इंस्टाग्राम पर एडमिशन का झांसा, फिर करोड़ों की ठगी; मुंबई पुलिस ने एडमिशन रैकेट का किया खुलासा... 10 अरेस्ट

Published on 17 अग॰ 2026

Mumbai News: मुंबई में इंजीनियरिंग और नामी शिक्षण संस्थानों में एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पवई पुलिस ने इस मामले में पुणे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरोह कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फर्जी एडमिशन के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था.

पुलिस के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के जरिए छात्रों और अभिभावकों से संपर्क करते थे. इसके बाद फर्जी सिम और व्हाट्सऐप नंबरों के जरिए बातचीत कर नामी कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का भरोसा दिया जाता था. एडमिशन पक्का कराने के नाम पर आरोपियों द्वारा टोकन मनी, एडवांस या पहले साल की फीस के तौर पर लाखों रुपये वसूले जाते थे.

16.50 लाख की ठगी से खुला रैकेट

मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ. महिला ने पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर techorbit1111 नाम के अकाउंट के जरिए उससे संपर्क किया गया था. आरोपियों ने IIIT हैदराबाद में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 16 लाख 50 हजार रुपये ले लिए।. शिकायत मिलने के बाद पवई पुलिस ने मामला दर्ज किया और बैंक से संपर्क कर ठगी की रकम को फ्रीज कराया.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने ठगी की रकम से पांच मोबाइल फोन खरीदे थे. तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने पुणे के विमाननगर इलाके में कार्रवाई की। 14 अगस्त को निऑन होम्स स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

दो जगह चल रहे थे फर्जी कॉल सेंटर

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुणे में दो अलग-अलग जगहों से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे. पहला कॉल सेंटर विमाननगर के निऑन होम्स और दूसरा खराड़ी के सिटी विस्टा बिल्डिंग में संचालित हो रहा था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, एक HP लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क, सात डेबिट कार्ड, एक जियोबुक और दो कारें बरामद कीं.

आरोपियों के बैंक खातों में ठगी से जुड़ी करीब 24 लाख रुपये की रकम भी मिली है. पुलिस के मुताबिक जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये है.

14 मामलों का पता चला

जांच में अब तक मुंबई में 9, नागपुर में 1, उत्तर प्रदेश में 2, कर्नाटक में 1 और गुजरात में 1 मामले समेत कुल 14 मामलों की जानकारी सामने आई है. पुलिस को PICT, NSUT और DTU समेत कई शिक्षण संस्थानों से जुड़े दस्तावेज और करीब 30 मोबाइल नंबर भी मिले हैं.

पुलिस के मुताबिक गिरोह कथित तौर पर 2019 से इसी तरीके से ठगी कर रहा था. सभी 10 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 20 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. अब पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के शिकार छात्रों की संख्या का पता लगाने में जुटी है.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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