झारखंड बजट और फंड संकट: राज्य के 1 दर्जन विभाग केंद्रीय सहायता के प्रति गंभीर नहीं, इस साल मिलने हैं 18,274 करोड़, मिले 1226 करोड़ - Ranchi News

Published on 25 सित॰ 2026

झारखंड बजट और फंड संकट:राज्य के 1 दर्जन विभाग केंद्रीय सहायता के प्रति गंभीर नहीं, इस साल मिलने हैं 18,274 करोड़, मिले 1226 करोड़

रांची14 मिनट पहले

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झारखंड को केंद्र सरकार से मिलने वाली केंद्रीय सहायता की स्थिति काफी चिंताजनक है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों (31 अगस्त तक) में राज्य को केवल ₹1,226 करोड़ ही प्राप्त हो सके हैं, जो कुल तय लक्ष्य का मात्र 6.7% है।

दूसरी ओर, केंद्रीय सहायता प्राप्त करने के लिए राज्य के कई विभाग भी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। योजना एवं विकास विभाग द्वारा ब्योरा मांगे जाने और 18 सितंबर तक की विस्तारित समय-सीमा (रिमाइंडर) दिए जाने के बावजूद एक दर्जन से अधिक विभागों ने अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।

केवल ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और भवन निर्माण विभाग ने ही अपनी रिपोर्ट भेजी है। विभागों द्वारा उपयोगिता और मांग का ब्योरा न दिए जाने से केंद्र के समक्ष राशि के दावे की प्रक्रिया और कमजोर पड़ रही है।

केंद्रीय सहायता और बजट की स्थिति

वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य: केंद्र सरकार से झारखंड को कुल ₹18,274 करोड़ मिलने पर सहमति बनी थी।

5 माह की वास्तविक प्राप्ति: 31 अगस्त तक मात्र ₹1,226 करोड़ (लगभग 6.7%) ही मिले।

विगत वर्षों का रुझान: पिछले वित्तीय वर्ष में भी ₹17,000 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग ₹11,000 करोड़ ही प्राप्त हुए थे। पिछले 10 वर्षों से केंद्रीय सहायता में लगातार कटौती का रुख देखा जा रहा है।

राज्य बजट व योजना व्यय: राज्य का मूल बजट ₹1,58,560 करोड़ और अनुपूरक बजट ₹8,399 करोड़ है। ₹1,00,891 करोड़ के योजना बजट के मुकाबले 5 माह में केवल ₹23,212 करोड़ (23%) ही खर्च हो सके हैं।

आंतरिक राजस्व संग्रह: ₹1,36,210 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र ₹43,808 करोड़ (लगभग 32%) की ही वसूली हो सकी है।

विभागों एवं योजनाओं पर असर

केंद्रांश में हो रही देरी और राज्य के आंतरिक संसाधनों की धीमी प्रगति के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं और सेवाएं प्रभावित हो रही हैं:

स्वास्थ्य विभाग: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, एड्स नियंत्रण, पीएम जन आरोग्य और स्वास्थ्य बीमा योजना का संचालन प्रभावित।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग: स्कूली बच्चों के लिए मुफ्त पोशाक और मिड-डे मील जैसी योजनाएं प्रभावित।

ग्रामीण कार्य विभाग: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सहित कई सड़क निर्माण परियोजनाएं ठप/धीमी।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग: जल जीवन मिशन (शहरी व ग्रामीण) की परियोजनाएं प्रभावित।

कल्याण विभाग: बिरसा योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित।

रोजगार, मानदेय व जनसुविधाएं: मनरेगा मजदूरी भुगतान, पारा शिक्षकों का मानदेय, कल्याण छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वच्छ भारत मिशन, पुलिस आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन के कार्य सीधे प्रभावित हो रहे हैं।

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