Gen Z सामने आया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखकर प्रदर्शन किया है।

इशिता त्रिपाठी ने कहा कि नए शिक्षा मंत्री से हम उम्मीद करते हैं कि वह सिस्टम में बदलाव लाएं। यह तय करें कि पेपर लीक न हो। युवाओं का भविष्य बर्बाद ना हो।
'अचानक से एग्जाम की डेट बदल गई थी'
अदिति ने कहा कि वह नीट एस्पेरेंट रही हैं। उनके समय भी ऐसा ही हुआ था कि अचानक से एग्जाम की डेट बदल दी गई थी, जिससे काफी प्रभावित हुए थे। पिछले साल भी कई पेपर लीक हुए। घोटाले हुए। इससे छात्रों पर बहुत असर पड़ता है। हमने तीन बार नीट की परीक्षा दी है।
3 साल हमारा बर्बाद हो चुका है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दो मांग और है। पहले यह है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल बच्चों पर जो मुकदमा हुआ है उसे वापस लिया जाए। दूसरी मांग है कि नीट पेपर लीक की वजह से जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को मुआवजा मिले।

अदिति ने कहा कि परीक्षा लीक होने का छात्रों पर बहुत बुरा असर होता है।
'90 के बाद युवाओं का इतना बड़ा आंदोलन हुआ है'
लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र प्रिंस प्रकाश ने कहा कि आज बहुत बड़ी खुशी है। जो सरकार लोकतंत्र पर भरोसा नहीं रखती है, उससे हम लोग जीते हैं। 90 के बाद युवाओं का इतना बड़ा आंदोलन हुआ है। जिस Gen Z को लोग नकारा मानते थे। सोशल मीडिया चलाने वाला मानते थे, उसने यह सब किया।
पीएम मोदी इन युवाओं को कहा करते थे की रील बनाइये, रोजगार पाइये। वही रील इस सरकार पर चढ़ गया और इसे धराशाही कर दिया। अमेरिका जैसे शहरों में जो डेमोक्रेसी और प्रदर्शन की तस्वीर आती थी, वही यहां भी आई है।

प्रिंस प्रकाश ने कहा कि जो लोग संस्कार की बात कर रहे हैं, उन्हें हम बताना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में रेप के आरोपी बैठे हुए हैं।