तमिलनाडु में 100 करोड़ रुपये के प्राइवेट स्कूल घोटाले में DMK नेता अनबिल महेश गिरफ्तार, वीडियो में जाने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज

Published on 27 अक्टू॰ 2026

तमिलनाडु में 100 करोड़ रुपये के प्राइवेट स्कूल घोटाले में DMK नेता अनबिल महेश गिरफ्तार, वीडियो में जाने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज

तमिलनाडु में निजी स्कूलों को सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली के मामले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह मामला करीब 100 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए महेश ने एक हजार से अधिक निजी स्कूलों के प्रबंधन से पार्टी फंड के नाम पर पैसे जुटाए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरफ्तारी

मिली जानकारी के अनुसार, अनबिल महेश पोय्यामोझी ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सोमवार को अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके कुछ घंटे बाद ही ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।यह मामला निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता और अन्य प्रशासनिक मंजूरियां दिलाने के बदले कथित तौर पर धन जुटाने से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर उन्हें सरकारी मंजूरियां दिलाने का भरोसा दिया जाता था। इसके बदले उनसे पार्टी फंड के नाम पर रकम ली जाती थी।

एक हजार से अधिक निजी स्कूलों से पैसे लेने का आरोप

मामले में सामने आए आरोपों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2026 के बीच तमिलनाडु में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित मंजूरियों के लिए निजी स्कूलों के प्रबंधन से संपर्क किया गया। आरोप है कि इस दौरान एक हजार से अधिक स्कूलों से पैसे जुटाए गए। पूरे मामले में करीब 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली की बात कही जा रही है।

शिकायत के अनुसार, तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों ने स्कूल संचालकों से संपर्क किया था। उन्हें स्थायी मान्यता और दूसरी प्रशासनिक स्वीकृतियां दिलाने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के तहत स्कूल प्रबंधन से रकम एकत्र की गई।जांच एजेंसियों को अब कथित लेनदेन, संबंधित लोगों की भूमिका और सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करनी होगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ सकती है हलचल

डीएमके नेता और पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है। शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच की दिशा पर भी नजर रहेगी। निजी स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया और उससे जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच इस प्रकरण का अहम हिस्सा हो सकती है।फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। मामले में अनबिल महेश पोय्यामोझी की भूमिका, कथित वसूली के प्रमाण और अन्य संबंधित लोगों की संलिप्तता का निर्धारण जांच तथा अदालत की कार्यवाही के बाद ही हो सकेगा।

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