भोपाल: Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का पर्व इस बार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन परिधि, बुधादित्य और लक्ष्मीनारायण योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे और वृषभ राशि में उनकी स्थिति पर्व की शुभता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा और फिर व्रत खोला जाएगा। भोपाल में चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:14 से 8:17 बजे के बीच बताया गया है।
शाम 5:38 बजे से शुरू होगा पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित लेखराज शर्मा के अनुसार, करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मीनारायण राजयोग तथा सूर्य की स्थिति से बुधादित्य योग बन रहा है। इसके साथ परिधि योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। श्रद्धालु इन शुभ योगों में पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
करुणाधाम आश्रम में 101 जोड़े करेंगे सामूहिक पूजन
भोपाल के नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में करवा चौथ पर सामूहिक व्रत और पूजन का आयोजन किया जाएगा। सहज शिक्षा समाधान समिति के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में 101 जोड़े शामिल होंगे। आश्रम के पीठाधीश्वर संत शांडिल्य महाराज के सान्निध्य में कार्यक्रम होगा, जबकि पंडित विष्णु राजौरिया विधि-विधान से पूजा कराएंगे। चंद्र दर्शन के समय आतिशबाजी भी की जाएगी। आयोजन में पारंपरिक परिधान और सोलह शृंगार के साथ महिलाएं शामिल होंगी। उनके लिए विशेष सेल्फी पॉइंट बनाया जाएगा और करवा चौथ से जुड़े लोकगीत भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें शामिल होने के लिए पंजीयन जारी है।
नर्मदा मंदिर में दोपहर 3 बजे से होगी पूजा
भोपाल के तुलसी नगर स्थित नर्मदा मंदिर में भी सामूहिक करवा चौथ पूजन आयोजित किया जाएगा। नर्मदा सेवा समाज और नार्मदीय महिला मंडल की ओर से होने वाले इस कार्यक्रम में महिलाएं एक साथ पूजा करेंगी। समाज के अध्यक्ष सुशील बिल्लौरे के अनुसार, पंडित वल्लभानंद शुक्ल मंत्रोच्चार के साथ पूजन और व्रत उद्यापन की प्रक्रिया संपन्न कराएंगे। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। इसमें शामिल होने की इच्छुक महिलाओं के लिए पंजीयन की व्यवस्था की गई है। शहर के अन्य स्थानों पर भी पर्व की तैयारियां की जा रही हैं।
बाजारों में बढ़ेगी रौनक, वीरवती की कथा का भी है महत्व
करवा चौथ से पहले भोपाल के बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। महिलाएं करवा, पूजा की थाली, छलनी, चुनरी, चूड़ियां, मेहंदी और सोलह शृंगार की सामग्री खरीदेंगी। इस पर्व पर वीरवती की कथा सुनने की भी परंपरा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, वीरवती ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। चंद्रमा को लेकर हुई एक घटना के बाद उसके पति पर संकट आया, लेकिन उसकी भक्ति और प्रार्थना से पति को दोबारा जीवन मिलने का प्रसंग कथा में बताया जाता है। इसी कारण करवा चौथ को पति की कुशलता और दांपत्य जीवन की खुशहाली से जुड़ा विशेष पर्व माना जाता है।
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