प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण सहयोग उपलब्ध कराने और अस्पतालों में मरीजों व उनके परिजनों के लिए बेहतर प्रतीक्षा सुविधा विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसको लेकर शुक
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कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने की।एमओयू के तहत जिले के 1,951 टीबी मरीजों को छह माह तक पोषणयुक्त आहार किट उपलब्ध कराई जाएगी। इस किट में तेल, आटा, सोयाबीन, मूंगफली सहित प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य सामग्री शामिल रहेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार टीबी के उपचार के दौरान मरीजों के लिए नियमित दवा के साथ पर्याप्त और पौष्टिक आहार भी महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों को पोषण सहयोग देने की व्यवस्था की गई है। इससे उपचार के दौरान मरीजों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने का प्रयास
टीबी मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली पोषण किट का उद्देश्य उपचार की अवधि में उनके खान-पान को बेहतर बनाना और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन का मानना है कि पर्याप्त पोषण मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहयोग कर सकता है।
छह माह तक पोषणयुक्त आहार किट मिलने से मरीजों को उपचार के साथ संतुलित आहार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसमें प्रोटीन के साथ विभिन्न जरूरी पोषक तत्वों वाली खाद्य सामग्री शामिल की जाएगी। प्रशासन की यह पहल टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक सहयोगात्मक कदम है।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को उपचार के साथ सामाजिक एवं सामुदायिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन और बीआरबीसीएल के बीच हुए एमओयू से जिले के चिन्हित मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध होगी।
जिला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीबी मरीजों को नियमित उपचार के प्रति जागरूक करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। पोषण सहयोग के माध्यम से मरीजों को उपचार की पूरी अवधि के दौरान अतिरिक्त सहायता देने की व्यवस्था की गई है।
अस्पतालों में लगेंगी 200 ट्रिपल सीटर वेटिंग चेयर
एमओयू के तहत टीबी मरीजों के पोषण सहयोग के अलावा जिले के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के लिए 200 ट्रिपल सीटर प्रतीक्षारत कुर्सियों की आपूर्ति और स्थापना भी की जाएगी। इससे अस्पतालों में इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को प्रतीक्षा के दौरान बैठने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को कई बार इलाज, जांच या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में प्रतीक्षा स्थल पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होने से उन्हें सुविधा मिलेगी। 200 ट्रिपल सीटर वेटिंग चेयर की स्थापना जिले के विभिन्न अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार की जाएगी।

यह पूरी पहल कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत बीआरबीसीएल द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से की जा रही है। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जनसुलभ और सुविधाजनक बनाने के साथ टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश के अलावा बीआरबीसीएल एवं एनपीजीसीएल के हेड ऑफ प्रोजेक्ट तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने इस सहयोग को स्वास्थ्य सेवाओं और टीबी उन्मूलन अभियान के लिए महत्वपूर्ण बताया।