'100 साल पुराने कानून भी फेल, शराबबंदी पर सवाल क्यों': मंत्री बोले- प्रशांत किशोर गरीब और महिला विरोधी, शराबबंदी का उद्देश्य सफल - Muzaffarpur News

Published on 11 सित॰ 2026

उत्पाद एवं मद्यनिषेध मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी के खिलाफ सवाल उठाने वाले लोग वास्तव में समाज के गरीब और महिला वर्ग के हितों का विरोध कर रहे हैं।

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मंत्री ने कहा कि “प्रशांत किशोर जो सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, जो लोग शराबबंदी का विरोध करते हैं, निश्चित रूप से वह समाज के निम्न तबके, गरीब तबके और महिलाओं के विरोधी हैं।”

मदन सहनी ने कहा कि बिहार में 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शराबबंदी और नशाबंदी लागू की थी। इसके बाद समाज में कई बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून लागू होने के बाद उसमें शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिल सकती।

चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों से जुड़े करीब 100 साल पुराने कानून भी अपराध को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए हैं। ऐसे में शराबबंदी से शत-प्रतिशत सफलता की उम्मीद करना सही नहीं है। “जिस उद्देश्य से शराबबंदी की गई थी, उस उद्देश्य में हम लोग सफल मानते हैं और आगे भी यह जारी रहेगा।”

कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री समेत अन्य।

कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री समेत अन्य।

शराबबंदी को ठिकाने लगाने की कोशिश नाकाम होगी

मंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून को कमजोर करने या इसे ठिकाने लगाने की कोशिश करने वालों की कोशिश सफल नहीं होगी। सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सूखा नशा में इस्तेमाल होने वाले चरस, अफीम, हेरोइन और स्मैक की भारी मात्रा में बरामदगी हो रही है और विभाग इसकी लगातार समीक्षा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अब बिहार में पकड़ी जाने वाली विदेशी शराब को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। “जो भी विदेशी शराब बिहार के अंदर आती है और पकड़ी जाती है, उस कंपनी पर भी हम लोग एफआईआर करेंगे। इसका काम शुरू कर दिया गया है।” मंत्री ने कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के लिए विभाग स्तर पर लगातार कार्रवाई और समीक्षा की जा रही है।

शहीद का दर्जा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे

मदन सहनी शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के पारू निवासी क्रांतिकारी छकौड़ी लाल शाह के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि छकौड़ी लाल शाह ने देश की आजादी के लिए शहादत दी, लेकिन उनका नाम अभी बिहार गजट में शहीद के दर्जे के रूप में शामिल नहीं है। वैश्य समाज और कार्यक्रम के आयोजकों ने उनके नाम को बिहार गजट में शहीद के रूप में शामिल कराने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस संबंध में पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम के बाद वे पटना जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और छकौड़ी लाल शाह को शहीद का दर्जा दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी जीवनी का प्रकाशन भी कराया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और शहादत के बारे में जान सके।