पानीपत57 मिनट पहले
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पानीपत कोर्ट ने शुक्रवार को सजा सुनाई है।
पानीपत की विशेष पॉक्सो एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की फास्ट ट्रैक अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ रेप करने के आरोपी मोगली को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास और 45,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
ये था पूरा मामला
थाना मतलौडा क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी महिला ने 29 मई 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी अचानक घर से गायब हो गई है। जांच के दौरान पुलिस ने 30 मई 2024 को लड़की को करनाल से सकुशल बरामद किया। पीड़िता ने अदालत में धारा 164 के तहत दर्ज बयानों में बताया कि पड़ोस में रहने वाला आरोपी मोगली उसे शादी का झांसा देकर अपनी बाइक पर करनाल ले गया था और वहां एक कमरे में उसकी मर्जी के बिना उसके साथ रेप किया।

मतलौडा थाना क्षेत्र का करीब 2 साल पुराना मामला है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मतलौडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मोगली के खिलाफ दर्ज मुकदमें में धारा 363, 366, 376 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर उसे 31 मई 2024 को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत द्वारा सुनाई गई सजा का विवरण
- धारा 376(1) IPC: 10 वर्ष की कठोर कारावास और 20,000 रुपए जुर्माना (भुगतान न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास)।
- धारा 366 IPC: 5 वर्ष की कठोर कारावास और 15,000 रुपए जुर्माना (भुगतान न करने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास)।
- धारा 363 IPC: 3 वर्ष की कठोर कारावास और 10,000 रुपए जुर्माना (भुगतान न करने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास)।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और आरोपी द्वारा विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में समायोजित किया जाएगा। फैसले के बाद दोषी को सेंट्रल जेल, पानीपत भेज दिया गया है।
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