Published: Wednesday, September 30, 2026, 15:07 [IST]
30 सितंबर 2026 को भारत NCAP की ट्रांसपेरेंसी को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। कार खरीदार अब यह जानना चाहते हैं कि क्रैश टेस्ट की स्टार रेटिंग क्या शोरूम में बिकने वाली असली गाड़ियों से मेल खाती है? 10 लाख रुपये तक के बजट में फैमिली कार ढूंढ रहे लोग अब सिर्फ टेस्ट कार में ही नहीं, बल्कि डिलीवरी के लिए तैयार हर मॉडल में 6 एयरबैग, ESC और ISOFIX जैसे फीचर्स का पक्का सबूत मांग रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस बजट में आपके लिए कौन-से सुरक्षित और सही विकल्प मौजूद हैं।
भारत NCAP AIS-197 प्रोटोकॉल के तहत एडल्ट, चाइल्ड और सेफ्टी असिस्ट परफॉर्मेंस के आधार पर कारों को रेटिंग देता है। बेहतर स्टार रेटिंग पाने के लिए ESC और कर्टन एयरबैग जैसे सेफ्टी असिस्ट फीचर्स का होना बेहद जरूरी है। पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑफिशियल फैक्ट शीट में टेस्ट किए गए वेरिएंट और उसमें मौजूद फीचर्स की पूरी जानकारी दी जाती है। कार खरीदते समय शोरूम में मौजूद मॉडल से इन डिटेल्स का मिलान जरूर कर लें, ताकि वेरिएंट को लेकर कोई गड़बड़ी न हो।
Bharat NCAP: 10 लाख रुपये से कम बजट वाली सबसे सुरक्षित फैमिली कारें
फिलहाल दो लोकप्रिय कारों को 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली हुई है। खास बात यह है कि इनके लोअर ट्रिम्स (निचले वेरिएंट्स) में भी 6 एयरबैग और ESC जैसे फीचर्स मिल रहे हैं। ऑफिशियल फैक्ट शीट के मुताबिक, टाटा एल्ट्रोज़ (Tata Altroz) और टाटा पंच (Tata Punch) इस कसौटी पर खरी उतरती हैं। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि कंपनी ने इन सेफ्टी फीचर्स को सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड बना दिया है। इनकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत इतनी वाजिब है कि ज्यादातर शहरों में इनका ऑन-रोड प्राइस 10 लाख रुपये के अंदर ही रहता है। स्टॉक और अपने पसंदीदा रंग की जानकारी के लिए तुरंत अपने नजदीकी डीलर से संपर्क करें।
| मॉडल | BNCAP रेटिंग | लोअर-ट्रिम में सेफ्टी | आज ही क्या चेक करें |
|---|---|---|---|
| Tata Altroz | 5-स्टार | 6 एयरबैग, ESC स्टैंडर्ड | ISOFIX, ESC टॉगल, VIN से बनने का महीना |
| Tata Punch | 5-स्टार | 6 एयरबैग, ESC स्टैंडर्ड | टायर साइज, VIN, डीलर एड-ऑन्स |
Bharat NCAP लेबल कैसे समझें और गलत वेरिएंट लेने से कैसे बचें
दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु के कार शोरूम में गाड़ी देखते समय सभी कागजात ध्यान से जांचें। एयरबैग की संख्या खुद गिनें और डैशबोर्ड पर ESC आइकन या मेनू टॉगल जरूर चेक करें। सीट में ISOFIX एंकर्स देखकर तसल्ली करें और VIN नंबर के जरिए गाड़ी के मैन्युफैक्चरिंग महीने का पता लगाएं। बाद में मिलान करने के लिए टायर के साइज और लोड इंडेक्स की फोटो खींच लें। ध्यान रखें कि 14–15 इंच के टायर करीब 50,000 किमी तक चल जाते हैं और ये 16–17 इंच के टायरों के मुकाबले बदलने में काफी सस्ते भी पड़ते हैं।