खगड़िया में 1.63 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित: 50 सामुदायिक किचेन और 8 बोट एंबुलेंस तैनात; आश्रय स्थलों पर बच्चों की पढ़ाई - Khagaria News

Published on 11 सित॰ 2026

खगड़िया में बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिले में अब तक 1,63,159 लोग और 37,955 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

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प्रभावित इलाकों में भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार काम किया जा रहा है।

देखें, मौके से आई तस्वीरें…

50 सामुदायिक किचेन में दो समय का भोजन

बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 50 सामुदायिक किचेन संचालित किए जा रहे हैं। यहां लोगों को प्रतिदिन दो समय का भोजन दिया जा रहा है।

वहीं, दो राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए नाश्ते के साथ दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था की गई है।

165 नावों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही

पानी से घिरे इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 165 नावें चलाई जा रही हैं। प्रशासन जरूरत के अनुसार नावों के संचालन और संसाधनों की उपलब्धता की लगातार समीक्षा कर रहा है।

इमरजेंसी के लिए 8 बोट एंबुलेंस तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए 8 बोट एंबुलेंस तैनात की गई हैं। मेडिकल टीमें भी दवाओं और फर्स्ट एड की सुविधा के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सत्यापन के बाद मिलेगी जीआर की राशि

बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर (अनुग्रह राशि) देने की प्रक्रिया भी चल रही है। अधिकारी और संबंधित कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पात्र परिवारों और उनके विवरण का मौके पर सत्यापन कर रहे हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद योग्य परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

आश्रय स्थलों पर बच्चों के लिए स्कूल और गेम जोन

विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर रहने और भोजन के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अस्थायी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बनाए गए हैं। उनके लिए गेम जोन की भी व्यवस्था की गई है।

महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग

आश्रय स्थलों में महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। यहां उन्हें सिलाई, कढ़ाई और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि राहत शिविरों में रहते हुए भी वे उपयोगी गतिविधियों में शामिल रह सकें।

सुबह-शाम योग से तनाव कम करने की पहल

बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों में सुबह और शाम योगाभ्यास कराया जा रहा है। प्रशासन का जोर राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक माहौल देने पर है।

जरूरत के अनुसार बढ़ाए जाएंगे संसाधन

जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। प्रभावित इलाकों की जरूरत के अनुसार नाव, स्वास्थ्य सेवा, भोजन और अन्य संसाधनों को बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।