Updated: Tuesday, August 25, 2026, 17:07 [IST]
Rahul Dravid: भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की राह फिलहाल थोड़ी मुश्किल जरूर हो गई है लेकिन राहुल द्रविड़ ने टीम की उम्मीदों पर पानी नहीं फेरा है। पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि मौजूदा भारतीय टीम में इतनी क्षमता है कि वह अभी भी वापसी कर सकती है।
द्रविड़ ने जियोस्टार से बातचीत में भारत के WTC फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि टीम इस समय रेस में थोड़ा पीछे है, लेकिन उसकी क्वालिटी को देखते हुए उसे इतनी जल्दी दावेदारी से बाहर करना सही नहीं होगा।
श्रीलंका के खिलाफ शुरुआत से खुश हैं द्रविड़
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की और दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम मजबूत स्थिति में है।
द्रविड़ के अनुसार श्रीलंका के खिलाफ मिली अच्छी शुरुआत भारत के लिए एक सकारात्मक कदम है। हालांकि आगे की राह में टीम के सामने कहीं ज्यादा मुश्किल मुकाबले आने वाले हैं। WTC फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को अपने बाकी मैचों में लगातार अच्छे नतीजे हासिल करने होंगे।
न्यूजीलैंड में युवा खिलाड़ियों की होगी परीक्षा
भारत का अगला बड़ा टेस्ट अक्टूबर में न्यूजीलैंड दौरे पर होगा। टीम वहां दो टेस्ट मैच खेलेगी और द्रविड़ को लगता है कि यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं रहने वाली। युवा खिलाड़ियों के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियां नई चुनौती होंगी। उन्होंने कहा कि टीम में ऐसे कई युवा हैं, जिन्हें वहां टेस्ट क्रिकेट खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है। ऐसे में परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालना उनके लिए बड़ी परीक्षा होगी।
अनुभव की कमी का किया जिक्र
द्रविड़ ने भारतीय टीम में अनुभव की कमी का मुद्दा भी उठाया। विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद टीम अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ रही है। न्यूजीलैंड जैसे मुश्किल विदेशी दौरे पर इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी निश्चित तौर पर मददगार होती। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में भारतीय खिलाड़ी फिट रहें और टीम को ज्यादा चोटों का सामना न करना पड़े।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी होगी बड़ी टक्कर
न्यूजीलैंड के बाद भारत को जनवरी 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा पीढ़ी के कई खिलाड़ी भारत में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल नहीं हुए हैं। ऐसे में वह भारतीय जमीन पर खुद को साबित करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।