
फूलगोभी में फूल हुए आउटImage Credit source: x/@ashwinmuraliii
ऑनलाइन ग्रॉसरी ऐप से सब्जियां मंगाना आजकल काफी आम हो गया है. लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी जरूरत का सामान ऑर्डर कर लेते हैं. लेकिन कई बार डिलीवरी के बाद सामान देखकर ग्राहक का मूड खराब हो जाता है. ऐसा ही कुछ चेन्नई के रहने वाले अश्विन मुरली के साथ हुआ, जब उन्होंने Zepto से फूलगोभी ऑर्डर की.
ऑर्डर मिलने के बाद अश्विन ने जब पैकेट खोला तो उन्हें फूलगोभी से ज्यादा उसके पत्ते और डंठल नजर आए. उन्होंने इसकी तस्वीरें X पर शेयर करते हुए बताया कि उन्हें करीब 300 ग्राम पत्ते और डंठल मिले, जबकि खाने लायक फूलगोभी के फूलों का वजन सिर्फ 149 ग्राम था.
फूलगोभी मंगाई थी, पत्तों का पैकेज आ गया!
अश्विन ने इस एक्सपीरियंस पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि जब ग्राहक सब्जी के लिए पैसे दे रहा है, तो उसे इतनी खराब क्वालिटी का सामान क्यों मिलना चाहिए. उन्होंने अपनी पोस्ट में यहां तक लिख दिया कि ऐसी लूट से बेहतर तो सड़क पर भीख मांगना है.
मामला सिर्फ खराब सब्जी मिलने तक नहीं रुका. अश्विन ने बताया कि उन्होंने Zepto के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क कर रिफंड या रिप्लेसमेंट की मांग की, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली. उनके मुताबिक, कंपनी के कस्टमर-सपोर्ट बॉट ने उनकी शिकायत को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें ईमेल करने के लिए कहा. इसके बाद उन्हें एक ऑटोमेटेड जवाब मिला. इसमें कहा गया कि डिलीवर की गई फूलगोभी की जांच की गई है और वह कंपनी के तय क्वालिटी स्टैंडर्ड के मुताबिक है. बॉट ने असुविधा के लिए माफी भी मांगी, लेकिन साथ ही साफ कर दिया कि इस ऑर्डर पर रिफंड या रिप्लेसमेंट नहीं दिया जा सकता.
अश्विन की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई. देखते ही देखते लोगों ने इस पर मजेदार कमेंट करने शुरू कर दिए. कई यूजर्स ने ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी से जुड़े अपने एक्सपीरियंस भी शेयर किए. कुछ लोगों ने कहा कि ताजी सब्जियों के मामले में ऑनलाइन खरीदारी करते समय ऐसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं, क्योंकि ग्राहक डिलीवरी से पहले सामान को खुद देखकर नहीं चुन सकता. एक यूजर ने पूरे मामले पर मजेदार अंदाज में लिखा कि Zepto फूलगोभी भेजना ही भूल गया और सिर्फ ‘फ्लावर’ भेज दिया. इस कमेंट पर भी लोगों ने खूब मजे लिए. हालांकि, कई यूजर्स ने इस घटना को मजाक से आगे बढ़ाकर एक गंभीर सवाल से जोड़ा. उनका कहना था कि ताजी सब्जियों की खरीदारी के लिए स्थानीय सब्जी मंडी या किसानों के बाजार जाना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है. वहां ग्राहक खुद सब्जी देखकर उसकी क्वालिटी और मात्रा का अंदाजा लगा सकता है.
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इस बीच Zepto ने भी अश्विन की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी. कंपनी ने X पर जवाब देते हुए कहा कि वह मामले को देख रही है और जांच के दौरान ग्राहक से थोड़ा इंतजार करने को कहा. फूलगोभी से शुरू हुआ यह मामला अब सोशल मीडिया पर ऑनलाइन सब्जी खरीदने के अनुभव और कंपनियों की क्वालिटी चेक प्रक्रिया को लेकर चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ग्राहक को 300 ग्राम पत्ते-डंठल और सिर्फ 149 ग्राम फूलगोभी मिले, तो क्या इसे वाकई ‘क्वालिटी स्टैंडर्ड’ कहा जा सकता है?
यहां देखिए पोस्ट
Ordered a cauliflower from @ZeptoNow @zeptocares. This is how they delivered it! It is better to beg on the streets than this kind of looting!!!! When I complained, the customer bot blatantly rejected & asked to send an email! The main culprit is the lack of proper regulations. https://t.co/f3yimTZ2RI
— Ashwin Murali (@ashwinmuraliii) October 6, 2026

आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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