एग्जाम टिप्स: आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-1, परीक्षा में करीब डेढ़ महीना बाकी, ऐसे मजबूत करें अपनी तैयारी

Published on 7 अक्टू॰ 2026

आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-1 की प्रारंभिक परीक्षा 21 और 22 नवंबर, 2026 को प्रस्तावित है। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए करीब डेढ़ महीने का समय है। इसलिए अभ्यर्थियों के लिए यह समय तैयारी में नई चीजें जोड़ने से ज्यादा अपनी मौजूदा तैयारी को मजबूत करने का है। बचे हुए दिनों में सही रणनीति, नियमित अभ्यास और अपनी गलतियों का विश्लेषण परीक्षा की तैयारी को बेहतर बना सकता है। अभ्यर्थी सबसे पहले यह देखें कि किन विषयों और टॉपिक्स में उनकी पकड़ मजबूत है और किन में अभी अधिक अभ्यास की जरूरत है। इसके आधार पर रोज का लक्ष्य तय करें और पढ़ाई के लिए ऐसा टाइम-टेबल बनाएं, जिसे परीक्षा तक लगातार फॉलो किया जा सके।

पैटर्न समझकर बनाएं रणनीति

इस परीक्षा में रीजनिंग से 40 प्रश्न, 40 अंकों के लिए और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के 40 प्रश्न 40 अंकों के पूछे जाएंगे। रीजनिंग के लिए 25 मिनट और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के लिए 20 मिनट का समय निर्धारित है। यानी अभ्यर्थियों को कुल 80 प्रश्नों को सीमित समय में हल करना होता है। इसलिए अभी से दोनों सेक्शन के लिए अलग-अलग समय निर्धारित कर प्रैक्टिस करें। परीक्षा में दोनों टेस्ट में न्यूनतम कट ऑफ हासिल करना भी जरूरी होता है।

विज्ञापन

कमजोर टॉपिक्स पर करें फोकस

अभ्यर्थी बचे समय में सबसे पहले अपनी तैयारी का आकलन करें। रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड की तैयारी में केवल आसान सवालों को हल करने के बजाय ऐसे प्रश्नों का अभ्यास करें, जिनमें बार-बार गलती होती है। पजल, सीटिंग अरेंजमेंट, कोडिंग-डिकोडिंग, सिलोगिज्म, असमानता, सरलीकरण, नंबर सीरीज, अर्थमेटिक और डाटा इंटरप्रिटेशन जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को प्राथमिकता दें। किसी टॉपिक में लगातार गलती हो रही है, तो उसके बेसिक कॉन्सेप्ट दोबारा समझें और उसके बाद प्रश्न हल करें। इससे कम समय में कमजोर हिस्सों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन

मॉक टेस्ट से बढ़ाएं स्पीड

अंतिम चरण में मॉक टेस्ट तैयारी का सबसे उपयोगी हिस्सा बन सकता है। शुरुआत में सप्ताह में कुछ मॉक देकर अपनी स्थिति समझें और फिर धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाएं। मॉक टेस्ट देते समय परीक्षा की समय-सीमा का ध्यान रखें। परीक्षा में केवल अधिक प्रश्न हल करना लक्ष्य न रखें, बल्कि सही प्रश्न चुनना भी सीखें। प्रत्येक मॉक के बाद गलत हुए सवालों का विश्लेषण करें और पहचानें कि कमी कहां रह रही है।

  • दोनों सेक्शन के लिए समय तय करके ही अभ्यास करें।
  • मॉक टेस्ट में पहले आसान प्रश्नों को हल करने की आदत डालें।
  • जिन टॉपिक्स में बार-बार गलती हो रही है, उनकी दोबारा तैयारी करें।

रिवीजन को दें प्राथमिकता

परीक्षा के अंतिम 10-15 दिनों में नए बड़े टॉपिक्स शुरू करने के बजाय रिवीजन और अभ्यास पर अधिक ध्यान देना बेहतर रहेगा। महत्वपूर्ण फार्मूला, ट्रिक्स, शॉर्ट नोट्स और पढ़ने की गलतियों को बार-बार दोहराएं। पर्याप्त नींद लें और पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लेते रहें, ताकि एकाग्रता बनी रहे। परीक्षा के ठीक पहले बहुत अधिक पढ़ने या लगातार मॉक देने के बजाय अपनी तैयारी को व्यवस्थित रखें। सफलता के लिए बचे हुए दिनों का सही उपयोग जरूरी है, लेकिन तैयारी के साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।