तमिलनाडु में ₹100 करोड़ का घोटाला, पूर्व मंत्री अरेस्ट: आरोप- 1000 प्राइवेट स्कूलों से पार्टी फंड के लिए पैसे लिए, बदले में मान्यता सहित अन्य मंजूरी दी

Published on 26 अक्टू॰ 2026

चेन्नई13 घंटे पहले

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तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और DMK नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को सोमवार को 100 करोड़ रुपये के प्राइवेट स्कूल घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया।

महेश पर आरोप है कि उन्होंने 2021 से 2026 तक स्कूल शिक्षा मंत्री रहने के दौरान 1,000 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन से 'पार्टी फंड' के नाम पर पैसे वसूले। आरोप है कि इसके बदले स्कूलों को स्थायी मान्यता और अन्य प्रशासनिक मंजूरियां दी गईं।

महेश ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत भी लगाई थी। सोमवार को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। कुछ घंटे बाद ही ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने उन्हें अरेस्ट कर लिया।

अनबिल महेश को सोमवार दोपहर चेन्नई पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने अरेस्ट किया।

अनबिल महेश को सोमवार दोपहर चेन्नई पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने अरेस्ट किया।

1. पूरा मामला क्या है?

मामला निजी स्कूलों को सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर पैसे जुटाने से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्कूल मैनेजमेंट से संपर्क किया और सरकारी मंजूरियां दिलाने का भरोसा देकर पैसे लिए।

3. शिकायत किसने की और मामला कैसे शुरू हुआ?

मामले की शुरुआत तमिलनाडु में निजी स्कूलों के संगठनों से जुड़े डी.सी. इलंगोवन की शिकायत से हुई। वह फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस ऑफ प्राइवेट स्कूल्स, तमिलनाडु के सचिव बताए गए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीटी अरसाकुमार और दूसरे पदाधिकारियों ने निजी स्कूलों से सदस्यता शुल्क और दूसरी रकम ली। दावा किया गया कि इसके बदले स्कूलों को सरकारी अनापत्ति प्रमाणपत्र, लाइसेंस, स्थायी मान्यता, नवीनीकरण और अन्य मंजूरियां दिलाई जाएंगी। शिकायत के अनुसार, पैसे लेने के बावजूद वादे पूरे नहीं किए गए।

5. अनबिल महेश पर क्या आरोप हैं?

पुलिस का आरोप है कि महेश ने स्कूल प्रबंधन से कथित तौर पर ‘पार्टी फंड’ के नाम पर सीधे पैसे लिए या इस वसूली में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ गवाहों ने उनसे मुलाकात करने और स्कूलों की मंजूरियों के संबंध में बातचीत होने की बात कही है।

मामले में बी.टी. अरसाकुमार के अलावा पूर्व विधायक मुथुकुमार का नाम भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, मुथुकुमार फरार है। उसे महेश का करीबी बताया गया है।

6. अनबिल महेश ने क्या दलील दी?

महेश ने अदालत में कहा कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे साबित हो कि उन्होंने खुद अवैध रकम ली। उन्होंने यह भी दलील दी कि कुछ लोगों ने उनका नाम इस्तेमाल करके स्कूलों से पैसे जुटाए होंगे और शिकायतकर्ता की एसोसिएशन के अध्यक्ष से नाराजगी भी शिकायत की वजह हो सकती है।

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