बैंक कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति से ओटीपी हासिल कर 1.35 लाख रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई पूरी रकम 1.35 लाख रुपए बरामद कर ली है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के उन्नाव निवासी ओम नारायण और फतेहपुर निवासी अक्षय प्रताप सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही अरेस्ट कर चुकी है। दोनों नए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

बैंक कर्मचारी बनकर मांगा था ओटीपी
जांच अधिकारी एएसआई प्रदीप कुमार के अनुसार, गांव भानोखेड़ी निवासी दलजीत सिंह की शिकायत पर 27 अगस्त 2026 को साइबर क्राइम थाना अंबाला में केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उससे बैंक कर्मचारी बनकर संपर्क किया गया और ओटीपी हासिल करने के बाद खाते से 1.35 लाख रुपए निकाल लिए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षय प्रताप सिंह ने बैंक कर्मचारी बनकर शिकायतकर्ता से ओटीपी मांगा था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी गई पूरी रकम बरामद कर ली।
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ताजा कार्रवाई में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम की जानकारी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
बैंक कर्मचारी होने का दावा कर ओटीपी मांगने वाले व्यक्ति की बातों में न आएं। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।

अंबाला पुलिस की गिरफ्त में 6.42 लाख रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी।
6.42 लाख की ठगी में भी यूपी से 2 पकड़े
वहीं अंबाला साइबर क्राइम पुलिस ने दूसरे मामले में बैंक खाते की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर 6.42 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में भी उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हापुड़ निवासी कैफ और संभल निवासी मोहम्मद उजैक के रूप में हुई है।
कैफ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि मोहम्मद उजैक को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, शहजादपुर क्षेत्र के गांव कड़ासन निवासी अश्विनी कुमार से 27 फरवरी से 2 मार्च 2025 के बीच फर्जी लिंक भेजकर ठगी की गई थी। पुलिस अब ठगी की रकम बरामद करने और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।